मेरठ के मिनी गाजीपुर में किसानों का जश्न:कृषि कानून वापसी की घोषणा पर मेरठ टोल पर किसानों ने जताई खुशी, बांटी मिठाई, तसवीरों में देखिए जश्न

मेरठ7 महीने पहले
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सिवाया टोल प्लाजा पर किसानों का जश्न - Dainik Bhaskar
सिवाया टोल प्लाजा पर किसानों का जश्न

मेरठ में सिवाया टोल प्लाजा पर किसानों ने अपनी जीत का जश्न मनाया। तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले तीन महीने से किसान टोल प्लाजा पर धरनारत हैं, उन किसानों ने मिठाई बांटकर खुशी मनाई।

मेरठ के मिनी गाजीपुर सिवाया टोल प्लाजा में खुशी मनाते किसान
मेरठ के मिनी गाजीपुर सिवाया टोल प्लाजा में खुशी मनाते किसान

वेस्टर्न यूपी को दिल्ली से जोड़ने वाले NH-58 मुख्य हाईवे पर किसान जश्न मना रहे हैं। पूरे किसान आंदोलन में मेरठ का यह सिवाया टोल प्लाजा अहम भूमिका में रहा। पूरे आंदोलन के लिए कई बार किसानों ने टोल फ्री कराया, यहां तोड़फोड भी हुई। राकेश टिकैत, जयंत चौधरी से लेकर हर नेता इसी रास्ते से होकर गुजरा

किसानों ने कहा अभी आधी लड़ाई हुई है पूरी जीतना बाकी है
किसानों ने कहा अभी आधी लड़ाई हुई है पूरी जीतना बाकी है

तीन महीने से टोल प्लाजा पर डटे हैं किसान
पिछले तीन महीनों से किसान इस टोल प्लाजा पर धरना दे रहे हैं। किसानों ने यहां गाजीपुर की तरह झोपड़ियां बना ली हैं और 24 घंटे, 7 दिन धरना चालू हैं। धरनास्थल का नाम भी मिनी गाजीपुर रख दिया है। किसानों के धरने के कारण टोल प्लाजा की एक लेन तीन महीने से किसान बैठे हैं।

किसानों ने टोल प्लाजा पर भैंसा बुग्गी पर चढ़कर जताई खुशी
किसानों ने टोल प्लाजा पर भैंसा बुग्गी पर चढ़कर जताई खुशी

किसान आंदोलन का केंद्रबिंदु रहा है सिवाया टोल
मेरठ के दौराला क्षेत्र के पास सिवाया टोल प्लाजा पूरे किसान आंदोलन का बड़ा केंद्र रहा है। वेस्ट यूपी से दिल्ली को जोड़ने वाला यह मुख्य हाईवे है। इस हाईवे से सहारनपुर, बागपत से लेकर मुजफ्फरनगर, मेरठ के लाखों लोग दिल्ली जाते हैं। पूरे किसान आंदोलन में मुजफ्फरनगर की महापंचायत से लेकर बड़ी पंचायतों में राकेश टिकैत, नरेश टिकैत, गौरव टिकैत हर बड़ा नेता इसी रास्ते से गुजरा।

मेरठ का मिनी गाजीपुर बना सिवाया टोल प्जाजा जहां अपने हकों के लिए डटे रहे किसान
मेरठ का मिनी गाजीपुर बना सिवाया टोल प्जाजा जहां अपने हकों के लिए डटे रहे किसान

दिल्ली से वेस्ट यूपी आते-जाते समय सभी बड़े किसान नेताओं ने सिवाया टोल प्लाजा पर रुककर किसानों से संवाद किया और आंदोलन की रणनीति बनाई है। मुजफ्फरनगर महापंचायत के दौरान भी राकेश टिकैत यहां रुके थे, सप्ताह भर पहले यहां टिकैत आए थे।

किसानों ने टोल पर ही मिठाई बांटी और आतिशबाजी की है
किसानों ने टोल पर ही मिठाई बांटी और आतिशबाजी की है

किसान बोले किसानों की जीत है
किसानों ने टोल पर जश्न मनाते हुए एक दूसरे को मिठाई खिलाई। जलेबी बांटी और पटाखे छोड़े। किसानों ने कहा कि यह संयुक्त किसान मोर्चा और किसानों के संघर्ष की जीत है। लेकिन जब तक सरकार तीनों कानूनों को रद्द नहीं कर देती हम नहीं रुकेंगे। किसानों ने पटाखे भी छोड़े। बुग्गी पर चढ़कर खुशी मनाई। किसान मसीहा बाबा महेंद्र सिंह टिकैत और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के चित्रों पर फूल चढ़ाकर उन्हें नमन किया।

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