पिता के हत्यारों को सजा दिलाने भटक रही बेटी:मेरठ में 4 दिन पहले हुई थी किसान की हत्या; न्याय मांगने कमिश्नर दफ्तर के बाहर धरने पर बैठा परिवार

मेरठ2 महीने पहले
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पिता के हत्यारोपियों को पकड़वाने के लिए न्याय मांगने पहुंची बेटी पायल। - Dainik Bhaskar
पिता के हत्यारोपियों को पकड़वाने के लिए न्याय मांगने पहुंची बेटी पायल।

मेरठ में चिलचिलाती धूप में एक बेटी पिता के हत्यारों को पकड़वाने के लिए धरने पर बैठ गई है। 3 दिन पहले इस बेटी के सिर से पिता का साया उठ चुका है। पिता को खोने के बाद भी उसने हिम्मत नहीं हारी और न्याय के लिए कमिश्नर ऑफिस आ पहुंची। यहां कमिश्नरी चौराहे पर पूरे परिवार के साथ बेटी सड़क पर ही धरने पर बैठ गई। लड़की का आरोप है कि पुलिस उसके पिता के असली कातिलों को बचा रही है।

मृतक किसान की बहन, पत्नी और परिजनों ने रास्ता रोक कर कहा कि पुलिस सुनवाई नहीं कर रही।
मृतक किसान की बहन, पत्नी और परिजनों ने रास्ता रोक कर कहा कि पुलिस सुनवाई नहीं कर रही।

मेरे पापा के हत्यारों को पुलिस बचा रही है

कमिश्नरी चौराहे पर पिता के लिए न्याय मांगने पहुंची बेटी पायल ने कहा कि मेरे पापा को प्रधान शिब्बू और उसके लोगों ने मारा है। पुलिस उसे बचा रही है। आज तीन दिन से ज्यादा हो गया, पुलिस उसे पकड़ नहीं पाई। मोबाइल से भी पुलिस उसको ट्रेस नहीं कर पा रही। आरोपियों को बचाने के लिए पुलिस नाबालिगों को फंसा रही हैं। उनको गलत पकड़कर पुलिस आरोपियों का साथ दे रही है।

कमिश्नरी चौराहे पर प्रदर्शनकारियों को उठाने पहुंची पुलिस के साथ हुई नोकझोंक।
कमिश्नरी चौराहे पर प्रदर्शनकारियों को उठाने पहुंची पुलिस के साथ हुई नोकझोंक।

4 मई को हुई थी पिता की हत्या

4 मई को मेरठ के जेवरी गांव निवासी किसान वीरेंद्र रात दो बजे शादी समारोह से लौटकर घर जा रहा था। उसी वक्त उसकी हत्या कर दी गई। हत्या में जेवरी गांव प्रधान शिवकुमार, उसका साथी आरोपी बताए जा रहे हैं। मृतक किसान के परिजनों ने प्रधान और उसके साथियों को नामजद भी कराया है। आज चार दिन और गुजरने के बाद भी आरोपियों को पुलिस पकड़ नहीं सकी है।

पिता के कातिलों को जल्द से जल्द पकड़वाना चाहती है बेटी।
पिता के कातिलों को जल्द से जल्द पकड़वाना चाहती है बेटी।

कोई राह न सूझी सुनवाई को किया रास्ता जाम

कंकरखेड़ा से मेरठ पहुंचे इस पीड़ित परिवार को जब अपनी सुनवाई का रास्ता नजर नहीं आया, तो इन्होंने कमिश्नरी चौराहे को ही जाम कर दिया। गांव के लोगों, परिजनों ने मिलकर रास्ता रोक दिया। इसकी वजह से यातायात बाधित हो गया। जब लोगों ने रास्ता खोलने को कहा, तो पीड़ित परिवार बोला कि हमारे भाई, पिता का मर्डर हो गया और पुलिस हमारी सुन नहीं रही।