बेटे ने पैसों के लिए किया रिश्तों का कत्ल:मेरठ में 180 बीघा जमीन व अस्पताल की संपत्ति को लेकर बेटे ने 82 साल के पिता की कराई थी हत्या, 3 गिरफ्तार

मेरठ5 महीने पहले
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उत्तर प्रदेश में मेरठ जिले की पुलिस ने 30 जून की रात को हुई महावीरा अस्पताल के मालिक यशपाल चौधरी की हत्या का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने अस्पताल मालिक के बेटे समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बेटे ने ही 50 हजार रुपये में शूटर हायर कर पिता की हत्या कराई थी। पुलिस का कहना है कि 180 बीघा जमीन व अस्पताल की संपत्ति को लेकर हत्या की गई है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त की गई पिस्टल भी बरामद कर ली है।

टीपीनगर क्षेत्र के मुलतान नगर निवासी यशपाल चौधरी का महावीरा के नाम से हॉस्पिटल है। अस्पताल के पास ही उनका धर्मकांटा भी है। अस्पताल की खुद देखरेख करते थे। 30 जून की रात को हॉस्पिटल संचालक की उस समय हत्या कर दी गई थी। जब वह अपने धर्मकांटे पर कमरे में साये हुए थे।

उनका शव चारपाई पर मिला था। क्राइम सीन देखकर ही पुलिस को लग गया था कि किसी नजदीकी ने हत्या की है। क्योंकि बुर्जुग को सिर्फ एक गोली उनके मुंह में मारकर हत्या की गई थी। मृतक के पुत्र नरेन्द्र सिंह ने थाना टीपीनगर में अज्ञात में हत्या का केस दर्ज कराया था।

संपत्ति को लेकर था विवाद
एसपी सिटी विनीत भटनागर ने प्रेसवार्ता में घटना का खुलासा करते हुए बताया कि महावीरा हॉस्पिटल में लगे कैमरो की सीसीटीवी फुटेज द्वारा बदमाशो की तलाश की गयी। यशपाल चौधरी व उसके पुत्रों में पैतृक सम्पत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। मृतक यशपाल चौधरी खुद महावीरा अस्पताल की देखरेख करते थे।

मृतक यशपाल चौधरी के चार पुत्र सतेन्द्र, नरेन्द्र, धर्मेन्द्र, अमित हैं। मृतक यशपाल चौधरी द्वारा अपनी सम्पत्ति व अस्पताल में पुत्र नरेन्द्र को पूर्व में अधिक हिस्सा दिया गया था । अन्य पुत्रों के हिस्से में कम-कम सम्पत्ति बांटी गयी थी। अब वर्तमान में यशपाल चौधरी द्वारा उक्त सम्पत्ति को बेचकर अपने सभी पुत्रो में बराबर बराबर बांटना चाहता था। जिस कारण सम्पत्ति को अपने हाथ से जाता देख नरेन्द्र द्वारा पिता की हत्या की योजना बनाई गई। इसमें अस्पताल में काम करने वाले मुनव्वर अली उर्फ मोनू पुत्र तसव्वर अली निवासी सालारपुर को मोटी रकम का लालच दिया गया।

अस्पताल खाली कराने से पहले ही हत्या
सीओ ब्रहमपुरी अमित राय ने बताया की इस अस्पताल में मुनव्ववर काम करता था। वह अस्पताल खाली नहीं कर रहा था। एक जुलाई को असपताल को यशपाल चौधरी खाली कराने चाहते थे। उससे पहले ही 30 जून की रात को ही यशपाल चौधरी की हत्या कर दी गई। जबकि नरेन्द्र नहीं चाहता था कि मुनव्वर अस्पताल को खाली करे। यशपाल चौधरी अपने बेटे नरेन्द्र के साथ गाली गलौच करता रहता था । यशपाल चौधरी महावीरा अस्पताल की जायदार व बदांयू की 180 बीघा जमीन को बेचकर चारों बेटों में बराबर देना चाहता था।

अस्पताल का एक तिहाई हिस्सा व 80 बीघा जमीन नरेन्द्र के नाम पर ही है। और इसी रंजिश से नरेन्द्र द्वारा मुनव्वर अली उर्फ मोनू को आधा किराया देने व अस्पताल में आधे का हिस्सेदार बनाने का लालच देकर अपने पिता यशपाल चौधरी की हत्या करने की साजिश रचकर मुनव्वर अली उर्फ मोनू के जानकार शार्प शूटर नूर आलम पुत्र अब्दुल अजीज निवासी ग्राम सलारपुर थाना रोहटा मेरठ को भी शामिल कर लिया। शूटर नूर आलम पर किसी का कर्ज था, का कर्ज चुकाने व 50 हजार रूपये अन्य देने के नाम पर यशपाल चौधरी की हत्या की योजना बनाई।

पिता की हत्या कराई और कंधा भी दिया
यशपाल चौधरी के दूसरे नंबर के बेटे नरेंद्र ने ही शूटर नूरआलम को 50 हजार रुपये एडवासं दिए। और घटना से पहले बताया था की मेरा पिता चारपाई पर धर्मकांटे पर सोता है। जिसके बाद नूर आलम रात के तीन बजे के करीब वहां पहुंचा और मुंह में पिस्टल देकर यशपाल की हत्या कर दी। अगले दिन बेटे नरेंद्र ने पिता की अर्थी को कंधा भी दिया था। जिसमें नूरआलम ने चेहरे पर कपड़ा भी बांध रखा था।

बाद में पुलिस ने 12 जगह सीसी टीवी फुटेज देखी। जिसके बाद पुलिस हत्या करने वालों तक पहुंची। पुलिस ने मृतक के पुत्र नरेन्द्र पुत्र यशपाल चौधरी निवासी 312 मुल्तान नगर, मुनव्वर अली उर्फ मोनू पुत्र तसव्वर अली निवासी ग्राम सलारपुर थाना रोहटा और शूटर नूर आलम पुत्र अब्दुल अजीज निवासी ग्राम सलारपुर थाना रोहटा मेरठ गिरफ्तार किया है।

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