स्विंग के जादूगर भुवनेश्वर के कोच का इंटरव्यू:भुवी को बॉलिंग सिखाने वाले जय रस्तोगी बोले- मुश्किल मौकों पर दमदार प्रदर्शन है मेरठ एक्सप्रेस की ताकत

मेरठएक महीने पहलेलेखक: शालू अग्रवाल
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टी-20 वर्ल्ड कप में भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण के सबसे अनुभवी सदस्य भुवनेश्वर कुमार हैं। उनकी हालिया फॉर्म बहुत अच्छी नहीं रही है। लेकिन, उनके शुरुआती कोच संजय रस्तोगी का मानना है कि सिर्फ उनके नंबर्स को मत देखिए। यह देखिए कि कप्तान और टीम मैनेजमेंट का उनपर इतना भरोसा क्यों है। जब टीम के लिए सबसे मुश्किल ओवर डालने की बारी आती है तो कप्तान भुवी को गेंद थमाते हैं। ज्यादातर मौकों पर वे अपना काम बखुबी करते हैं। इसलिए टीम में उनकी अहमियत है और वे इसे एक बार फिर वर्ल्ड कप में साबित करेंगे।

स्विंग गेंदबाजी के जादूगर भुवनेश्वर ने मेरठ में क्रिकेट सीखी है। यहां विक्टोरिया पार्क के भामाशाह मैदान पर रस्तोगी की देखरेख में उन्होंने क्रिकेट और फास्ट बॉलिंग की ABCD सीखी है।रस्तोगी का कहना है कि जब बैट्समैन को खुलकर खेलने और आक्रामक बल्लेबाजी की जरूरत होती है तब भुवी को गेंदबाजी मिलती है। बल्लेबाज का जोर ज्यादा से ज्यादा रन जल्दी बनाने पर होता है। भुवी का काम बल्लेबाज की मकसद को फेल करना होता है। इसलिए लोगों का लग सकता है कि भुवी IPL में अपना बेस्ट नहीं दे पाए, मगर टीम मैनेजमेंट को उन पर कितना भरोसा है इस पर भी ध्यान देने की जरूरत है। कोच को उम्मीद है कि उनका शिष्य T-20 में शानदार प्रदर्शन करेगा। रस्तोगी ने दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत की। पढ़िए उन्होंने क्या कहा?

T-20 वर्ल्ड कप में भुवनेश्वर से क्या उम्मीदें हैं?
भुवनेश्वर हमेशा कंसिस्टेंट परफॉर्मर रहा है। पाकिस्तान के खिलाफ हर मैच में उसने बेस्ट दिया है। टी-20 ऐसा गेम है जिसमें एक ओवर से टीम माइनस, प्लस हो जाती है। टीम मैनेजमेंट को भुवी पर भरोसा है तो इसके पीछे कोई कारण होगा। भुवी लगातार अच्छा खेल रहा है। बीच में हेल्थ इश्यू के कारण उसको खेलने में दिक्कत रही, लेकिन अब सब ठीक है और वो टी-20 में अच्छा करेगा

किस कंडीशन, किस सरफेस पर गेम हो रहा है इस पर निर्भर करता है। 40 प्लस तापमान है, ड्राय विकेट हैं, उस हालात में उसका बॉलिंग औसत 6 से 7 रहा है। दूसरे गेंदबाजों को देखें तो उनसे बेहतर है। हमारी उम्मीदें हमेशा ज्यादा होती है, लेकिन हालात भी देखना चाहिए।

भारतीय क्रिकेट टीम के स्विंग मास्टर भुवनेश्वर कुमार
भारतीय क्रिकेट टीम के स्विंग मास्टर भुवनेश्वर कुमार

इंटरनेशनल क्रिकेट, आईपीएल दोनों का प्रेशर कितना अलग होता है?
इंटरनेशनल क्रिकेट, आईपीएल दोनों अलग हैं। IPL में लीग मैच होते हैं एक हारा दूसरा जीत लिया, लीग मैच में प्रेशर कम होता है, लेकिन वर्ल्ड कप में कंट्री के लिए मैच होता है। खिलाड़ी देश के लिए खेलता है। इसमें डिफरेंट तरह का प्रेशर होता है।

टीम गेम में पूरी टीम को एफर्ट करना होता है जो टीम को जिताता है। बोर्ड ने पूरी रणनीति के साथ टीम बनाई है, उसी के तहत भुवनेश्वर को रखा है। इंग्लैंड टूर में जब भुवी को नहीं लेकर गए तो विवाद भी चला था। सिलेक्टर्स के मन में पहले से तय था कि उनको भुवी को वर्ल्ड कप के लिए रखना है।

स्विंग मास्टर की गेंदों में अब कंसिस्टेंसी की कमी दिखती है?
यह सच नहीं है, जितना दूसरे गेंदबाजों से भुवी को कंपेयर करें तो देखेंगे कि विपरीत हालातों में भी भुवी अच्छा फेंकते हैं। जो हालात फास्ट बॉलिंग के लिए अच्छे नहीं हैं वहां भी भुवनेश्वर ने बेस्ट किया है।

शार्दूल, चाहर ऐसे नाम हैं जो बैटिंग में भी अच्छे हैं, क्या भुवी उसमें पीछे हैं?
भुवनेश्वर का अगर ट्रैक रिकार्ड चेक करें तो भुवी ने बैटिंग में भी अच्छा किया है। जितने फिफ्टीज भुवनेश्वर के हैं उतनी किसी और बॉलर के नहीं है, लेकिन मायने ये रखता है कि बैटिंग कब मिल रही है इस पर निर्भर करता है।

भुवी को जब भी मौका मिला उसने दोनों हाथों से लपका है। इंग्लैंड में जब भी मौका मिला उसने बेस्ट किया। उसे अच्छे ऑलराउंडर के रूप में जाना जाता है। टीम में बैटिंग इस समय इतनी अच्छी चल रही है कि 90% मैचों में तो बैटिंग ही नहीं मिलती। जब दो या तीन ओवर के लिए मिलती है तो वो अच्छा करता है। डोमेस्टिक मैचों में उसकी सेंचुरी है। रणजी, दिलीप ट्राफी में उसने बेस्ट किया। टेस्ट मैच में भी उसने अच्छी पार्टनरशिप की है।

क्या वर्ल्ड कप में जाने से पहले भुवनेश्वर ने आपसे कोई सलाह ली?
भुवनेश्वर जब भी मेरठ आते हैं मेरे पास आते हैं इसी मैदान पर अभ्यास भी करते हैं। अभी क्रिकेट बोर्ड से उन्हें गाइडेंस मिल रहा है, फिर भी जहां जरूरत होती है वो बात करते हैं। वर्ल्ड कप में भी भुवनेश्वर बेहतरी से खेलेंगे, पूरी स्ट्रेटजी से खेलेंगे।

भुवनेश्वर स्पीडअप नहीं लगते क्या खास वजह?
ऐसा नहीं है भुवनेश्वर मौसम, माहौल में ढलते हुए बेहतरीन परफार्म करते हैं। वो स्विंग मास्टर हैं वही उनकी खूबी है। उसमें कोई कमी नहीं है। पिच पर जैसी जरूरत हो भुवनेश्वर करते हैं यही UAE में भी दिखेगा।

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