मुजफ्फरनगर की दिव्या ने जीता ब्रॉन्ज:वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में USA की पहलवान को चटाई धूल, पिता बोले-बेटी ने कड़ी मेहनत से पाया ये मुकाम

मुजफ्फरनगर/मेरठ22 दिन पहले
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सर्बिया में चल रही वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में भारतीय पहलवान दिव्या काकरान ने तीसरा स्थान हासिल कर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। बेटी की जीत से पहलवान दिव्या के परिवार में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। पिता सूरज ने एक वीडियो जारी कर कहा कि मैंने लंगोट सीलकर और अपनी गृहस्थी बेचकर उसे इस मुकाम तक पहुंचाया है। बहुत खुशी हुई, जब बेटी की इस उपलब्धि के बारे में पता चला। दूसरी तरफ, पहलवान भाई देव को भाई दूज के पर्व पर यह पदक तोहफे के रूप में मिला।

बता दें, 1 से 7 नवंबर तक सर्बिया में वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप है। जिसमें दिव्या ने अंडर 23 कैटेगरी के 72 किलो वर्ग भार में भाग लिया। सर्बिया के बेलग्रेड में कुश्ती का यह मुकाबला हो रहा है। इसमें दुनियाभर के देशों से पहलवान पहुंचे हैं। शुक्रवार की रात 12 बजे मैच हुए। इसमें दिव्या ने USA की पहलवान कायला मरानो को धूल चटाकर भारत का मान बढ़ाया।

कुछ दिन पहले बेटी को मिला अर्जुन अवार्ड
हाल ही में दिव्या काकरान को भारत सरकार की ओर से अर्जुन अवार्ड देकर सम्मानित किया गया था। जिस दिन दिव्या चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए सर्बिया रवाना हुई, उसी दिन दिल्ली के अशोका होटल में अवार्ड सेरेमनी थी। खेल मंत्रालय की ओर से आयोजित सेरेमनी में दिव्या अपना सम्मान लेने नहीं पहुंच सकी। दिव्या की माताजी, पिताजी समारोह में शामिल हुए थे। खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने दिव्या को अर्जुन अवार्ड देकर सम्मानित किया।

वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में भारतीय पहलवान दिव्या ने USA की पहलवान कायला मरानो को धूल चटाया।
वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में भारतीय पहलवान दिव्या ने USA की पहलवान कायला मरानो को धूल चटाया।

पिता पहलवानों के लिए सिलते हैं आज भी लंगोट
वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में जीत के लिए दांव लगातीं दिव्या काकरान छोटी उम्र में ही पहलवानी में आगे बढ़ती रहीं। अपने संघर्ष से दिव्या काकरान मुजफ्फरनगर का गौरव बन चुकी हैं। मुश्किल हालातों से निकल कर दिव्या ने खेलों में खुद को स्थापित किया है। दिव्या के पिता आज भी पहलवानों के लंगोट सिलने का काम करते हैं।

पहलवान दिव्या ने भाई को दिया भाई-दूज का गिफ्ट
वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर दिव्या काकरान ने एक तरफ भारत का नाम रोशन किया। दूसरी तरफ, भाई देव को भाई दूज के पर्व पर यह पदक तोहफे में दिया। दिव्या के भाई भी पहलवानी करते हैं। बहन को इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए देव ने काफी चुनौतियों का सामना किया है। अपनी पहलवानी छोड़ बहन को खेलों में आगे बढ़ाया है।

पहलवान दिव्या के पिता सूरज व उनकी मां संयोगिता ने वीडियो जारी कर जाहिर की खुशी।
पहलवान दिव्या के पिता सूरज व उनकी मां संयोगिता ने वीडियो जारी कर जाहिर की खुशी।

दिव्या के पिता बोले- हर माता-पिता बच्चों को आगे बढ़ाएं
दिव्या के पिता सूरज व उनकी मां संयोगिता ने वीडियो जारी कर खुशी जाहिर की। कहा कि मैंने लंगोट सीलकर और अपनी गृहस्थी बेचकर उसे इस मुकाम तक पहुंचाया है। बहुत खुशी हुई, जब बेटी की इस उपलब्धि के बारे में पता चला। उसने वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में इतना बड़ी सफलता हासिल की। उन्होंने बताया कि हमारे घर के हालात कभी अच्छे नहीं रहे। इसलिए दिव्या को खिलाड़ियों जितनी अच्छी परवरिश नहीं दे पाए। बेटी ने कभी हार नहीं मानी।