अधिसूचना जारी होते ही चला आचार संहिता का डंडा:मेरठ में उतरने लगे नेताओं के पोस्टर व होर्डिंग, एक्शन में अधिकारी

मेरठ7 महीने पहले
मेरठ में होर्डिंग बैनर उतारते कर्मचारी।
  • Posters and hoardings of leaders started being removed in Meerut as soon as the notification was issued

चुनाव आयोग ने शनिवार को पांच राज्‍यों के लिए चुनावों की तारीखों की घोषणा कर दी. इसके साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। इसी के साथ मेरठ और आस-पास के जिलों में सार्वजनिक स्थानों से राजनैतिक दलों के होर्डिंग्स, बैनर और पोस्टरों को हटाया जा रहा है।

आदर्श आचार संहिता लागू होते ही पुलिस, प्रशासन और नगर निगम की टीम नेताओं के होर्डिंग, बैनर उतारने शुरू कर दिए। शहर और देहात दोनों क्षेत्रों में लगे राजनैतिक दलों के होर्डिंग्स, बैनर और पोस्टरों को हटाया जा रहा है। दीवारों पर लिखी प्रचार सामग्री पर पेंट किया जा रहा है।

मेरठ में सार्वजनिक स्थानों से उतारे जा रहे राजनैतिक दलों के होर्डिंग्स, बैनर।
मेरठ में सार्वजनिक स्थानों से उतारे जा रहे राजनैतिक दलों के होर्डिंग्स, बैनर।

पश्चिमी यूपी से चुनाव की शुरुआत
मेरठ सहित आस-पास के सभी जिलों में पहले दो चरणों में चुनाव होगा। मेरठ की सात सीटों पर पहले चरण में चुनाव है। अधिसूचना जारी होते ही जिला प्रशासन भी एक्शन में आ गया है और तेजी दिखाते हुए प्रचार सामग्री को हटाया जा रहा है। साथ ही बूथों, मतदाता सूची से लेकर मतदान केंद्रों, ईवीएम मशीनों से जुड़ी तमाम तैयारियां तेज हो गई हैं।

जानें आदर्श आचार संहिता निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग कुछ नियम बनाता है। चुनाव आयोग के इन्हीं नियमों को आदर्श आचार संहिता कहते हैं। चुनाव के दौरान इन नियमों का पालन करना सरकार, नेता और राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी होती है। इसके नियम तोड़ने पर आयोग कार्रवाई कर सकता है।

आचार संहिता के इन नियमों का करना होगा पालन

  • किसी विशेष राजनीतिक दल या नेता को फायदा पहुंचाने वाले सार्वजनिक धन का इस्तेमाल नहीं होगा।
  • सरकारी गाड़ी, सरकारी विमान या सरकारी बंगला का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जाएगा।
  • किसी भी तरह की सरकारी घोषणा नहीं होगी। लोकार्पण और शिलान्यास नहीं होंगे।
  • राजनीतिक दल, प्रत्याशी, राजनेता या समर्थकों को रैली करने से पहले पुलिस से अनुमति लेनी होगी।
  • किसी भी चुनावी रैली में धर्म या जाति के नाम पर वोट नहीं मांगे जाएंगे।

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रैली-जनसभा करने पर पूरी तरह से रोक लगाई गई है।

  • न तो रोड शो होगा और न ही कोई रैली निकलेगी।
  • नुक्कड़ सभाओं पर भी रोक रहेगी।
  • डोर टू डोर कैंपेन में 5 लोगों को इजाजत।
  • रैलियों पर 15 जनवरी तक रोक रहेगी।
  • वोटिंग का समय एक घंटे बढ़ाया गया है।
  • यूपी में 90 प्रतिशत लोगों को पहली डोज लग चुकी है।
  • पोलिंग अधिकारियों को बूस्टर डोज दिया जाएगा।
  • यूपी में 29 फीसदी लोग पहली बार वोटिंग करेंगे।
  • हर बूथ पर मास्क और सैनिटाइजर का इंतजाम होगा।
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