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महापंचायत से पहले भाकियू में बड़ा बदलाव:75 जिलाध्यक्ष और 18 मंडलाध्यक्षों को पद से हटाया, किसान आंदोलन में सहयोग न देने पर राकेश टिकैत का बड़ा फैसला

मेरठ16 दिन पहले
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भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत ने अहम फैसला लेते हुए प्रदेशाध्यक्ष छोड़कर सभी 75 जिलाध्यक्ष, 18 मंडलाध्यक्षों सहित महिला, युवा प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों को हटा दिया है। (राकेश टिकैत-फोटो) - Dainik Bhaskar
भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत ने अहम फैसला लेते हुए प्रदेशाध्यक्ष छोड़कर सभी 75 जिलाध्यक्ष, 18 मंडलाध्यक्षों सहित महिला, युवा प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों को हटा दिया है। (राकेश टिकैत-फोटो)

किसान महापंचायत से पहले भाकियू में बड़ा बदलाव हुआ है। भाकियू की प्रदेश, जिला स्तरीय सभी कमेटियों और सेल्स (प्रकोष्ठों) को भंग कर दिया गया है। अब नए सिरे से समितियां गठित होंगी और पदों का बंटवारा होगा। किसान आंदोलन में सक्रिय रहने वाले किसानों को ही अहम पदों की जिम्मेदारी दी जाएगी।

भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत ने अहम फैसला लेते हुए प्रदेशाध्यक्ष छोड़कर सभी 75 जिलाध्यक्ष, 18 मंडलाध्यक्षों सहित महिला, युवा प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों को हटा दिया है। किसान आंदोलन में 75 में से केवल 15 जिलों का सहयोग मिल रहा था, इसलिए यह फैसला लिया है।

किसान आंदोलन में सहभागिता के आधार पर पद
पिछले 7 महीनों से गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों का धरना-प्रदर्शन चल रहा है। मेरठ टोल पर भी किसान 47 दिन से धरनारत हैं। अन्य जिलों में भी किसानों का धरना जारी है। धरने में जिन चेहरों ने सहयोग दिया है, उन्हें अहम पदों पर रखा जाएगा। 05 सितंबर को होने वाली महापंचायत में नए संगठन नए पदाधिकारियों के साथ आंदोलन की आगामी रणनीति तय होगी। भाकियू महापंचायत में कृषि कानून के खिलाफ सरकार का विरोध करने और 2022 में भाजपा को हराने के लिए नया एक्शन प्लान बनाएगी।

शुरू हुई पुर्नगठन प्रक्रिया
प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन ने बताया कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने यह फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश के अन्तर्गत सभी कमेटीयो को भंग करके पुनर्गठन की प्रकिया को शुरू की है। प्रदेश स्तर पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय नेतृत्व ने यूपी की प्रदेश कमेटी, मंडल कमेटी और जिला कमेटीयों समेत समस्त सेल्स ( युवा सेल, महिला सेल आदि) को भंग कर दिया गया है।

जादौन ने कहा कि किसान आंदोलन मे भाकियू नेताओं, पदाधिकारीयों, कार्यकर्ताओं की भागीदारी और सक्रियता के आधार पर पूरी पारदर्शिता के साथ पुनर्गठन किया जाएगा। जिससे प्रदेश में भारतीय किसान यूनियन की एक मजबूत टीम का गठन होगा।

संगठन की मजबूती के लिए जरूरी है
मेरठ भाकियू के जिलाध्यक्ष मनोज त्यागी ने बताया कि संगठन की मजबूती के लिए लिया गया है। राष्ट्रीय नेतृत्व का फैसला सराहनीय है, इससे यूनियन के लिए लगातार संघर्षशील, आंदोलनरत और सक्रिय कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। भारतीय किसान यूनियन की ताकत मे बढ़ोत्तरी होगी। भ्राकियू नेता जकुमार करनावल ने बताया कि 5 सितंबर को मुजफ्फरनगर किसान महापंचायत होगी, जिसमें आंदोलन की आगे की रणनीति तय होनी है। उससे पहले सेल बन जाएंगे।

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