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मेरठ में स्क्वाड्रन लीडर कुलदीप की सास का दर्द:हीरे जैसा दामाद था मेरा, उस दिन बेटी से बात हुई थी वह पति के लिए खाना बना रही थी

मेरठ8 महीने पहलेलेखक: शालू अग्रवाल
स्कवाड्रन लीडर कुलदीप सिंह के साथ पत्नी यशविनी और परिवार के लोग।

मम्मी डेढ़ बजे कुलदीप घर लौटेगा, उस दिन बस इतना कहकर बेटी यशविनी ने मेरा फोन काट दिया। बेटी दामादजी के लिए खाना बना रही थी, उसको क्या पता था कि आज उसकी बनाई रोटी को खाने वाला कभी लौटकर नहीं आएगा। दामादजी अब नहीं लौटेंगे, इस हकीकत ने कलेजे को अनगिनत दफा छलनी किया है। फोन पर यह कहते हुए यशविनी की मां और CDS के साथ हेलिकॉप्टर क्रैश में शहीद हुए स्कवाड्रन लीडर कुलदीप की सास सावित्री ढाका रोते जा रही थीं। वह मेरठ में सैनिक विहार कालोनी में रहती हैं।

बेटी के ससुराल राजस्थान के झुझुनूं जाते वक्त रास्ते में सावित्री ढाका ने दैनिक भास्कर से बात की तो यही कहा कि मेरी बेटी की किस्मत छाप दो। अब कुछ नहीं बचा, मैं क्या बोलूं, बोलने का कोई फायदा नहीं। बस कोई मेरी बेटी की किस्मत छाप दो।

अब मेरी गुड़िया की बनाई रोटी कौन खाएगा...​​​​

मेरठ की यशविनी से झुझुनूं के कुलदीप सिंह की शादी हुई थी।
मेरठ की यशविनी से झुझुनूं के कुलदीप सिंह की शादी हुई थी।

19 नवंबर 2019 को मेरठ की यशविनी से झुझुनूं के कुलदीप सिंह की शादी हुई थी। करीब 21 दिन पहले दोनों ने शादी की सालगिरह मनाई थी। उस दिन सेलिब्रेशन के दौरान एक्स नेवी अफसर रणधीर सिंह ने अपने इकलौते बेटे कुलदीप के सिर पर सेहरा बांधा था। यशविनी की मां सावित्री कहती हैं कि उस मनहूस दिन मेरी लाडो तो कुलदीप के लिए घर पर खाना बना रही थी, मुझसे कहा मम्मी फोन काटो, कुलदीप आने वाले हैं। मैंने भी फोन काट दिया। मगर, शाम को हमें पता चला कि CDS बिपिन रावत के साथ विमान हादसे में हमारा घर भी उजड़ गया। ये वही हेलिकॉप्टर था जिसमें हमारा दामाद कुलदीप था। मेरी बेटी अब किसके लिए रोटी बनाएगी, कौन उसकी बनाई रोटी खाएगा।​​​​​​

21 दिन पहले दोनों ने शादी की सालगिरह मनाई थी। उस दिन एक्स नेवी अफसर रणधीर सिंह ने अपने इकलौते वायु सैनिक बेटे कुलदीप के सिर पर सेहरा बांधा था।
21 दिन पहले दोनों ने शादी की सालगिरह मनाई थी। उस दिन एक्स नेवी अफसर रणधीर सिंह ने अपने इकलौते वायु सैनिक बेटे कुलदीप के सिर पर सेहरा बांधा था।

सासू मां को अपने साथ रखना चाहते थे कुलदीप
कुलदीप की सांस सावित्री ढाका ने बताया कि 2 सितंबर 2021 को मुझे डेंगू हुआ, रोजाना की तरह मैं बेटी, दामाद से वीडियो कॉल पर बात कर रही थी। उन्हें लगा कि मेरी तबीयत खराब है तो दामाद ने कहा- मम्मी ख्याल रखो। आधा घंटे हमने वीडियो कॉल पर रोज की तरह बात की थी। दूसरे दिन मेरी तबीयत और बिगड़ गई। वे रात 2 बजे बेटी को लेकर घर आ गए। बेटी को एक महीने के लिए मेरी देखभाल में छोड़ दिया। हमेशा कहते मम्मी यहां अकेले रहती हो, बोर हो जाती हो, हमारे साथ चलो। हम अपने पास रखेंगे। मैं कहती अभी न आ रही, बेटे की शादी करनी है। बेटे की शादी करके फिर आऊंगी, अब किसके घर जाऊंगी। भगवान ने घर ही छीन लिया।

जिस समय विमान हादसा हुआ पत्नी यशविनी पति के लिए लंच बना रही थी
जिस समय विमान हादसा हुआ पत्नी यशविनी पति के लिए लंच बना रही थी

4 अक्टूबर को आखिरी बार चूमा था माथा
4 अक्टूबर को कुलदीप मेरठ आए और यशविनी को साथ ले गए थे। एक महीने बेटी मेरे साथ रही। लगातार 3 साल से वो 8 अक्टूबर को एयरफोर्स-डे की परेड में भाग लेते थे। इस बार भी 8 अक्टूबर को हिंडन पर परेड में थे। उस दिन उन्हें आखिरी बार छूकर माथा चूमा था। अब किसको दुलार करूंगी। हीरे-सा दामाद था मेरा।

मेरठ में यशविनी के पिता के घर में पसरा सन्नाटा
मेरठ में यशविनी के पिता के घर में पसरा सन्नाटा

हीरे सा दामाद था, जनवरी में मनाना था बर्थडे
यशविनी के पिता यानी कुलदीप के ससुर देवेंद्र ढाका कहते हैं कि हीरे-सा दामाद था। सोच भी नहीं सकते कि ऐसा कुछ हो जाएगा। ये भगवान ने क्या कर दिया। अभी 19 जनवरी को दामादजी का जन्मदिन मनाना था। हमने सोचा था कि सब मिलकर कुछ अच्छा करेंगे। मगर, भगवान ने वो पल ही छीन लिया। कभी लगा ही नहीं कि वो मेरे दामाद हैं। हमेशा बेटे की तरह घर आते, हमारी देखभाल करते। मेरा बेटा तो सीतापुर यूपी पुलिस में पोस्टिंग में हैं। बाहर ही रहता है। मैं भी रेलवे में हूं तो घर पर ज्यादा टाइम नहीं दे पाता। एक माह पहले मेरी पत्नी को डेंगू हुआ था। मुझे और बेटे दोनों को छुट्‌टी नहीं मिल रही थी तो अचानक रात को दामादजी बेटी को लेकर आ गए। मेरी पत्नी की पूरी सेवा की, उनका ख्याल हमसे ज्यादा उन्होंने रखा। अब तो कुछ बोलने को ही नहीं बचा। हम दोनों परिवारों ने मिलकर बच्चों की शादी की थी।

यशविनी की शादी में परिवार के लोग।
यशविनी की शादी में परिवार के लोग।

यशविनी ने 8 बजे मैसेज किया कुलदीप चला गया
डीएन पीजी कॉलेज में कंप्यूटर साइंस डिपार्टमेंट की एचओडी डॉ. दिव्या शर्मा यशविनी की सहेली और सीनियर हैं। दिव्या कहती हैं कि हर दो तीन दिन में मेरी यशविनी से बात होती है। उसकी शादी में भी गई थी। हम एक ही कॉलेज में जॉब पर रहे थे लेकिन शादी के बाद उसने रिजाइन किया। हमारी बातें होती रहती थीं। अभी बुधवार को हमारी बात हुई तो उसने कहा था कि कुलदीप बिपिन रावत जी के साथ गए हैं। लेकिन, जब हेलिकॉप्टर क्रैश की न्यूज टीवी पर देखी तो दिल धड़कने लगा, बस यही प्रार्थना कर रही थी कि सब ठीक हों। रात तक कोई खबर नहीं थी। गुरुवार सुबह 8 बजे यशविनी ने मैसेज किया कि कुलदीप चला गया। उसका मैसेज देखकर दिल धक्क से रह गया।

रोहटा रोट जाट सभा के अध्यक्ष राजवीर ढाका कहते हैं कि मेरठ सैनिक विहार के रहने वाले देवेंद्र ढाका सेवानिवृत्त आर्मी पर्सन हैं। रेलवे में नौकरी करते हैं। दोनों परिवारों की रजामंदी से यशविनी और कुलदीप की 19 नवंबर 2019 को शादी हुई थी। ये परिवार मूलत: बागपत के ढिकोली गांव का रहने वाला है, पिछले काफी सालों से मेरठ में रह रहा है। यशविनी का पूरा परिवार मेरठ से उनकी ससुराल बहरोड पहुंच चुका है। दोनों ही परिवार बहुत भले परिवार हैं।

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