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ढलान पर कोरोना, अब चाहिए राहत की सांसें:मेरठ में IIA ने कहा- ऑक्सीजन न मिलने से स्टील, फैब्रिकेशन सहित कई उद्योग बंद, 4 लाख कामगारों की रोजी-रोटी का संकट

मेरठ4 महीने पहले
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मेरठ में उद्यमियों ने प्रदेश सरकार से औद्योगिक ऑक्सीजन की आपूर्ति फिर से बहाल करने की मांग की है। उद्यमियों का कहना है कि अब कोरोना ढलान पर है। मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत घट रही है। ऐसे में सरकार उद्योगों को ऑक्सीजन सप्लाई को शुरू कराए। सरकार ने जो 10 फीसद ऑक्सीजन ही उद्योगों को देने के लिए कहा है, अब इसे बढ़ाकर 70 फीसदी किया जाए। ताकि औद्योगिक गतिविधियों का संचालन हो सके। औद्योगिक इकाइयां बंद होने से करीब 4 लाख कामगारों की रोजी-रोटी पर संकट है। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की ओर से प्रदेश सरकार के औद्योगिक मंत्री को पत्र भेजकर औद्योगिक ऑक्सीजन की सप्लाई प्रारंभ करने की मांग की गई है।

मेडिकल ऑक्सीजन को प्राथमिकता, रोकी थी इंडिस्ट्रयल ऑक्सीजन सप्लाई

इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के प्रदेश अध्यक्ष पंकज गुप्ता कहते हैं कि प्रदेश सरकार ने 2020 में जब कोरोना की पहली लहर आई थी। तब मेडिकल ऑक्सीजन की खपत बढ़ने के कारण प्लांटों द्वारा उद्योगों को सप्लाई होने वाली ऑक्सीजन की आपूर्ति पर रोक लगा दी थी। कोरोना की दूसरी लहर में भी जैसे ही खतरा बढ़ा और ऑक्सीजन की जरूरत पिछले बार से पांच गुना अधिक थी तब सरकार ने फिर से प्लांटों से इंडस्ट्रियल ऑक्सीजन की सप्लाई को बंद करा दिया। जो अब तक बंद है। कहीं भी इंडस्ट्री को ऑक्सीजन सप्लाई नहीं हो रही।

ऑक्सीजन सप्लाई के लिए उद्यमियों से लिए थे सिलेंडर

आईआईए मेरठ चैप्टर के अध्यक्ष अनुराग अग्रवाल कहते हैं कि कोरोना जब पीक पर था और लोगों को ऑक्सीजन सिलेँडर की जरूरत थी तब आईआईए ने प्रशासन की पूरी मदद की है। फैक्ट्रियां बंद करके इंडस्ट्रियल ऑक्सीजन के सिलेंडर प्रशासन को दिए। लगभग 500 सिलेंडर प्रशासन के पास हैं जो उद्यमियों ने दिए हैं। अब मेडिकल ऑक्सीजन की कमी और जरूरत दोनों घट रही है। तो अब प्रशासन हमारे सिलेंडर वापस करे। ताकि फैक्ट्रियों में काम शुरू हो सके।

पिछली बार लंबा लॉकडाउन था, इस बार फैक्ट्री खुली पर काम बंद

परतापुर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन से जुड़े उधमी अश्विनी गेरा के अनुसार कोरोना की पिछली लहर में लॉकडाउन लंबा था। तब फैक्ट्रियां भी पूरी तरह बंद कर दी गई थीं। इस बार लॉकडाउन एक महीने से कंटीन्यू है। इसमें भी फैक्ट्री खोलने की अनुमति है। मगर जब इंडस्ट्री चलाने के लिए गैस नहीं हैं तो फैक्ट्री खोलकर क्या करें। इस बार ऑक्सीजन न मिलने के कारण काम बंद है।

स्टील, फैब्रिकेशन, मेडिकल इक्वपमेंट निर्माण की इकाईयों में काम ठप्प

मेजर ध्यानचंद नगर इंडस्ट्रियल ऐसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल पुंडीर ने कहा कि उद्योगों में ऑक्सीजन का इस्तेमाल मुख्यतया स्टील, ग्लास कटिंग में होता है। फैब्रिकेशन इकाईयों, स्टील प्लांट्स, शुगर मिलों में मशीनों के मेंटीनेंस, मेडिकल उपकरणों के निर्माण की इकाईयां, शटर‌िंग व मैटल के फैंसी आयटम बनाने वाली इकाईयों एवं वेल्डिंग वर्क्स में मुख्यतया ऑक्सीजन सिलेँडर प्रयोग होते हैं।

अनिल पुंडीर ने कहा- इंडस्ट्री में मशीनों की मेंटीनेंस के लिए भी ऑक्सीजन की जरूरत होती है। इंडिस्ट्रयल ऑक्सीजन की सप्लाई बंद होने के कारण ये सारे कम ठप्प हैं।
अनिल पुंडीर ने कहा- इंडस्ट्री में मशीनों की मेंटीनेंस के लिए भी ऑक्सीजन की जरूरत होती है। इंडिस्ट्रयल ऑक्सीजन की सप्लाई बंद होने के कारण ये सारे कम ठप्प हैं।

मेरठ में कोरोबार को लेकर फैक्ट्स..

  • देश में सबसे ज्यादा एमएसएमई इकाइयां उत्तरप्रदेश में हैं।
  • मेरठ में 20 हज़ार से अधिक औद्योगिक इकाइयों का है संचालन।
  • गारमेंट, स्पोर्ट्स, जिम और फिटनेस उपकरण, कार्पेट, शुगर मिल, स्टील, सीमेंट, कृषि उपकरण, ट्रांसफार्मर, केमिकल, पेंट, रबर, पेपर मेकिंग, प्लास्टिक आयटम, मशीनोक कलपुर्जे, मेडिकल उपकरण, वायर, सर्जिकल आयटम, कैंची निर्माण की बड़ी इंडस्ट्री है मेरठ।
  • आईआईए, लघु उद्योग भारती व एआईएमए के राष्ट्रीय इकाई में है मेरठ का प्रतिनिधित्व।

अभी राहत नहीं
उपायुक्त उद्योग वीके कौशल ने कहा कि शासन जैसे ही उद्योगिक ऑक्सीजन शुरू करने का आदेश देगा ऑक्सीजन सप्लाई शुरू कर देंगे, फिलहाल 10 प्रतिशत ऑक्सीजन उद्योगों को देने की बात हो ही है उसी पर काम होगा।