मेरठ में 1 करोड़ की रंगदारी का मामला:रिटायर इंस्पेक्टर ने CM व DGP को ट्ववीट कर दी जानकारी, एक आरोपी को पुलिस ने उठाया

मेरठ24 दिन पहले
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रिटायर्ड इंस्पेक्टर सुदेश भा� - Dainik Bhaskar
रिटायर्ड इंस्पेक्टर सुदेश भा�

मेरठ में रहने वाले दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड इंस्पेक्टर से एक करोड़ रुपए की रंगदारी के मामले में आखिर पुलिस की नींद टूट गई। पीड़ित ने यूपी के सीएम व डीजीपी को अपने ट्विवटर से जानकारी दी। जिसके बाद मेरठ पुलिस हरकत में आई और जागृत विहार निवासी एक आरोपी को पुलिस ने उठा लिया। पीड़ित की तरफ से ढाई माह पहले भी एक FIR मेडिकल थाने में दर्ज कराई थी। जांच में सामने आया की इंस्पेक्टर के खातों से आरोपी के खातों में लेनदेन हुआ है। आरोपी लगातार रिटायर्ड इंस्पेक्टर को हत्या की धमकी दे रहे थे।

मेडिकल थाना क्षेत्र के साउथ एक्सटेंशन निवासी सुदेश सिंह भाटी दिल्ली पुलिस में इंस्पेक्टर रहे। 2006 में उन्होंने दिल्ली पुलिस से त्यागपत्र दे दिया था। सुदेश सिंह भाटी की पत्नी की कुछ साल पहले मौत हो चुकी है। इस समय वह अपने परिवार के साथ अपने घर में अकेले रह रहे हैं, बेटा लंदन में इंजीनियर है। पीडि़त रिटायर्ड इंस्पेक्टर का कहना है की जागृति विहार रहने वाला एक अपराधिक प्रवृत्ति का युवक अपने साथी के साथ मिलकर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांग रहा है, कभी घर पर आकर धमकी दी जाती है तो कभी जब मैं घर से बाहर निकलता हूं तो धमकी दी जाती है।

26.5 लाख रुपए ले चुका है विकास
पीड़ित रिटायर्ड इंस्पेक्टर ने बताया की आरोपी मुझसे 46 लाख रुपये व हड़प चुके हैं। उन्हें पता है की मेरे पास संपत्ति है, इसलिए लगातार मेरा पैसा हड़पने के लिए धमकी दे रहे हैं। मैं उन्हें एक कार भी दे चुका हूं, दोनों आरोपियों ने मेरा जीना दुश्वार कर रखा है, मैं न तो मर सकता और न ही जी सकता। कभी घर में आकर धमकी देते हैं तो बाहर निकलूं तो मुझे धमकी दी जाती है। मेडिकल पुलिस ने बताया की एक आरोपी विकास से पूछताछ की जा रही है, विकास के खाते में 26.5 लाख रुपये का ट्रांजिक्शन मिला है।

सीएम आवास के सामने आत्मदाह की दी थी धमकी
रिटायर्ड इंस्पेक्टर सुदेश भाटी ने बताया की दो माह पहले भी मेडिकल थाने में आरोपियों पर एक मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की। शनिवार को आरोपियों ने एक करोड़ रुपये मांगे, घर आकर हत्या की धमकी दी। पीड़ित ने मुख्यमंत्री को ट्वविट करते हुए कहा की यदि इंसाफ न मिला तो लखनऊ में सीएम आवास के सामने ही आत्मदाह कर लूंगा। शनिवार को जैसे ही यह मामला यूपी के डीजीपी मुकुल गोयल तक पहुंचा तो मेरठ पुलिस एक्शन में आई, जिसके बाद शनिवार रात को ही पुलिस ने एक आरोपी विकास को हिरासत में ले लिया, दूसरे आरोपी की पुलिस तलाश कर रही है।