डॉक्टर पर एफआईआर प्रकरण में आईएमए ने उठाए सवाल:12 साल की बच्ची से अश्लील हरकत करने का आरोप, आईएमए के पदाधिकारी एडीजी से मिलेंगे

मेरठ5 महीने पहले
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यह डॉक्टर गगन हैं, जिनके खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। लेकिन डॉक्टर ने पुलिस से अपने को निर्दोष बताया है। - Dainik Bhaskar
यह डॉक्टर गगन हैं, जिनके खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। लेकिन डॉक्टर ने पुलिस से अपने को निर्दोष बताया है।

मेरठ में 12 साल की बच्ची से एक डॉक्टर पर अश्लील हरकत करने का आरोप लगाया है। जिसमें थाने में एफआईआर दर्ज कराई है कि इलाज के बहाने डॉक्टर ने बच्ची के प्राइवेट पार्ट को भी छुआ। गंगानगर पुलिस ने आरोपी डॉक्टर गगन अग्रवाल के खिलाफ धारा 376 (3 ) और पॉस्को के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

लेकिन इस मामले में आईएमए मेरठ के पदाधिकारियों ने पुलिस अधिकारियों से कहा है कि यह गलत आरोप हैं, कैमरे के सामने इस तरह की हरकत डॉक्टर नहीं कर सकता है।

इलाज के लिए मामा के साथ गई थी बच्ची

मेरठ के थाना गंगा नगर क्षेत्र में डॉक्टर गगन अग्रवाल का अपने नाम से क्लीनिक है। 12 सितंबर को एक शिक्षिका की 12 साल की बेटी अपने मामा के साथ डॉक्टर के क्लीनिक इलाज कराने पहुंची। आरोप है कि इलाज के बहाने डॉक्टर गगन बच्ची को क्लीनिक में अंदर कमरे में ले गए।

बच्ची के प्राइवेट पार्ट के साथ छेड़छाड़ की। बच्ची ने घर पहुंचने पर अपने परिजनों को बताया। बच्ची की मां ने गंगानगर थाने में आरोपी डॉक्टर गगन अग्रवाल के खिलाफ तहरीर दी। जिस पर डॉक्टर गगन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

सीसी टीवी फुटेज पुलिस ने देखी

एसपी देहात केशव कुमार ने बताया कि पूरे मामले में जांच की जा रही है। तहरीर के आधार पर डॉक्टर पर एफआईआर दर्ज की गई। सीसी टीवी फुटेज में देखा गया है कि डॉक्टर ने बच्ची के प्राइवेट पार्ट को छुआ। लेकिन बाद में बच्ची ने अपने घर जाकर अपनी नानी को यह बात बताई।

आईएमए के अध्यक्ष और अन्य डॉक्टर एडीजी से मिलेंगे

डॉक्टर गगन अग्रवाल पर छेड़छाड़ के कथित प्रकरण मामले में आईएमए के पदाधिकारी बृहस्पतिवार को एडीजी मेरठ से मिलेंगे। इससे पहले बुधवार को एसएसपी मेरठ रोहित सजवाण से मिले। जहां एसएसपी ने जांच का आश्वासन दिया।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन मेरठ की अध्यक्ष डॉ रेणू भगत, सचिव डॉ अनुपम सिरोही, पूर्व सचिव डॉ मनीषा त्यागी, डॉ शिशिर कुमार जैन ने एसएसपी से कहा कि यह मामला बिना जांच के दर्ज किया गया है। बच्ची की उम्र 12 साल है। डॉक्टर ने अपने केबिन में ही बच्ची का चेकअप किया। वहां पर कैमरे भी लगे हुए हैं।

बच्ची को दूसरे कमरे में ले जाने का आरोप गलत है। बच्ची के कपड़े भी नहं उतारे गये। सिर्फ 40 सेकेंड में बच्ची को चेकअप किया गया और वह बाहर आ गईं। बच्ची थी इसलिए महिला नर्स को नहीं बुलाया गया।

ऐसे तो डॉक्टर इलाज करना बंद कर देंगे

पूर्व सचिव डॉ मनीषा त्यागी ने कहा कि डॉक्टर ने खुद अपने केबिन की वीडियो पुलिस को उपलब्ध कराई। डॉक्टर गगन एक प्रतिष्ठित डॉक्टर हैं, जो बाल रोग विशेषज्ञ हैं। डॉक्टर की छवि धूमिल की जा रही है। सीसी टीवी कैमरे की फुटेज सुरक्षित है, उसमें छेड़छाड़ का मामला नहीं है। ऐसे तो डॉक्टर मरीजों और बच्चों का इलाज करना बंद कर देंगे। आईएमए अपनी बात शासन तक भी रखेगा।

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