• Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Meerut
  • In Meerut, The Farmers Sitting On The Dharna Outside The Commissionerate Were Not Allowed To Leave, The Inspector Said That If The Farmers Leave From Here, There Will Be A Nuisance, Violence May Flare Up.

इंस्पेक्टर बोले- किसानों से भड़क सकता है दंगा:मेरठ में कमिश्नर ऑफिस के बाहर धरने पर बैठे किसानों की नहीं निकलने दी पैदल यात्रा, इंस्पेक्टर पर किसानों ने निकाला गुस्सा

मेरठ2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
कमिश्नरी के बाहर किसानों के धरने पर पहुंचे इंस्पेक्टर सिविल लाइन व सीओ। - Dainik Bhaskar
कमिश्नरी के बाहर किसानों के धरने पर पहुंचे इंस्पेक्टर सिविल लाइन व सीओ।

मेरठ में किसानों और पुलिस के बीच टकराव के हालात बन रहे हैं। कमिश्नर ऑफिस के बाहर सैकड़ों किसान धरने पर बैठे हैं। वहीं, बुधवार को किसानों ने शहर में पैदल यात्रा निकालने की तैयारी की। लेकिन सिविल लाइन इंस्पेक्टर ने किसानों के बीच पहुंचकर कहा कि बिना इजाजत यात्रा नहीं निकाल सकते।

इंस्पेक्टर ने कहा कि शहर में किसान जाएंगे, तो हिंसा भड़क सकती है। इंस्पेक्टर ने यह भी कहा की किसानों से शहर में उपद्रव हो सकता है। इस मसले पर किसानों की कहासुनी भी हुई।

27 सितंबर से किसान दे रहे हैं धरना

तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में दस महीने से किसान यूपी, पंजाब और हरियाणा में धरना दे रहे हैं। उधर, किसान मजदूर संगठन के बैनर तले सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर से किसान 27 सितंबर की रात को कमिश्नर ऑफिस के बाहर पहुंचे थे। तब से यहां किसान धरना दे रहे हैं। मंगलवार को डीएम के. बालाजी और किसान नेताओं के बीच बातचीत हुई, लेकिन कोई हल नहीं निकला।

किसानों के बयान से माहौल गरमाया

किसान मजदूर संगठन के प्रतिनिधि मंडल में राष्ट्रीय प्रवक्ता ललित राणा, उपाध्यक्ष अनु मलिक, जिलाध्यक्ष देवराज पुंडीर व अन्य किसान बुधवार को कमिश्नर ऑफिस के बाहर धरने पर बैठे थे। दोपहर में किसानों की पदयात्रा शुरू होनी थी। तभी इंस्पेक्टर सिविल लाइन रमेश चंद शर्मा व सीओ सिविल लाइन देवेश सिंह मौके पर पहुंचे। इंस्पेक्टर ने कहा- मैं यूपी का इंस्पेक्टर हूं। बिना इजाजत किसानों की यात्रा नहीं निकल सकती। मुझे पुख्ता रिपोर्ट मिली है कि शहर में यात्रा निकलेगी, तो दंगा भड़क सकता है। इंस्पेक्टर के बयान भी सोशल मीडिया पर चल रहा है।

किसानों ने इंस्पेक्टर से कहा- हमें कानून मत सिखाओ

इंस्पेक्टर ने किसानों की यात्रा से दंगा भड़कने की बात कही। इसके बाद किसान नेताओं ने इंस्पेक्टर को जमकर खरी-खोटी सुनाई। किसानों ने कहा कि 26 जनवरी को दिल्ली में कुछ शरारती तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। हम सहारनपुर से पैदल चलकर मेरठ आ गए। आठ महीने में कितना दंगा भड़का है? किसान नेताओं ने कहा कि हम भी तिरंगे का सम्मान जानते हैं। अगर हम किसान न होते तो हम भी सीमाओं पर होते। किसानों ने यह भी कहा कि जब हम यात्रा निकालेंगे, तो इंस्पेक्टर रोककर दिखा दें।

खबरें और भी हैं...