यूपी चुनाव से पहले हर कर्मचारी का कोविड वैक्सीनेशन:मेरठ में भारत निर्वाचन आयोग के उपनिर्वाचन आयुक्त ने की 14जिलों की चुनावी समीक्षा

मेरठ5 महीने पहले
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मंडलायुक्त कार्यालय में 14 जिलों की समीक्षा बैठक करते  भारत निर्वाचन आयोग के उपनिर्वाचन आयुक्त डॉ. चंद्रभूषण कुमार - Dainik Bhaskar
मंडलायुक्त कार्यालय में 14 जिलों की समीक्षा बैठक करते भारत निर्वाचन आयोग के उपनिर्वाचन आयुक्त डॉ. चंद्रभूषण कुमार

विधानसभा चुनाव 2022 से पहले सरकार ने सभी कर्मचारियों का डबल डोज वैक्सीनेशन अनिवार्य कर दिया है। राज्य और केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों को चुनाव से पहले खुद को कोविड-19 का डबल डोज वैक्सीनेशन कराना ही होगा। सोमवार को मेरठ में भारत निर्वाचन आयोग के उपनिर्वाचन आयुक्त डॉ. चंद्रभूषण कुमार ने कमिश्नरी सभागार में मेरठ, सहारनपुर व मुरादाबाद मंडल के 14 जिलो के अंतर्गत आने वाली 71 विधानसभा सीटों की चुनावी समीक्षा बैठक ली। स्पष्ट निर्देश दिया कि हर कर्मचारी, शिक्षक, स्टाफ का कोरोना वैक्सीनेशन फौरन कराया जाए।

जिला पंचायत चुनाव में फैला संक्रमण
कोरोना की पहली लहर जब जाने को थी तब यूपी में पंचायत चुनाव कराए गए। पंचायत चुनाव होते ही पूरे उत्तर प्रदेश में बुरी तरह कोरोना का संक्रमण फैल गया। शहरों से लेकर गांवों में हालात बदत्तर होते गए। पहली लहर में गांवों में कोरोना नहीं था मगर पंचायत चुनाव के बाद वायरस तेजी से गांवों में भी स्प्रेड करता गया। इसका बड़ा कारण पंचायत चुनाव में बरती गई लापरवाही भी था। चुनावी ड्यूटी करने वाले कई शिक्षक, कर्मचारी, चिकित्सकीय स्टाफ की कोरोना के कारण मौत भी हुई है। जिन्हें सरकार अब मुआवजा दे रही है।

5 जनवरी को प्रकाशित होगी मतदाता सूची
5 जनवरी 2022 को फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जाएगी। उपनिर्वाचन आयुक्त ने कहा कि वोटर लिस्ट सही हो। डबल नाम, गलत नाम हटाए जाएं। सी-विजिल ऐप का प्रचार प्रसार कराया जाये।
मतदान केन्द्रो पर आयोग द्वारा निर्धारित एश्योरड मिनीमम फैसिलिटी (एएमएफ) हो। बूथ ग्राउंड फ्लोर पर ही बनाएं। कानून व्यवस्था पूरी रखी जाए। मतदान और मतदाता सूची में नाम जुड़वाना दोनों के लिए एंबेसडर नियुक्त कर उनसे प्रचार कराएं। इससे मतदान का प्रतिशत बढ़ेगा।

क्रिमिनल हिस्ट्री का प्रत्याशी को टिकट क्यों पार्टी बताएं कारण
अगर राजनीतिक दल ऐसा प्रत्याशी घोषित करता है जिसका अपराधिक इतिहास रहा (क्रिमिनल एन्टीसिडेन्टस) है उसके लिए पार्टी को प्रारूप-सी-7 भरकर देना होता है और लिखकर यह बताना होता है कि उन्होने इस प्रकार का प्रत्याशी क्यों चुना तथा इसको तीन बार पब्लिसाईज भी करना पडता है, ऐसा मा0 उच्चतम न्यायायल के निर्देश है। ऐसा न करने पर मा0 उच्चतम न्यायालय के निर्देशो का उल्लंघन होता है। निदेशक व्यय, भारत निर्वाचन आयोग पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि जिला निर्वाचन अधिकारी एक्सपेन्डिीचर सेन्सिटिव विधानसभा को चिन्हित करें तथा शराब आदि गतिविधियो से संबंधित व्यक्तियों की सूची को सी