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  • The Police Caught The Meat laden Car And Left It After 7 Hours, The Kotwali In charge And The Outpost In charge Made A Ruckus In The Statement; The Sp Said That The Investigation Will Be Done

बिजनौर पुलिस क्या छिपा रही ?:पुलिस ने मीट लदी गाड़ी पकड़कर 7 घंटे बाद छोड़ दी, कोतवाली प्रभारी और चौकी इंचार्ज ने बयान में झोल; कप्तान ने कहा जांच कराएंगे

बिजनौर20 दिन पहले
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करीब 7 घंटे बाद मीट के साथ पुलिस ने गाड़ी छोड़ दी। - Dainik Bhaskar
करीब 7 घंटे बाद मीट के साथ पुलिस ने गाड़ी छोड़ दी।

बॉर्डर पार कर बिजनौर जिले में आई मीट की एक गाड़ी को पुलिस ने पहले पकड़ा और फिर 7 घंटे की संदिग्ध जांच के बाद छोड़ दिया। लेकिन पुलिस की जांच उसके अधिकारियों के बयानों के बाद सवालों के घेरे में आ गई। अब इस मामले में आला अधिकारी मामले की जांच करने की बात कर रहे हैं।

2 लोग फरार हो गए थे, एक को हिरासत में लिया था
दरअसल थाना नजीबाबाद पुलिस ने दावा किया कि मुखबिर की सूचना पर जलालाबाद के कबाड़ीवाला क्षेत्र में मीट से भरा पिकअप वाहन पकड़ा गया है। हाईवे से गुजर रहे वाहन चालक ने पुलिस को देखकर वाहन को कबाड़ीवाला गांव क्षेत्र में मोड़ लिया। पुलिस का पीछा करने पर वाहन में सवार चालक सहित दो लोग फरार हो गए जबकि एक को पुलिस ने हिरासत में लेकर पिटाई भी की।

सीओ और थाना प्रभारी भी मौके पर थे
मीट का वाहन पकड़े जाने की सूचना पर थाना प्रभारी दिनेश गौड़, जलालाबाद चौकी प्रभारी राजीव शर्मा, जाब्तागंज चौकी प्रभारी एके मिश्रा और सराय चौकी प्रभारी सतेंद्र पून‌िया पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। सीओ गजेंद्र पाल सिंह ने मीट के वाहन के संबंध में जानकारी की। बाद में करीब 7 घंटे बाद मीट के साथ गाड़ी छोड़ दी गई।

मीट गाड़ी छोड़ने की पुलिस थ्योरी में झोल
चौकी प्रभारी राजीव शर्मा ने बताया कि पुलिस को देखकर वाहन चालक घबरा गया। गाड़ी में लदा मीट सहारनपुर से नजीबाबाद आया था, मीट और वाहन से संबंधित कागजात सही पाए गए। जबकि थाना नजीबाबाद कोतवाल दिनेश कुमार ने बताया कि मीट मुजफ्फरनगर से लाया गया था। कागजात सही पाए गए और चालक ने पशु चिकित्सक का प्रमाण पत्र भी दिखाया था। सभी कुछ सही पाने पर वाहन को छोड़ दिया गया है।

पशु चिकित्सा अधिकारी से परहेज क्यों ?
अमूमन कोई भी मीट मिलने पर पुलिस जिले के किसी भी पशु चिकित्साधिकारी से मीट का परीक्षण कराते हैं, लेकिन यहां पुलिस ने ऐसा नहीं किया। मामले में पशु चिकित्साधिकारी डॉ.विनोद कुमार ने पुलिस द्वारा मीट की जांच के लिए बुलाए जाने की तो पुष्टि की। लेकिन उन्होंने बताया कि उनके घटनास्थल पर पहुंचने से पहले ही पुलिस मीट के वाहन को छोड़ चुकी थी।

कप्तान बोले जांच कराएंगे, अगर खेल हुआ तो खैर नहीं
बिजनौर पुलिस कप्तान डॉ धर्मवीर सिंह ने मामले में पुलिस अधिकारियों के बयानों में बड़ा अंतर होने की बात पर जांच कराने का दावा किया है। बकौल कप्तान अगर मामले में किसी तरह का भी खेल हुआ है तो कार्रवाई की जाएगी।

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