मेरठ के बल्ले से हंटर का वर्ल्ड रिकार्ड:आयरलैंड की खिलाड़ी एमी हंटर ने जिस SM ब्रांड के बल्ले से रचा इतिहास वह मेरठ में बना, जानिए 5 रोचक किस्से

मेरठ13 दिन पहले

आयरलैंड की 16 साल की महिला खिलाड़ी एमी हंटर ने सोमवार को अपने 16वें बर्थडे पर वनडे में 121 रनों की नाबाद पारी खेलकर क्रिकेट में बड़ा इतिहास रचा। वे वनडे में शतक जड़ने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी हैं। एमी के इस शानदार प्रदर्शन में मेरठ के बल्ला उद्योग को बड़ी उपलब्धि मिली है। एमी जिस बल्ले (SM) से खेलती हैं वह मेरठ में ही बना है। यह 1170 किग्रा वजनी है।

मेरठ परतापुर स्थित एसएम, महाजन स्पोर्ट्स कंपनी के मालिक उदय महाजन ने वर्ल्ड रिकार्ड के खूबसूरत क्षण को कंपनी के पेज पर साझा भी किया है। उदय ने दैनिक भास्कर को बताया एमी लंबे समय से हमारी गेस्ट हैं। उनको एसएम के प्रोडक्ट काफी पसंद हैं। कोविड और लंबी दूरी के कारण वो कंपनी तो नहीं आईं, लेकिन हमारे कंपनी के विदेशी डीलर उनके संपर्क में रहते हैं। यह जीत वाकई गौरव का क्षण है।

एमी ने मिताली राज और शाहीद आफरीदी के रिकार्ड को तोड़कर नया रिकार्ड बनाया है।
एमी ने मिताली राज और शाहीद आफरीदी के रिकार्ड को तोड़कर नया रिकार्ड बनाया है।

मिताली, शाहिद आफरीदी का रिकार्ड तोड़ा
एमी ने 127 गेंदों पर 121 रन बनाए, 7 चौके लगाए। जिम्बाब्वे के खिलाफ 85 रन की जीत दर्ज कराई। एमी के इस परफार्मेंस ने भारत की मिताली राज के रिकॉर्ड को तोड़ा। मिताली ने जून 1999 में आयरलैंड के खिलाफ 16 साल और 205 दिन की उम्र में शतकीय पारी खेली थी। मेन्स क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक लगाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड पाकिस्तान के शाहिद अफरीदी के नाम है। उन्होंने 1996 में श्रीलंका के खिलाफ 16 साल और 217 दिन की उम्र में 102 रन की पारी खेली थी।

आयरलैंड बेलफास्ट के एक स्कूल की छात्रा एमी हंटर का यह चौथा वनडे मैच था। मई में स्कॉटलैंड के खिलाफ डेब्यू किया था। वे वनडे में शतक लगाने वाली आयरलैंड की सिर्फ चौथी, जबकि साल 2000 के बाद पहली महिला खिलाड़ी हैं।

आयरिश खिलाड़ी एमी ने 127 गेंदों पर 121 रन बनाए
आयरिश खिलाड़ी एमी ने 127 गेंदों पर 121 रन बनाए

मेरठ के बल्लों के कुछ मोमेंट्स
धोनी ने विश्वकप में जड़ा था छक्का: 2011 विश्व कप में महेंद्र सिंह धोनी ने श्रीलंका के खिलाफ 91 रनों की नाबाद पारी खेली थी। इसमें धोनी ने मेरठ की एसएस कंपनी के बल्ले से छक्का जड़कर भारत को दूसरी बार विश्व विजेता बनाया। यह बल्ला 1260 ग्राम वजन का था, जो विश्व कप जाने से पहले धौनी ने मेरठ में बनवाया था। इन्हीं बल्लों से हेलीकाप्टर शॉट लगाया, जिसे बाद में कोई बल्लेबाज दोहरा नहीं पाया।

IPL 2021 का मोमेंट: अप्रैल 2021 IPL के दौरान मुंबई इंडियंस की पारी का 19वां ओवर चल रहा था। ओवर की तीसरी गेंद पर जैमीसन ने गेंद यॉर्कर में फेंकी। क्रुणाल पंडया मेरठ की कंपनी एसजी के बल्ले से खेल रहे थे। कुणाल ने जैसे ही बल्ला चलाया उसका हैंडल उनके हाथ में रहा और बाकी हिस्सा हवा में उछलकर नीचे गिरा। क्रुणाल लकी रहे कि वह बैट किसी को लगा नहीं। हालांकि बैट का बाकी हिस्सा कायम रहा लेकिन पंड्या हैरानी से बल्ले के हैंडल को देखते रहे।

IPL में जडेजा का सबसे महंगा ओवर: IPL 2021 में जडेजा मेरठ की कंपनी एसएस के बल्ले से खेल रहे थे। जडेजा ने 20वें ओवर में हर्षल की गेंदों पर पांच छक्के ओर एक चौका लगाया। इनमें एक नोबॉल भी थी। इस ओवर में कुल 37 रन बने और यह IPL इतिहास का संयुक्त रूप से सबसे महंगा ओवर बन गया।

ऋषभ पंत के हाथ से छूटा बल्ला: IPL 2021 के पहले क्वालिफायर मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान ऋषभ पंत ने एक हाथ से दो शानदार छक्के जड़े। ऋषभ एसएस के बल्ले से खेल रहे हैं। उनकी 35 गेंदों की पारी में 2 बार शॉट लगाते हुए उनके हाथ से बैट छूटा। ये दोनों ही गेंदें बाउंड्री के पार चली गईं। फैंस के अनुसार ऋषभ ने छक्का लगाने का नया तरीका ईजाद किया है। पंत ने एक हाथ से छक्का लगाने का नया शॉट मारना शुरू किया है।

IPL 2018 में CSKको बनाया चैंपियन: 2018 के IPL में CSK ने जीत दर्ज कराई थी। टीम के अधिकांश खिलाड़ियों के हाथ में एसएस, एसजी का बल्ला था। सीएसके 2018 की टीम में अंबाती रायडू, चाहर, शार्दूल ठाकुर, ध्रुव शर्मा सहित कई खिलाड़ियों ने मेरठ के बल्ले से खेलकर जीत हासिल की थी। शेन वॉटसन भी एसजी के बल्ले से खेले थे।

मेरठ के बल्ले पसंद करने की 5 बड़ी वजह

  • इंग्लिश विलो से बल्ला बनता है।
  • बल्ला बनाने के सभी मानक, तापमान का पालन होता है।
  • बल्ले को कारीगर हाथ से छीलता है मशीन का प्रयोग आज भी बहुत कम है।
  • बल्ले के स्ट्रोक को खोलने का काम मशीन के बजाय हाथ से होता है।
  • हाथ से कारीगर 8 से 12 घंटे तक बल्ले को स्ट्रोक देता है। इससे कम प्रयास में बल्ले की मारक क्षमता बढ़ती है, गेंद दूर तक जाती है।
खबरें और भी हैं...