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मेरठ में भाकियू कार्यकर्ताओं के घर छापेमारी:जैनपुर, कंचनपुर घोपला गांव में बिजली विभाग और विजिलेंस ने की कार्रवाई, कृषि कानूनों के खिलाफ धरने धरने पर बैठे हैं इन गांवों के किसान

मेरठ12 दिन पहले
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कंकरखेड़ा, परतापुर, ब्रह्मपुरी, टीपी नगर इलाके में रहने वाले किसानों के घर विद्युत विभाग और विजिलेंस की टीम ने पुलिस के साथ छापेमारी की। - Dainik Bhaskar
कंकरखेड़ा, परतापुर, ब्रह्मपुरी, टीपी नगर इलाके में रहने वाले किसानों के घर विद्युत विभाग और विजिलेंस की टीम ने पुलिस के साथ छापेमारी की।

मेरठ में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं के घर पर बिजली विभाग ने छापेमारी कर दी है। परतापुर थाना क्षेत्र के बिजली बंबा बाईपास स्थित जैनपुर गांव और कंचनपुर घोपला गांव में बिजली विभाग ने छापा मारा है।

जो किसान आंदोलन कर रहे उनके घर छापेमारी हो रही

गुरुवार को बिजली विभाग ने कंकरखेड़ा, परतापुर, ब्रह्मपुरी, टीपी नगर आदि थानों की पुलिस फोर्स के साथ कंचनपुर घोपला और जैनपुर गांव में पहुंची और छापेमारी की कार्रवाई की। टीम ने भाकियू के उन कार्यकर्ताओं के यहां छापा मारा जो कृषि कानून के खिलाफ धरना दे रहे हैं।

छापेमारी की जानकारी मिलते ही गांव के लोगों में हलचल मच गई। घोपला व कंचनपुर दोनों ही गांव भारतीय किसान यूनियन के समर्थित लोगों के हैं। यहां के किसान और ग्रामीण लगातार भारतीय किसान यूनियन के बड़े नेताओं के साथ मिलकर प्रदेश और केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन में शामिल हैं।

न्याय न मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन, आपात बैठक बुलाई
कंचनपुर घोपला गांव प्रमुख किसान नेता विजयपाल घोपाल ने कहा, कि सरकार किसानों के साथ न्याय करना नहीं चाहती। किसान आंदोलन को वापस लेने के लिए सरकार उन पर दबाव बना रही है। लेकिन हम खामोश नहीं रहेंगे। अपनी बात कहेंगे और आंदोलन जारी रखेंगे।

किसान नेता नितिन बालियान ने कहा, कि विजिलेंस टीम ने खासतौर से उन घरों पर छापा मारा है, जिन घरों के किसान धरने में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज दबाने के लिए ये साजिश रची जा रही है। किसानों के घरों में छापेमारी के बाद भाकियू कार्यकर्ताओं ने तुरंत आपातकालीन बैठक बुलाई है।

भाकियू जिलाध्यक्ष का कहना
भारतीय किसान यूनियन मेरठ के जिला अध्यक्ष मनोज त्यागी ईकड़ी का कहना है, कि मैं किसानों के धरने पर हूं। भाकियू 3 नए कृषि कानूनों के विरोध में लगातार आंदोलन कर रही है। सरकार की मंशा के चलते किसानों को परेशान किया जा रहा है। जिन गांव के ग्रामीण और भाकियू कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ बोल रहे हैं। उन्हीं को सरकार के इशारे पर परेशान किया जा रहा है।

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