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सरकारी दावों की हकीकत:मेरठ में मानसून से पहले पहली बारिश में ही बहने लगी करोड़ों की सड़क की मिट्टी, सड़क के दोनों तरफ हुए बड़े-बड़े गड्ढे

मेरठ2 महीने पहले
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सड़क किनारे हुए गड्ढे। - Dainik Bhaskar
सड़क किनारे हुए गड्ढे।

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के हस्तिनापुर इलाके में गंगा के किनारे करोड़ों रुपए की लागत से बनी सड़क पहली ही बरसात में बहने लगी है। अभी तो मानसून भी नही आया है। सड़क के दोनों साइड में गहरे गहरे गड्ढे हो गए हैं। और मिट्टी बारिश से धंस गई है। कई स्थानों पर मिट्टी पत्थर के किनारों से कट गई। यह पूरा मामला जब पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को पता चला तो पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों में खलबली मची हुई है।

2008 में प्रदेश में बसपा सरकार के कार्यकाल में मेरठ के हस्तिनापुर और बिजनौर के चांदपुर को जोड़ने के लिए गंगा के ऊपर पुल का प्रस्ताव तैयार किया गया। इस पर शुरुआत में काम भी हुआ, लेकिन सिर्फ बीच में ही काम अधर में लटका रहा। बसपा सरकार के बाद प्रदेश में सपा सरकार में भी यह पुल तैयार नहीं हो सका। 2020 में तीसरी सरकार के कार्यकाल में गंगा पर पुल का निर्माण हो सका। पुल से मेरठ की तरफ 3.5 किलोमीटर सड़क जो भीमकुंड से लतीफपुर को जोड़ती है, का निर्माण पीडब्ल्यूडी ने कराया था।

साल 2020 में शुरू हुआ काम
सर्दी शुरू होने से पहले 2020 में ही सड़क का काम पूरा हुआ। जो 3.5 किलोमीटर की सड़क गंगा के पुल से मेरठ की साइड है, मिट्टी पड़ना और अन्य कार्य में करीब 9 करोड रुपए का खर्च हुआ। लेकिन मई के लास्ट सप्ताह में जैसे ही बारिश हुई तो पहली ही बारिश ने सरकारी दावों की व्यवस्था की हकीकत को सामने ला दिया। सड़क के दोनों तरफ बड़े-बड़े गड्ढे हो गए। सड़क में भी गड्डे हो हो गए।

7 मीटर तक पड़ी थी मिट्टी
गंगा पर बने पुल से मेरठ की साइड 3.5 किलोमीटर की सड़क बनाई गई। वह सड़क करीब 7 मीटर ऊंचाई तक मिट्टी डालकर बनाई गई। मिट्टी को रोकने के लिए दोनों तरफ बड़े-बड़े पत्थर लगाए गए। सड़क निर्माण कार्य से पहले मिट्टी को रोड रोलर व अन्य हैवी मशीनों के प्रेशर से दबाया गया था। लेकिन अब बारिश से सड़क के दोनों तरफ कटान होना शुरू हो गया है। और कभी भी वाहनों के लिए हादसा होने का खतरा बन रहा है। पीडब्ल्यूडी के एक्शन अरविंद कुमार का कहना है कि यह बड़ा प्रोजेक्ट है। जमीन से सड़क की ऊंचाई करीब 7 मीटर तक है।सड़क ऊपर से कहीं भी टूटने की जानकारी नहीं है। लेकिन बारिश से सड़क के दोनों तरफ मिट्टी का कटान की जानकारी हुई है। जल्द ही इस पर काम शुरू करा दिया जाएगा।

मेरठ-बिजनौर की दूरी हुई थी कम
बिजनोर के चांदपुर से मेरठ के लिए क्षेत्र के लोगों को बिजनौर, गजरौला मार्ग से जाना पड़ता था। समय व आर्थिक रूप से क्षेत्र के लोगों को मंहगा पड़ता था। गंगा पर पुल का निर्माण कार्य वर्ष 2008 में शुरू हुआ। करीब 12 साल बाद 2020 में पुल का निर्माण कार्य पूरा होने पर यहां दूरी कम हुई।

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