ओलिंपिक में पदक से एक कदम दूर बुलंदशहर के सतीश:टोक्यो ओलिंपिक में जमैका के बॉक्सर रिकार्डो ब्राउन को हराकर जीत की ओर बढ़े बॉक्सर सतीश कुमार, क्वार्टर फाइनल में पहुंचे

मेरठ3 महीने पहले
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बुलंदशहर पचौता गांव के सतीश कुमार ने 2018 में खुद से किया था ओलिंपिक में देश के लिए पदक लाने का वादा - Dainik Bhaskar
बुलंदशहर पचौता गांव के सतीश कुमार ने 2018 में खुद से किया था ओलिंपिक में देश के लिए पदक लाने का वादा

टोक्यो ओलिंपिक में आज सुबह की शुरूआत खुशखबरी के साथ हुई है। थोड़ी देर पहले ही टोक्यो में बुलंदशहर के हैवीवेट बॉक्सर सतीश कुमार ने पदक की ओर एक कदम बढ़ाया है। सतीश कुमार ने जमैका के बाक्सर रिकार्डो ब्राउन को मात दी है। सतीश ने 4-1 से ये मुकाबला अपने नाम कर लिया है। क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए हैं।

बॉक्सर सतीश कुमार ने 91 किलो वर्ग के अंतिम-16 मुकाबले में जीत हासिल की है। सतीश ने पहला राउंड 5-0, दूसरा और तीसरा 4-1 से जीत लिया। अब सतीश अंतिम 8 में पहुच चुके हैं। सतीश से पदक की उम्मीद बढ़ गई है।

बुलंदशहर पचौता गांव के सतीश कुमार यादव को बॉक्सिंग के पहले राउंड में बाई मिल चुकी है। प्रतिद्वंदी खिलाड़ी ने अपना नाम मैच से वापस ले लिया, इसके चलते सतीश दूसरे राउंड में पहुंच चुके थे। एशियाई चैंपियनशिप और राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीत चुके सतीश कुमार टोक्यो ओलिंपिक में स्वर्ण जीतने की तैयारी के साथ टोक्यो पहुंचे हैं। भारतीय सेना में नायक सूबेदार सतीश कुमार पुरुषों की सुपर हैवीवेट राउंड ऑफ 16 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल विजेता सतीश कुमार से पदक की पूरी उम्मीद की जा रही है। सतीश कुमार ने 2018 कॉमनवेल्थ में खुद से वादा किया था कि ओलंपिक्स में देश को सोना दिलाऊंगा।

2010 में जीता था पहला पदक
सतीश कुमार ने पहला गोल्ड मेडल 2010 में उत्तर भारत एरिया चैंपियनशिप में जीता था। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। सतीश ने पहला नेशनल चैंपियनशिप सिल्वर मेडल जीता। इसके बाद उन्होंने एशियन गेम्स 2014 में ब्रांज मेडल जीता और 2018 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीता।

एशियन चैंपियनशिप में 2015 में भी ब्रांज जीता। पूरा परिवार सतीश की उपलब्धि पर गर्व करता है। सतीश की मां गुड्‌डी बताती हैं सतीश 11 साल का था तब कोई संसाधन नहीं था। मेरा भोलू (सतीश का घर का नाम ) ट्यूब् में रेत भरके अभ्यास करता था। सेना में सतीश के साथी उन्हें खली बुलाते हैं। सतीश के पिता बेटे की जीत के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

कॉमनवेल्थ में अंपायर पर उठाए थे सवाल
सतीश कुमार ने 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था। उस वक्त निर्णायकों के फैसले पर सवाल उठाने पर सतीश कुमार चर्चा में रहे। सतीश ने तब कहा था कि वो गलत निर्णय का शिकार हुए। उनका प्रदर्शन अच्छा था फिर भी यूरोपियन देशों ने एक होकर उनके खिलाफ निर्णय दिया।

इंग्लैंड के प्रोफेशनल मुक्केबाज फ्रेजर क्लार्क से सतीश कुमार का मुकाबला था। उस वक्त सतीश ने कहा था कि तीनों बाउट में मैंने बेहतरीन प्रदर्शन किया, कोच मुझे जीत की बधाई देने लगे थे मगर निर्णायकों ने क्लार्क को विजेता घोषित किया था। तभी सतीश कुमार ने ओलिंपिक 2020 में गोल्ड लाने का ऐलान किया था।

सतीश कुमार का स्पोर्ट्स प्रोफाइल
2010 में मुक्केबाजी का करियर शुरू किया
5 नेशनल रिकार्ड हासिल कर चुके हैं
2014 एशियाई खेलों में कांस्य पदक
2015 एशियाई चैम्पियनशिप में कांस्य पदक
2018 राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक
2019 एशियाई चैम्पियनशिप में कांस्य पदक

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