मेरठ गगोल तीर्थ में शुरू हुई छठ पर्व की तैयारियां:घाट पर चूल्हा, सरोवर में शिवलिंग बनाने पर रोक, खड़े होकर अर्घ्य दे सकेंगी महिलाएं

मेरठ23 दिन पहले
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मेरठ के गगोल तीर्थ में शुरू हुई छठ पर्व की तैयारियां - Dainik Bhaskar
मेरठ के गगोल तीर्थ में शुरू हुई छठ पर्व की तैयारियां

मेरठ के पौराणिक गगोल तीर्थ में छठ पर्व की तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं। महिलाएं परतापुर गगोल तीर्थ में बने सरोवर में घड़े होकर सूर्यदेव को अर्घ्य दे सकेंगी, पूजन कर सकेंगी। लेकिन घाटों पर चूल्हे बनाने और शिवलिंग बनाकर पूजा करने पर रोक रहेगी। दिवाली होते ही तीर्थ पर सफाई और मरम्मत कार्य प्रारंभ हो गया है।

मेरठ के गगोल तीर्थ में धूमधाम से होगा छठ पर्व समारोह
मेरठ के गगोल तीर्थ में धूमधाम से होगा छठ पर्व समारोह

सरोवर में सामगी नहीं चढ़ा सकेंगी महिलाएं
महंत शिव दास ने बताया कि कोरोना चला गया है मगर सफाई और संक्रमण दोनों को ध्यान देना है। इसलिए तीर्थ पर मेला भी होगा, भक्तों को घाट, मंदिर में पूजन की अनुमति भी रहेगी। लेकिन सरोवर में सामग्री चढ़ाने पर रोक रहेगी। घाट पर चूल्हे नहीं बनेंगे बल्कि भक्तगण अपने स्थान पर अपना नाम लिखकर पूजा कर सकेंगे। 8 नवंबर को छठ पर्व की शुरूआत का पहला अर्घ्य नहाय खाय का होगा। पूजन के साथ घाटों पर मेला भी लगेगा।

छठ पर्व समारोह में घाट पर चूल्हे बनाना रहेगा प्रतिबंधित नाम लिखकर करनी होगी पूजा
छठ पर्व समारोह में घाट पर चूल्हे बनाना रहेगा प्रतिबंधित नाम लिखकर करनी होगी पूजा

पिछले साल नहीं हुआ था आयोजन
पिछले साल कोरोना के कारण तीर्थ पर किसी आयोजन की अनुमति नहीं दी गई थी। लोगों ने घर पर रहकर ही छठ का अर्घ्य दिया था। इस साल हालात सामान्य हो चले हैं इसलिए घाट पर पूजन की अनुमति दी गई है। गगोल तीर्थ के महंत स्वामी शिवदास के अनुसार लोग आएं आस्था के साथ पूजन करें इसका प्रबंध रहेगा। लेकिन सामाजिक दूरी का पालन भी करना होगा।

इन स्थानों पर भी होती है छठ पूजा
मेरठ में परतापुर के गगोल तीर्थ के अलावा हस्तिनापुर गंगा घाट, सरधना नानू नहर, भोला की झाल व हस्तिनापुर में अन्य गंगा घाटों पर छठ पूजन होता है। शहर में रामताल वाटिका कैंट में छठ पूजा होती है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता व उनके परिवारजन मिलकर कृत्रिम सरोवर बनाकर पूजा करते हैं। इसी तरह सुपरटेक में स्विमिंग पूल में पूजन व अर्घ्य दिया जाता है। कुछ अन्य स्थानों पर सांकेतिक अर्घ्य दिया जाता है।

ये हैं व्रत की मुख्य तिथियां
8 नवंबर- नहाय खाय
9 नवंबर- खरना
10 नवंबर- संध्या अर्घ्य
11 नवंबर- व्रत पारण