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मुरादाबाद के नईम से सीखें सियासत'दान':दो हिस्सों में बांटी अपनी तनख्वाह, आधी राम मंदिर को और आधी मस्जिद को कर दी दान

7 दिन पहले
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'हिंदू और मुस्लिम एक ही गाड़ी के दो पहिए हैं' - Dainik Bhaskar
'हिंदू और मुस्लिम एक ही गाड़ी के दो पहिए हैं'

मुरादाबाद के रहने वाले नईम आलम ने अपनी आधी सैलरी राम मंदिर के लिए तो आधी मस्जिद के लिए दान कर सर्व धर्म समभाव की मिसाल पेश की है।

2500 सैलरी...आधी-आधी बांट दी
देश में जहां कुछ सियासतदां वोटों की खातिर धर्म और जाति को सियासत में घसीटने से नहीं चूकते वहीं मुरादाबाद के एक ग्राम चौकदार ने नई मिसाल पेश की है। महज 2500 रुपये महीना पगार पाने वाले चौकीदार ने अपनी मई की पगार को दो बराबर हिस्सों में बांटकर अयोध्या में हो रहे राम मंदिर निर्माण और मस्जिद निर्माण को दान किया है।

ग्राम चौकीदार हैं नईम आलम
मझोला थाना क्षेत्र के गांव भोला सिंह की मिलक निवासी मोहम्मद नईम आलम मझोला थाने में ग्राम चौकीदार हैं। नईम का कहना है कि उन्हें शुरू से ही अपने पिता से यही सीख मिली है कि सभी को मिल-जुलकर रहना है। उन्होंने अपनी मई की तनख्वाह से 1250 रुपये मस्जिद निर्माण के लिए बन रहे इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन को दान दिए हैं तो इतनी ही रकम राम मंदिर निर्माण के लिए बने ट्रस्ट में भी जमा कराई है।

'ऐसी सोच से नफरत मिठाई जा सकती है'
नईम कहते हैं कि धर्म के नाम पर लड़ाने वालों को वह इंसान नहीं मानते। हिंदू और मुस्लिम एक ही गाड़ी के दो पहिए हैं और एक के बगैर दूसरा अधूरा है। नईम के पिता जमील अहमद और मां शकीला का कहना है कि उनके बेटे ने बहुत सही कदम उठाया है। बेशक छोटी सी रकम है लेकिन उसकी सोच बड़ी है। इसी सोच से नफरतों की आग को ठंडा किया जा सकता है।

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