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संकट में मोटर मालिक:मेरठ ट्रांसपोटर्स की सरकार को चेतावनी- 1 जून से नहीं खुला लॉकडाउन तो मजबूरी में काम शुरू कर देंगे

मेरठ4 महीने पहले
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संगठन का कहना है कि ट्रांसपोर्टर लॉकडाउन में कर्ज में दबने लगे हैं और उन्हें कोई रियायत भी नहीं दी गई है।  - Dainik Bhaskar
संगठन का कहना है कि ट्रांसपोर्टर लॉकडाउन में कर्ज में दबने लगे हैं और उन्हें कोई रियायत भी नहीं दी गई है। 
  • मेरठ से 10,500 ट्रकों का आवागमन, एक माह में 5.5 करोड़ का नुकसान

मेरठ में ट्रांसपोर्ट से जुड़े कारोबारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 1 जून से लॉकडाउन में ट्रकों के आवागमन की छूट नहीं दी गई तो भी अपना काम शुरू कर देंगे। कार्यालय खोलकर ट्रकों का आवागमन करेंगे। फिर चाहे पुलिस केस दर्ज करें या कुछ भी करें, हम डरने वाले नहीं हैं। ट्रांसपोर्टर लॉकडाउन में कर्ज में दबने लगे हैं और उन्हें कोई रियायत भी नहीं दी गई है।

लॉकडाउन को लगभग एक महीना हो चुका है। लेकिन सरकार द्वारा ट्रांसपोटर्स के बारे में अभी तक कोई विचार नहीं किया गया है। सभी ट्रक एक महीने से खड़े हुए हैं। ट्रकों के टैक्स परमिट इंश्योरेंस की फीस में किसी भी प्रकार की छूट देने का अभी तक सरकार की तरफ से कोई आश्वासन नहीं मिला है। सभी ट्रांसपोर्ट के ट्रक फाइनेंस पर होते हैं, जिनकी किस्त प्रतिमाह देना अनिवार्य होता है। 1 महीने से ट्रांसपोर्टरों के न तो कार्यालय खुले हैं न ही उनके ट्रक चल पा रहे हैं। जिससे ट्रांसपोर्टर को ट्रक के फाइनेंस की किस्त देने में परेशानी आ रही है। किश्त जमा करने को लगातार फाइनेंसर ट्रांसपोटर्स को परेशान कर रहे हैं।

मेरठ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष गौरव कुमार शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रतिदिन डीजल के भाव बढ़ाए जा रहे हैं। जिससे ट्रांसपोर्टर परेशान है। ट्रक चल नहीं पा रहे हैं। ट्रांसपोर्ट परिवहन नहीं हो पा रहा है। पिछले साल से करोना के टाइम पर काफी ट्रांसपोर्ट कंपनियां बंद हुई है। ट्रांसपोर्ट के ट्रक फाइनेंस कंपनी द्वारा जब्त किए गए हैं।

एक माह में 5.5 करोड़ का नुकसान
मेरठ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने कहा है कि लॉकडाउन में ट्रांसपोर्टरों को 5.5 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। ट्रकों के ड्राइवर, क्लीनर, लेबर और अन्य कर्मचारियों की रोजी रोटी संकट में है। ऐसे में ट्रांसपोर्टरों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

पूरे देश में होता है ट्रकों का आवागमन
मेरठ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन से उत्तर प्रदेश के अलावा पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, बिहार, गुजरात,राजस्थान और दूसरे प्रदेशों तक आवागमन होता है। जहां आवश्यक वस्तुओं के अलावा खाद्य आपूर्ति, फल सब्जियां, अन्य माल भाड़ा सामान अलग-अलग राज्यों से आता है। यूपी से दूसरे राज्य में भेजा भी जाता है।

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