लखनऊ अलाया अपार्टमेंट हादसा हिरासत में पूर्व मंत्री का बेटा:मेरठ सपा विधायक शाहिद मंजूर के घर देर रात पहुंची पुलिस, बेटे नवाजिश को लखनऊ ले गई

मेरठ9 दिन पहले
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लखनऊ में मंगलवार को हुए अलाया अपार्टमेंट हादसे में अखिलेश यादव की सरकार में श्रम राज्य मंत्री रहे शाहिद मंजूर का परिवार फंस गया है। शाहिद मंजूर के बेटे नवाजिश और भतीजे को हादसे का जिम्मेदार बताया जा रहा है। हादसे का शिकार हुई महिला ने शाहिद मंजूर उसके बेटे का नाम लिया। वहीं लखनऊ से इनपुट के बाद मेरठ में देर रात पुलिस शाहिद मंजूर के जलीकोठी स्थित घर पर पहुंची। वहां शाहिद और नवाजिश से काफी देर पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद पुलिस नवाजिश को देर रात ही लखनऊ ले गई है। जहां आज उससे पूछताछ होगी। वहीं पुलिस ने विधायक के परिवार को शहर न छोड़ने का नोटिस भी दिया है।

मेरठ में देर रात सपा विधायक पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर के जलीकोठी घर पर पहुंची पुलिस, सफेद कुर्ते में किठौर विधायक शाहिद मंजूर हैं
मेरठ में देर रात सपा विधायक पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर के जलीकोठी घर पर पहुंची पुलिस, सफेद कुर्ते में किठौर विधायक शाहिद मंजूर हैं

चर्चा है कि जो अलाया अपार्टमेंट गिरा है वो सपा सरकार के पूर्व मंत्री कद्दावर नेता शाहिद मंजूर के बेटे व भतीजे तारिक की जमीन पर खड़ा किया गया था। अपार्टमेंट बनाने का काम बदनाम बिल्डर याजदान को दिया गया था। इसका एग्रीमेंट पूर्व मंत्री के बेटे व भतीजे ने बिल्डर फहद यजदानी से किया था। इसके बाद दोनों में फ्लैट बांटे गए थे। लखनऊ से निर्देश के बाद मेरठ पुलिस देर रात विधायक के बेटे को उठा लाई। लेकिन उसका भतीजा तारिक अभी फरार है। तारिक को पकड़ने के लिए देर रात पुलिस ने किठौर और माछरा में छापेमारी की लेकिन वो नहीं मिला। शाहिद मंजूर ने पुलिस को आश्वासन दिया है कि वो भतीजे को सामने लाएंगे।

मंत्री बोले बेटे, भतीजे ने खरीदी थी जमीन

देर रात शाहिद मंजूर के घर पहुंची तीन थानों की पुलिस
देर रात शाहिद मंजूर के घर पहुंची तीन थानों की पुलिस

सपा के पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर ने इस संबंध में बताया कि हजरतगंज में 3885 वर्गफीट जमीन उनके बेटे और भतीजे ने 2003 में खरीदी थी। इसके बाद याजदान बिल्डर्स से एग्रीमेंट हुआ। बिल्डर ने अपना हिस्सा बेच दिया था। मेरे बेटे व भतीजे का हिस्सा मिल गया था। बताया कि उनके फ्लैट और ऑफिस भी इस अपार्टमेंट में है।

इस तरह हुआ था पूरा सौदा

ये तस्वीर सपा विधायक शाहिद मंजूर और उनके बेटे नवाजिश की है।
ये तस्वीर सपा विधायक शाहिद मंजूर और उनके बेटे नवाजिश की है।

2003 में मंत्री के बेटे नवाजिश और भतीजे तारिक ने इस जमीन को खरीदा था। नवाजिश मंजूर की याजदानी बिल्डर के संचालक फहद याजदानी ने खासी दोस्ती है। इसके चलते मंत्री के बेटे और भतीजे ने याजदान बिल्डन से एग्रीमेंट कर लिया। एग्रीमेंट के बाद याजदान बिल्डर ने इमारत बनवाई। इमारत में पेंटा हाउस और चौथी मंजिल का फ्लैट शाहिद मंजूर का था। नवाजिश ने अपनी बेटी के नाम पर इस बिल्डिंग का नाम अलाया रखा था।

मंत्री की बेटी ने एक महीने पहले खाली किया फ्लैट

इमारत गिरने के बाद मोके पर बचाव कार्य करती टीमें।
इमारत गिरने के बाद मोके पर बचाव कार्य करती टीमें।

अपार्टमेंट में शाहिद मंजूर के हिस्से में दो फ्लैट थे। एक फ्लैट मंत्री की बेटी-दामाद को मिला। जिसे उसने एक महीने पहले खाली किया है। फ्लैट नंबर 401 अभी शाहिद के पास था। मेरठ से लखनऊ जाकर इसमें परिवार रुकता भी था। शाहिद के बेटे नवाजिश ने भूतल पार्किंग में अपना कार्यालय भी बना रखा था, जिसमें एक हिस्सा याजदान बिल्डर्स भी प्रयोग कर रहा था। बेचे गए फ्लैटों की रजिस्ट्री पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर के बेटे नवाजिश व भतीजे तारिक के नाम से की गई है। इससे भी उनकी पार्टनरशिप इसमें सामने आ रही है। शाहिद मंजूर ने पेंटा हाउस सपा राष्ट्रीय प्रवक्ता अब्बास हैदर को बेच दिया था।
याजदान बिल्डर वेस्ट यूपी के बड़ापुर से लड़ा चुनाव

इस तस्वीर में सपा विधायक और उनका बेटा अखिलेश यादव के साथ नजर आ रहे हैं।
इस तस्वीर में सपा विधायक और उनका बेटा अखिलेश यादव के साथ नजर आ रहे हैं।

जिस याजदान बिल्डर फहद याजदानी ने इसे बनवाया वो वेस्ट यूपी के बडापुर सीट से 2017 में विधानसभा चुनाव भी बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुका है। । बिल्डर फहद याजदानी को हालांकि इस चुनाव में बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था। सपा विधायक शाहिद मंजूर से भी उसके नजदीकी संबंध बताए जा रहे हैं। 50,684 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहा। स्थानीय बसपा नेताओं का कहना है कि फहद यजदानी बिल्डर है और लखनऊ के रहने वाले हैं। चुनाव लड़ने से तीन चार महीने पहले यजदानी बिजनौर आए थे। उन्होंने अफ जलगढ़ में अपना कार्यालय बनाया था। चुनाव हारने के बाद उनका क्षेत्र से कोई वास्ता नहीं रहा। 2022 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया था। यजदानी ने नामांकन के समय दिए गए शपथ पत्र में अपनी शैक्षिक योग्यता आठवीं पास बताई थी। अपना व्यवसाय कंस्ट्रक्शन और बिल्डर बताया था।

फ्लैट में रहने वालों ने लिया शाहिद का नाम

लखनऊ कृष्णानगर निवासी रंजना अवस्थी की बेटी आलोका अवस्थी वजीर हसन रोड के इमारत के फ्लैट नंबर 301 में रहती थी। पहली मंजिल में 101 नंबर का फ्लैट खाली था। 202 में एक अन्य परिवार शबाना का रहता था। नियमानुसार इमारत की तीन फ्लोर ही वैध थीं। जबकि थर्ड फ्लोर के ऊपर बनी चौथी मंजिल और पेंटाहाउस अवैध तरीके से बना था।

बेसमेंट में पाइप डलवाने के कारण हादसा

युवती का आरोप है कि मेरठ के शाहिद मंजूर ने ही ये पेंटाहाउस बनवाया था। इतना ही नहीं ये भी बताया कि शाहिद मंजूर इमारत के बेसमेंट में पाइप डलवाने का काम करा रहे थे। पिछले तीन दिनों से ये काम चल रहा था। युवती ने इस बात का विरोध भी किया था। विरोध करने पर एक दिन पहले हंगामा भी हुआ।
शाहिद मंजूर से भी पूछताछ, याजदान बिल्डर ने किया था कंस्ट्रक्शन
लखनऊ से इनपुट मिलने के बाद मामले में पूछताछ के लिए मेरठ पुलिस भी देर रात शाहिद मंजूर के घर पहुंची। उनके बेटे नवाजिश मंजूर से पुलिस ने पूछताछ की। फिर उन्हें लखनऊ ले जाया गया। पूछताछ में सामने आया कि जिस अलाया अपार्टमेंट में हादसा हुआ वो बिल्डिंग याजदान बिल्डर ने बनाई थी।