पलायन की बात करने वाले खुद पलायन होकर आए हैं:वेस्ट यूपी के मेरठ से किसान, पलायन, नौजवानों पर रहा अखिलेश का फोकस, तीन प्वाइंट में समझे अखिलेश का भाषण

मेरठएक महीने पहले
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वेस्ट यूपी के मेरठ में सपा, रालोद के गठबंधन की रैली में केवल पलायन और किसानों का मुद्दा गूंजता रहा। रालोद मुखिया जयंत ने 12 मिनट के भाषण में किसानों की बात कही। वहीं सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने पलायन से लेकर गन्ना बकाया भुगतान, तीन कृषि कानून और एमएसपी कानून पर जोर दिया। किसानों को झकझोरते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि इस बार वेस्ट यूपी का किसान भाजपा के लिए केवल दरवाजे बंद नहीं करेगा बल्कि दरवाजों की चिटकनी भी लगा देगा। अखिलेश ने पलायन पर कहा कि पलायन की बात करने वाले तो खुद पलायन होकर आए हैं।

जयंत और अखिलेश को कार्यकर्ताओं ने गदा भेंट कर जीत का आश्वासन दिया
जयंत और अखिलेश को कार्यकर्ताओं ने गदा भेंट कर जीत का आश्वासन दिया

अखिलेश ने तीन कृषि कानूनों के कारण बीजेपी से नाराज किसानों को जगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार तीन कृषि कानून लाकर किसानों को चित्त करना चाहती थी, लेकिन किसानों ने भाजपा को चित्त कर दिया। इस बार पश्चिम में किसानों का इंकलाब होगा 22 में बदलाव होगा। बाबा टिकैत से लेकर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का नाम लेकर अखिलेश ने किसानों को प्रणाम किया।

भाजपा के लिए किसान दरवाजे बंद कर देगा

रैली में अखिलेश और जयंत को सुनने पहुंची भीड़
रैली में अखिलेश और जयंत को सुनने पहुंची भीड़

अखिलेश ने कहा कि हमारे किसानों ने क्या-क्या नहीं सहा। भाजपा किसानों के हित में फैसला नहीं लेगी तो किसान भी भाजपा के लिए दरवाजे बंद कर देंगे और इस बार दरवाजों की चिटकनी भी लगा देंगे। किसान अपना हक मांग रहे हैं। कहा कि एमएसपी के लिए ठोस फैसला हो लेकिन सरकार किसानों के हक में फैसला नहीं लेना चाहती है। ये गठबंधन किसानों को हक दिलाकर सम्मान दिलाएगा। कहा कि किसानों का सम्मान भाजपा ने छीना है, तो किसानों ने भी मन बना लिया है कि भाजपा को यूपी से जाना होगा। डीजल, खाद, तेल की महंगाई में किसान कैसे खुशहाल होगा। इसी मेरठ की धरती पर पीएम, सीएम आए मगर किसानों को गन्ने का बकाया नहीं मिला। अखिलेश बोले कि मुझे वो समय याद है जब किसानों पर संकट आया और चीनी मिल वालों ने पैसा नहीं दिया तब सपा ने पैसा दिया। अखिलेश ने कहा कि सपा सरकार आई तो किसानों की मदद के लिए अलग से बजट देकर किसानों का बकाया भुगतान करेंगे।

नौजवानों को नौकरी मांगने पर लाठी मिलती है

अखिलेश ने भाषण में दूसरा फोकस युवाओं, नौजवानों पर किया। कहा कि युवाओं को रोजगारों को उम्मीद नहीं बची है। युवाओं से पूछा कि नौकरी मिली की नहीं, हवाई चप्पल से हवाई जहाज का सफर किया कि नहीं। कहा कि युवाओं को जहां नौकरी मिलनी थी वो सरकारी संस्थाएं बेची जा रही हैं। हवाई जहाज, पानी के जहाज, प्लेन, रेलवे स्टेशन, जहां पानी का जहाज खड़ा होता है वो बंदरगाह तक इस सरकार ने बेच दिया। जब सबकुछ बिक जाएगा तो रोजगार कहां मिलेगा। युवा नौकरी मांगने जाते हैं तो लाठी से सम्मान होता है। युवाओं से पूछा कि कितने हवाई चप्पल वाले हवाई जहाज में बैठ गए।

पलायन की बात करने वाले खुद पलायन होकर आए हैं
अखिलेश के भाषण में तीसरा अहम मुद्दा पलायन का रहा। वेस्ट यूपी के कैराना पलायन, मुजफ्फरनगर दंगे को भाजपा नेता हर भाषण में उठाते हैं उस पर अखिलेश ने कहा कि पलायन की बात करने वाले तो खुद पलायन होकर आए हैं। इन्हें भी वापस भेजना है। कविता बनाते हुए कहा कि आज सरकार मुद्दे नहीं नफरत की राजनीति कर रहे हैं। हमारे-आपके बीच खाई पैदा करते हैं। जो पैदा करे खाई वही है भाजपाई, भाईचारे के लिए कोई खड़ा है वो आरएलडी और सपाई। बुलडोजर वाले अपने बुल को नहीं संभाल पा रहे हैं।

चौधरी साहब की विरासत की लाज रख लेना
अखिलेश यादव ने जनता से पूछा कि विरासत की लाज रखोगे की नहीं, चौधरी साहब की जो विरासत है उसको भी आगे बढ़ाने का काम करेंगे। ऐसे कार्यक्रम कभी-कभी होते हैं लेकिन जब होते हैं तो दूर तक संदेश जाता है। चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी अजित सिंह जी की जो विरासत है उसको बचाकर आगे बढ़ाने का काम आपको करना है। बताओ विरासत की लाज रखोगे कि नहीं रखोगे। ये गठबंधन दो दल का जरूर है, लेकिन दो नौजवानों के एक होने के साथ साथ चौधरी साहब की जो विरासत है किसानों की उसको आगे बढ़ाने का काम हम लोग मिलकर करेंगे।

अखिलेश ने भाषण में ये भी कहा <.strong>
. हमारे बाबा मुख्यमंत्री बिजली के कारखाने का नाम नहीं रख पाए हैं। जो नाम नहीं रख पाए वो बिजली क्या सस्ती करेंगे। जो यूपी में बिजली के कारखाने का नाम नहीं रख सके वो बिजली क्या देंगे। . अब तो बाबा भी जाने वाले हैं, सपा सरकार आएगी तो बिजली मिलेगी और कारखाने का नाम भी रखा जाएगा।
. साढ़े चार साल में डबल इंजन की सरकार के दोनों इंजन फेल हैं, दोनों इंजन एक दूसरे से टकरा रहे हैं। लगता है कि दोनों इंजन एक दूसरे से टकरा रहे हें इस डबल इंजन की सरकार के इंजन फेल हैं। डबल इंजन की सरकार को हटा देना
. भाजपा झूठ का फूल है। इनके झूठ के फूल में कभी खुशबू नहीं आ सकते, भाजपा का प्रचार, विकास की तस्वीर, वादे सब झूठे हैं। ये चिलमजीवी कभी यूपी का विकास नहीं कर सकते।

. जो पलायन की बात करते हैं वो पलायन होकर खुद आए हैं, इन्हें भी वापस भेजना है। यूपी के किसानों, नौजवानों को बधाई देता हूं।

. गठबंधन को अखिलेश ने रंगीन गुलदस्ते का नाम देते हुए कहा सपा का ये रंगीन गुलदस्ता यूपी को सजाएगा। ये एकरंगी लोग, एकरंगी सरकार क्या खुशहाली लाएगी। अखिलेश ने सभी जातियों का समीकरण साधते हुए बाबा अंबेडकर, लोहिया, चौधरी चरण सिंह का नाम लिया। लोकतंत्र में जाति, धर्म का भेद न हो यह काम लोहिया ने किया।