टिकट मिला नहीं और ठोक दी ताल:प्रत्याशी घोषित होने से पहले ही बीजेपी के मंत्री दिनेश खटीक ने खरीदा नामांकन, शाहिद मंजूर, सपना सोम ने भी लिया पर्चा

मेरठ8 महीने पहले
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पहले चरण के नामांकन के पहले दिन कोई नामांकन पत्र जमा नहीं हुआ। - Dainik Bhaskar
पहले चरण के नामांकन के पहले दिन कोई नामांकन पत्र जमा नहीं हुआ।

मेरठ में हस्तिनापुर सीट से भाजपा विधायक व बाढ़ नियंत्रण एवं सिंचाई राज्यमंत्री दिनेश खटीक ने चुपचाप सहयोगी को भेजकर अपना नामांकन पत्र खरीदा है। भाजपा ने पहले चरण के चुनावों के उम्मीदवारों की लिस्ट अभी जारी नहीं की है। लेकिन संगठन की सूची से पहले वर्तमान विधायक ने हस्तिनापुर सीट से अपना टिकट पक्का होने का संकेत दे दिया है। विधायक ने नामांकन के पहले दिन ही अपना नामांकन पत्र खरीदा। वहीं पहले चरण के नामांकन के पहले दिन कोई नामांकन पत्र जमा नहीं हुआ।

सरधना से सपना सोम की कांग्रेस से दावेदारी
सरधना से सपना सोम ने कांग्रेस से दावेदारी पेश करते हुए पर्चा लिया है। हालांकि, पार्टी ने अभी तक सपना के नाम की घोषणा नहीं की है। यहां से कांग्रेस के सैय्यद रेहानउद्दीन ने भी पर्चा लिया है। बसपा के संजीव धामा के अलावा 2 निर्दलियों ने भी पर्चा लिया। इसी तरह हस्तिनापुर से बसपा के संजीव कुमार ने पर्चा लिया, यहां सपा ने अब तक प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। प्रभुदयाल वाल्मीकि और योगेश वर्मा को सपा से टिकट मिलने की चर्चा है, लेकिन नामांकन डॉ. हरविंद कुमार ने लिया। किठौर से सपा प्रत्याशी शाहिद मंजूर ने फार्म लिया।

मेरठ से 47 नामांकन पत्र बिके
मेरठ की 7 सीटों पर पहले दिन 47 नामांकन फार्म खरीदे गए। सर्वाधिक नामांकन कैंट सीट पर लिए गए हैं। 34 कैंडिडेट ने 47 पत्र लिए। सिवालखास में 3, सरधना में 5 लोगों ने 10, हस्तिनापुर में 5, किठौर में 5 लोगों ने 9, कैंट में 5 लोगों ने 9, शहर में 4 और दक्षिण में 7 नामांकन फार्म खरीदे गए।

वेस्ट यूपी की 30 सीटों पर कोई नामांकन नहीं
उत्तर प्रदेश में पहले चरण के विधानसभा चुनाव में नामांकन के पहले दिन रिटर्निंग अफसरों के रजिस्टर के पन्ने कोरे रह गए। सुबह 11 बजे से देर शाम तक कोई प्रमुख नेता नामांकन पत्र लेने भी नहीं पहुंचा। वेस्ट यूपी की 30 सीटों पर नामांकन के लिए पहले दिन कोर्ट खाली पड़े रहे। अफसर प्रत्याशियों के इंतजार में बैठे रहे। हापुड़, गाजियाबाद, शामली, मुजफ्फरनगर, नोएडा से कोई प्रत्याशी नामांकन दाखिल करने नहीं पहुंचा।

75 फीसद टिकटों की घोषणा बाकी
नामांकन फार्म खरीदने और जमा करने की सुस्त रफ्तार का बड़ा कारण प्रत्याशियों का न होना है। अभी किसी भी दल ने पूरे टिकट जारी नहीं किए हैं। 30 सीटों पर 75 फीसद टिकट अभी तक घोषित नहीं हुए हैं। भाजपा की कोई लिस्ट अभी तक नहीं आई है। बसपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने भी कुछ टिकट घोषित किए हैं। सपा-रालोद गठबंधन के भी आधे से कम टिकट जारी हुए हैं।