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मुरादाबाद के सबसे सीनियर फिजिशियन:कोरोना से जंग जीते पर पोस्ट कोविड कॉम्प्लिकेशन से हार गए, 50 साल से कर रहे थे प्रैक्टिस

मुरादाबाद3 महीने पहले
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78 साल के डॉ.मोहन को कुछ समय पहले कोविड हुआ था। लेकिन वह फिर उनकी कोविड रिपोर्ट निगेटिव आ गई थी। - Dainik Bhaskar
78 साल के डॉ.मोहन को कुछ समय पहले कोविड हुआ था। लेकिन वह फिर उनकी कोविड रिपोर्ट निगेटिव आ गई थी।

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के सबसे सीनियर फिजिशयन और चिकित्सा जगत में अपनी अलग पहचान रखने वाले डॉ. अरविंद मोहन का सोमवार दोपहर निधन हो गया। 78 साल के डॉ.मोहन को कुछ समय पहले कोविड हुआ था। लेकिन वह फिर उनकी कोविड रिपोर्ट निगेटिव आ गई थी। लेकिन पोस्ट कोविड कॉम्प्लिकेशन से वह उबर नहीं सके और सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। पिछले करीब 50 सालों से वह और उनकी पत्नी डॉ. नीना मोहन शहर में स्टेशन रोड इम्पीरियल तिराहा पर स्थित अपने नर्सिंग होम पर प्रैक्टिस करते थे।

मृदु व्यवहार के लिए हमेशा याद रहेंगे
अपने रोगियो के साथ मृदु व्यवहार और व्यक्तिगत लगाव की वजह से डा अरविंद मोहन की शहर में एक अलग पहचान थी। सीनियर मोस्ट फिजिशियन होने के नाते शहर के चिकित्सा जगत में उनका एक अलग स्थान था। जरूरी होने पर वह अपने मरीजों को उनके घर जाकर देखने में भी संकोच नहीं करते थे।

आईएमए में शोक की लहर
आईएमए के अध्यक्ष डॉ. भगत राम राणा का कहना है कि डॉ. अरविंद मोहन जब कोरोना को शिकस्त देकर उबरे थे तो लगा था कि अब सबकुछ ठीक हो गया है। लेकिन पोस्ट कोविड कॉम्प्लिकेशन ने उन्हें हरा दिया। उनका जाना शहर के चिकित्सा जगत के लिए अपूर्णनीय क्षति है। सीनियर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शलभ अग्रवाल का कहना है कि डॉ. अरविंद मोहन उस समय से प्रैक्टिस कर रहे थे जब आत की पीढ़ी के तमाम डाक्टर स्कूलिंग में थे। वह अत्यंत मृदु भाषी और अपने मरीजों से लगाव रखने वाले चिकित्सक थे।

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