आज मेरठ से गाजीपुर बॉर्डर रवाना होंगे किसान:ट्रालियों पर खाने-पीने के सामानों के साथ 500 किसान मेरठ पहुंच रहे, आसपास के कई जिलों के लोग भी हुए शामिल

मेरठ4 महीने पहले
किसान यात्रा लेकर मेरठ पहुंचे किसान।

पश्चिमी यूपी के बिजनौर में शनिवार को शुरू हुई किसान ट्रैक्टर यात्रा आज मेरठ होते हुए गाजीपुर बॉर्डर के लिए रवाना होगी। इस यात्रा में 500 किसान शामिल हैं। रात में किसानों ने मेरठ के बहसूमा स्थित फार्म हाउस में किसानों ने स्टे किया। आज सुबह सैकड़ों किसान ट्रैक्टरों से बहसूमा से रवाना हुए हैं। इस यात्रा की अगुवाई भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत के बेटे गौरव टिकैत कर रहे हैं। किसान अपने साथ राशन व अन्य इंतजाम लेकर चल रहे हैं।

केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान बीते आठ माह से दिल्ली-यूपी के गाजीपुर बॉर्डर पर धरना दे रहे हैं। गाजीपुर बार्डर पर भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत की अगुवाई में धरना चल रहा है। शनिवार को बिजनौर से भाकियू नेता गौरव टिकैत के नेतृत्व में 500 से अधिक किसान ट्रैक्टर ट्रॉली से चले। यह किसान ट्रैक्टर यात्रा शनिवार शाम को मेरठ के बहसूमा में पहुंची। जहां बहसूमा में ही रात में किसानों का स्टे रहा। बिजनौर से किसान यात्रा में गौरव टिकैत के अलावा बिजनौर के जिला अध्यक्ष कुलदीप चौधरी व अन्य पदाधिकारी और किसान शामिल रहे।

मेरठ के किसान भी शामिल
भाकियू मेरठ के जिला अध्यक्ष मनोज त्यागी ईकड़ी ने बताया कि किसान ट्रैक्टर यात्रा में बिजनौर के अलावा मेरठ और गाजियाबाद के किसान भी शामिल हैं। जहां-जहां से ट्रैक्टर यात्रा आती जाएगी, वहां के किसान जुड़ते जाएंगे। केंद्र सरकार के खिलाफ रणनीति तेज हो रही है। मेरठ में लगातार धरने का नेतृत्व कर रहे भाकियू नेता संजय दौरालिया भी ट्रैक्टर यात्रा में शामिल हैं। संजय दौरालिया का कहना है की ट्रैक्टर यात्रा कमिश्नर आवास चौराहे से लालकुर्ती, बेगमपुल, दिल्ली रोड से होते हुए गाजियाबाद के रास्ते गाजीपुर बॉर्डर पहुंचेगी।

यात्रा में शामिल किसान पैदल आगे बढ़ रहे हैं।
यात्रा में शामिल किसान पैदल आगे बढ़ रहे हैं।

नए कृषि कानून वापसी नहीं तो घर वापसी नहीं
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन का कहना है कि नए कृषि कानूनों के विरोध में लगातार आठ माह से हम धरना दे रहे हैं। केंद्र सरकार के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होगी, किसान घर वापसी नहीं करेंगे। बिजनौर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, गाजियाबाद और अन्य जिलों के किसान इस पदयात्रा में शामिल हैं। भाकियू नेताओं का साफ कहना है कि जब तक 3 नए कृषि कानून वापसी नहीं होंगे, और किसानों की मांग नहीं मानी जाएगी। घर वापसी नहीं होगी।

किसान नारेबाजी भी करते दिखे। किसानों ने कहा- जब तक कानून वापस नहीं, हम वापस नहीं होंगे।
किसान नारेबाजी भी करते दिखे। किसानों ने कहा- जब तक कानून वापस नहीं, हम वापस नहीं होंगे।

लंबी तैयारी के साथ हैं किसान
किसानों के जो ट्रैक्टर ट्रॉली हैं उनमें किसान और भाकियू नेताओं ने गाजीपुर बॉर्डर पर धरना देने के लिए पूरी तैयारी की है। ट्रैक्टर ट्रॉली में रसोई गैस के सिलेंडर, गैस के चूल्हे, गेहूं का आटा, दाल, चावल, कढ़ाई और भट्टी भी रखे हुए हैं। ट्रैक्टरों में डीजल के लिए अलग से बड़ी बड़ी केन ट्रालियों में रखी हुई हैं। किसानों का कहना है कि हम पूरी तैयारी के साथ चलते हैं। जहां हमारा धरना शुरू होगा वही कढ़ाही चढ़ा दी जाती है।

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