मेरठ सेफ सिटी प्रोजेक्ट पर जल्द शुरू होगा काम:कमिश्नर ने बैठक में दिए निर्देश, महिलाओं की सुरक्षा वाले प्रोजेक्ट्स शामिल किए जाएं

मेरठ2 महीने पहले
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कमिश्नरी सभागार में मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह ने सेफ सिटी परियोजना की जानकारी दी - Dainik Bhaskar
कमिश्नरी सभागार में मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह ने सेफ सिटी परियोजना की जानकारी दी

मेरठ के मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह ने बुधवार को सेफ सिटी परियोजना की मीटिंग ली। कमिश्नरी में हुई मीटिंग में सेफ सिटी प्रोजेक्ट के कार्यों व प्रस्तावों की जानकारी ली। मेरठ में 30 करोड़ रुपए के बजट से सेफ सिटी प्रोजेक्ट पूरा किया जाएगा।

कार्यालयों, पब्लिक प्लेस में बनेंगे ब्रेस्ट फीडिंग सेंटर
सेफ सिटी योजना में सरकारी कायालयों व सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं के लिए मातृत्व कक्ष बनाए जाएंगे। अस्पतालों में महिला मरीजों एवं तीमारदार महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष प्रयास किए जाए। महिला अफसरों के लिए सुरक्षित आवासीय परिसर बनाए जाएंगे। 25–30 करोड़ के बजट से ये प्रोजेक्ट तैयार होंगे।

17 शहरों को बनाना है सेफ सिटी
प्रदेश सरकार ने मेरठ समेत 17 शहरों को सेफ सिटी की छतरी के नीचे लाने के लिए प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया है। केंद्र और प्रदेश सरकार के इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के तहत महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाने हैं। निर्भया कांड के बाद सबसे पहले केंद्र सरकार ने चुनिंदा बड़े शहरों को सेफ सिटी बनाने का फैसला किया था। पहले दिल्ली, लखनऊ, भोपाल जैसे शहरों में यह प्रोजेक्ट पर काम शुरू कराया गया। बाद में प्रदेश के अन्य 16 शहरों को सेफ सिटी बनाने की घोषणा हुई। सेफ सिटी का जिम्मा कमिश्नर को दिया गया है।

ऐसे सेफ सिटी बनेगा मेरठ
1. सेफ सिटी के तहत सिटी बसों में सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन लगाए जाएंगे। कोई परेशानी आने पर महिला पैनिक बटन दबाएगी तो कंट्रोल रूम को सूचना मिल जाएगी।
2. ये पैनिक बटन इस तरह के होंगे कि महिला बोलकर अपनी समस्या सुना भी सकेगी, इसे कंट्रोल रूम पर नोट किया जाएगा। बटन के पास ही कैमरा लगा होगा जो कंट्रोल रूम से जुड़ा होगा।
3. शहर के ऐसे क्षेत्र चिह्नित किए जाएंगे जहां रात में महिलाएं आती जाती हैं और वहां रोशनी कम हो। ऐसी जगहों पर रोशनी के पर्याप्त इंतजाम किए जाएंगे। स्ट्रीट लाइटों को ठीक किया जाएगा।
4. प्रमुख चौराहों पर कियोस्क लगाए जाएंगे जिनमें महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। महिलाएं जरूरत पड़ने पर इनसे मदद मांग सकेंगी।
5. प्रमुख चौराहों और मुख्य बाजारों में महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट बनाए जाएंगे।
6. महिला पुलिसकर्मी पिंक स्कूटी से शहर में पेट्रोलिंग करेंगी। खासतौर से महिला कॉलेजों, स्कूलों के पास पेट्रोलिंग होगी।
7. आशा ज्योति केंद्रों को महिला शिकायतें सुलझाने के लिए और मजबूत किया जाएगा
8. इंटीग्रेटेड स्मार्ट कंट्रोल रूम और महिलाओं की परेशानी सुनने के लिए पिंक बूथ बनेंगे

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