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कोरोना संकट के बीच राहत:मेरठ के दो स्कूलों ने कहा- हम सिर्फ ट्यूशन फीस लेंगे; 8 हजार बच्चों को मिलेगी राहत

मेरठ4 महीने पहले
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स्कूल प्रबंधन का कहना है कि मुश्किल घड़ी में सबसे साथ चलना है। - Dainik Bhaskar
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि मुश्किल घड़ी में सबसे साथ चलना है।

प्राइवेट स्कूल और पैरेंट्स एसोसिएशन के बीच फीस को लेकर मचे घमासान के बीच मेरठ से एक अच्छी खबर है। यहां दो प्राइवेट स्कूलों ने लाॅकडाउन में बढ़ाने के बजाय अपनी फीस घटाकर एक सकारात्मक शुरुआत की है। यह स्कूल शहर के शताब्दी नगर स्तिथ द अध्ययन स्कूल, दयावती मोदी एकेडमी मोदीपुरम हैं। इससे करीब 8 हजार छात्रों को लाभ मिलेगा। स्कूल प्रबंधन ने कहा है कि इस साल केवल ऑनलाइन कक्षाओं का न्यूनतम शुल्क लेंगे।

दयावती मोदी एकेडमी में 5 हजार से अधिक छात्र पढते हैं। नर्सरी से 12वीं तक का यह शहर का दूसरा सबसे पुराना सीबीएसई स्कूल है। स्कूल प्रिंसिपल डाॅ रितु दीवान का कहना है लाॅकडाउन में जब लोगों के धंधे बंद हैं तो अतिरिक्त फीस कैसे भुगतान कर सकते हैं। महामारी का वक्त है सबको मिलकर चलना है इसलिए पुरानी दर से ही ट्यूशन फीस बस लेंगे। द अध्ययन स्कूल में तीन हजार छात्र पढते हैं। स्कूल के निदेशक प्रियांशु अग्रवाल कहते हैं मुश्किल घडी में सबके साथ चलना है। इसलिए इस वर्ष केवल ऑनलाइन कक्षा का न्यूनतम शुल्क ही लेंगे। स्कूल के सेविंग अकाउंट से दूसरे एक्सपेंस पूरे करेंगे।

पिछले साल भी कुछ स्कूलों ने उठाया था कदम
कोरोना की पिछली लहर 2020 में भी शहर के कुछ निजी स्कूलों ने छात्रों की फीस माफ करके अच्छी पहल की थी। स्कूलों ने आधी फीस ली थी, कई स्कूलों ने दो से तीन महीने का शुल्क माफ भी कर दिया था। अपनी सुविधानुसार कुछ स्कूलों ने प्रवेश शुल्क व अन्य फीस में रियायत देकर अभिभावकों को सुविधा दी थी।

अभिभावक, स्कूलों के बीच छिड़ा है फीस विवाद
निजी स्कूल संचालकों और अभिभावक संघों के बीच फीस वार मची है। अभिभावक लाॅकडाउन में जब बच्चे स्कूल नहीं गए तो फीस क्यों भरे इस जिद पर अड़े हैं। वहीं स्कूल संचालकों का कहना है कि लाॅकडाउन में पढ़ाई तो जारी ही है ऑनलाइन कक्षाएं हो रही हैं। टीचिंग स्टाफ ऑननलाइन सुविधा दे रहे हैं, परीक्षाएं हो रही हैं। फिर पेरेंटस फीस क्यों नहीं देंगे। ऑफलाइन की ही फीस दें जो पुराना बकाया है वो भुगतान करें। प्रदेश सरकार ने भी स्कूलों को आदेश दिया है कि पिछले साल की तरह इस साल भी फीस नहीं बढ़ाई जाएगी। पुरानी दर से ही स्कूल फीस लेंगे।