मेरठ में रावण संग जलेगा कोरोना का पुतला:पुलिस की निगरानी में ससुराल में दहन होगा यूपी का सबसे बड़ा लखटकिया रावण

मेरठ2 महीने पहले
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मेरठ के भैंसाली मैदान में बनकर तैयार हुआ पुतला - Dainik Bhaskar
मेरठ के भैंसाली मैदान में बनकर तैयार हुआ पुतला

उत्तर प्रदेश के मेरठ में आज विजयदशमी पर्व पर रावण संग कोरोना महामारी का पुतला भी फूंका जाएगा। भैंसाली मैदान कैंट में रावण का 120 फिट का पुतला जलेगा। मेघनाद, कुंभकरण के साथ कोरोना का भी 20 फिट का पुतला दहन किया जाएगा। कंकरखेड़ा में भी कोरोना का पुतला फूंका जलाया जाएगा।

मेरठ कैंट के रामलीला मैदान में बनकर तैयार हुए रावण, मेघनाद, कुंभकरण और कोरोना के पुतले
मेरठ कैंट के रामलीला मैदान में बनकर तैयार हुए रावण, मेघनाद, कुंभकरण और कोरोना के पुतले

मेरठ में दशहरा पूजन और रावण दहन के लिए पुलिस की चाकचौबदं व्यवस्था की गई है। दशहरा पर्व मनाया जाएगा। कोरोना के कारण शहर की चार रामलीला समितियों को मेला लगाने की अनुमति नहीं मिली है। 6 स्थानों पर रावण का दहन किया जाएगा।

कंकरखेड़ा में जलेगा बोलता रावण
मेरठ के कंकरखेड़ा मार्शल पिच मैदान पर अट्‌टाहस करता हुआ रावण दहन होगा। मीडिया प्रभारी निशांक गर्ग ने बताया कि 70 फुट का पुतला तैयार कराया गया है। तीनों पुतले देर रात क्रेन से खड़े कर दिए हैं। रावण के पुतले में होठों पर मोटर फिट की गई है। चार्जिंग मोटर में रावण के होंठ हिलते हुए नजर आएंगे, इससे दर्शकों को महसूस होगा कि दशानन बोल रहा है, संवाद माइक से कलाकार बोलेंगे। रंगीन आतिशबाजी के साथ यहां आवाज वाला रावण दहन होगा।

मेरठ में इन स्थानों पर रावण दहन
मेरठ में भैंसाली मैदान कैंट, कंकरखेड़ा मार्शल पिच, जेलचुंगी, दिल्ली रोड, तोपखाना फुटबॉल ग्राउंड, कसेरुखेड़ा, सूरजकुंड, प्रहलाद नगर, बुढ़ाना गेट में आयोजन होगा। कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए रावण का पुतला दहन किया जाएगा। रावण दहन के साथ यहां मेला लगेगा, मेले में दो गज दूरी मास्क है जरूरी का संदेश माइक से दिया जाएगा। सेनेटाइजर की व्यवस्था रहेगी।

शराब पिलाकर खड़ा किया जाएगा दशानन का पुतला
मेरठ कैंट रामलीला समिति द्वारा 50 से भी अधिक वर्षों से रावण दहन किया जा रहा है। यहां भैंसाली मैदान कैंट में दशहरा पर्व आयोजित होता है साथ मेला भी लगता है। मान्यता है कि यहां रावण के पुतले को पहले शराब पिलाई जाती है इसके बाद उसे खड़ा किया जाता है। गड्‌डे में पहले थोड़ी सी शराब डाली जाती है इसके बाद रावण का पुतला खड़ा करते हैं, अन्यथा पुतला गिर जाता है।

कोरोना के बाद बढ़ी पुतलों की महंगाई
कारीगरों के अनुसार इस बार कोरोना के कारण रावण के पुतलों को बनाना भी महंगा हुआ है। पहले जो पुतला एक लाख रुपए में बन जाता था वो इस बार सवा लाख रुपए में बनकर तैयार हुआ है। भैंसाली मैदान कैंट में यूपी का सबसे बड़ा रावण का पुतला दहन होना है। 120 फुट का यह पुतला सवा लाख रुपए में बना है। लखटकिया रावण का पुतला हाइटेक भी होगा। रिमोट से रावण का दहन किया जाएगा।

9 जोन 30 सेक्टर में बांटा गया शहर
रावण दहन के लिए मेरठ में शहर से देहात तक पुलिस की मजबूत व्यवस्था की गई है। कहीं झेड़खानी, बवाल न होने पाए इसके लिए पुलिस तैनात है। बृहस्पतिवार देर रात तक चैकिंग और फ्लैग मार्च अभियान चला। शहर को 9 जोन 30 सेक्टर में बांटा गया है। 18 बाजारों में क्यूआरटी भी लगाई गई हैं। मेले लगाने की अनुमति कम दी गई है, अधिकांश स्थानों पर केवल रावण दहन होगा।

रावण की ससुराल है मेरठ
मेरठ रावण की ससुराल है। रावण की पत्नी मंदोदरी के पिता मयदानव ने मेरठ नगर बसाया था। मंदोदरी के पिता मयदानव के नाम पर ही मेरठ का पुराना नाम मयराष्ट्र था जो आगे चलकर मेरठ हुआ। इसलिए मेरठ रावण की ससुराल है। यहां आज भी सदर स्थित बिल्वेश्वर मंदिर के बारे में प्रचलित है कि इस मंदिर में मंदोदरी भगवान शिव की पूजा करने आती थी। शिवजी के आशीर्वाद से ही मंदोदरी की विद्वान पति को पाने की इच्छा पूरी हुई थी।