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  • In Meerut, The Life Of A Young Man Who Lost His Life In The Domination Between Jat And Dalits, 2 Real Brothers Of The Dalit Side Arrested For Killing

वर्चस्व की जंग में सगे भाइयों ने की थी हत्या:मेरठ में जाट व दलितों के बीच वर्चस्व में गई युवक की जान, हत्या करने वाले दलित पक्ष के 2 सगे भाई गिरफ्तार

मेरठ3 दिन पहले
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मेरठ के सरधना क्षेत्र में बुधवार को जाट और दलित (जाटव) समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए थे। जातीय संघर्ष में गोली लगने से एक अन्य युवक की मौत हो गई थी। इस मामले में आज बृहस्पतिवार शाम सरधना पुलिस ने हत्या के मामले में दलित पक्ष के दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है।

यह हुई थी घटना

सरधना थाना क्षेत्र के पोहल्ली गांव में रविश (जाट ​​​​​​) और छोटू (दलित) पक्ष के बीच एक माह से विवाद चल रहा है। जाट बिरादरी के लोग रास्ते को चौड़ा करने की लगातार मांग कर रहे हैं। वहीं दलित पक्ष के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। बुधवार को दोनों ही पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। जिसके बाद उनके बीच जमकर मारपीट हुई। इस दौरान हवाई फायरिंग भी की गई। मारपीट में 4 लोग घायल हो गए। इस दौरान सुरेश (35) पुत्र तिलकराम की मौत हो गई। मरने वाला बनिया जाति से था। इस मामले में दोनों ही पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ सरधना थाने में क्रॉस केस दर्ज कराया है।

शुभम की गोली से गई थी जान

सरधना थाने के कार्यवाहक एसओ सुभाष सिंह ने बताया कि युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने पोहल्ली निवासी दलित पक्ष के दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला है कि दोनों भाई हाथ में तमंचा लेकर गोली चला रहे थे। जिसमें शुभम की गोली से सुरेश की मौत हुई थी। पुलिस ने दोनों भाइयों से एक एक तमंचा बरामद कर लिया है। शुभम पुत्र देवेन्द्र निवासी ग्राम पोहल्ली थाना सरधना और उसके भाई पुष्पेन्द्र पुत्र देवेन्द्र को गिरफ्तार किया है। दोनों के पास से 2 तमंचे बरामद किए हैं। दोनों की गिरफ्तारी गुरुवार शाम करनाल हाइवे सरधना से की है।

पोहल्ली गांव में है वर्चस्व की जंग

एसओ सरधना ने बताया कि दोनों पक्षों में रास्ते का विवाद बताया गया। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर मारपीट व फायरिंग करने का आरोप लगाया था। जब पूरे मामले की जांच की गई और हत्यारोपियों से पूछताछ की गई तो पता चला कि दलित और जाट बिरादरी के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। एक माह पहले जाट पक्ष की तरफ से सरधना थाने में मारपीट व धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराया था। उसके बाद दलित पक्ष ने भी फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया। जिसके बाद CO ने अपनी जांच में दलित पक्ष द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे को खत्म कर दिया था। इसी बात को लेकर दोनों पक्ष आमने सामने आए। पोहल्ली गांव में दलित बिरादरी की संख्या अधिक है, जबकि जाट बिरादरी के लोगों की संख्या कम है।

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