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टोक्यो पैरालिंपिक में सुहास ने जीता सिल्वर मेडल:PM ने फोन कर नोएडा के DM को दी बधाई, कहा- आप तो मेरे कलीग हैं भइया; जवाब मिला- आज बहुत ही गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं

मेरठ5 महीने पहले
टोक्यो पैरालंपिक में बैडमिंटन के एसएल-4 कैटेगरी के फाइनल में नोएडा के डीएम सुहास एलवाई ने सिल्वर मेडल जीता है।

टोक्यो पैरालंपिक में बैडमिंटन के एसएल-4 कैटेगरी के फाइनल में नोएडा के डीएम सुहास एल यथिराज को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। सोना साधने की उनकी कोशिश नाकाम रही। फाइनल मुकाबले में फ्रांस के खिलाड़ी लुकास मजूर से हार का सामना करना पड़ा। मुकाबला 3 गेम तक चला।

सुहास ने पहला गेम 21-15 से जीता और इसके बाद दोनों गेम वो कड़े मुकाबले में हार गए। लुकास मजूर ने आखिरी दोनों गेम 21-15, 17-21 से जीता। सुहास ने यह मेडल एसएल-4 कैटेगरी में जीता। एसएल-4 में वे पैरा एथलीट शामिल होते हैं, जिन्हें चलने-दौड़ने में थोड़ी परेशानी होती है।

PM मोदी ने फोन कर सुहास को दी बधाई, कहा- आप तो मेरे कलीग हैं भइया
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन कर सुहास से कहा कि आपको जीत की बहुत-बहुत बधाई। आपका अभिनंदन...आपने देश का गौरव बढ़ाया है। आपने कर्नाटक, उत्तर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। PM ने आगे कहा कि आप हमारे कलीग हैं, हम दोनों सरकार के लिए काम करते हैं। उन्होंने कहा कि सुहासजी...दुनिया का नियम है, जो बहुत प्लानिंग करके आते हैं वो रह जाते हैं। यूपी आपका इंतजार कर रहा है।

सुहास PM से बोले - आपकी सीख को फॉलो किया
इसपर सुहास ने PM से कहा कि मैंने कभी सोचा नहीं था कि मैं यहां तक पहुंचुंगा। मैं तो बहुत छोटे से गांव का रहने वाला हूं। बचपन में कभी नहीं सोचा था कि एक दिन कलेक्टर बनूंगा, पैरालंपिक खेलूंगा और देश के लिए पदक लाऊंगा। भावुक होते हुए सुहास ने PM से कहा कि सर, मैं दिव्यांग बन गया...इस पर मुझे भगवान से शिकायत रहती थी कि मेरे साथ ऐसा क्यों किया? मगर आज भगवान की कृपा से देश के लिए जीत हासिल कर सका। आज बहुत ही गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।

सुहास ने जकार्ता एशियन पैरा गेम्स की याद साझा करते हुए PM से कहा कि सर, उस गेम में मेरे ब्रांज जीतने पर आपने कहा था कि आप लोग जिंदगी में जीत के लिए बने हो, खेल तो जीत ही लेंगे, बस उसी बात को माइंड में रखकर मैं खेलता रहा। टोक्यो जाने से पहले आपने कहा था कि सामने कौन है यह न देखें, अपना बेस्ट दीजिएगा। मैं उसी को फॉलो करता रहा।

UP सीएम योगी ने भी दी बधाई
उधर, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुहास को सिल्वर जीतने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि आपने मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है। आपकी यह उपलब्धि देश के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

पूरे देश की दुआओं ने उन्हें जीत दिलाई
गाजियाबाद में एडीएम प्रशासन के पद पर तैनात ऋतु ने पति सुहास की जीत के लिए मौन व्रत रखा था। पत्नी ऋतु ने बताया कि सुबह 6.15 बजे मैच शुरू हुआ। खत्म होने के बाद ही व्रत तोड़ा। उन्होंने कहा कि एक कहावत है कि आपको कुछ चाहिए तो पूरी कायनात आपको उससे मिलवाती है, सुहास उसका जीता जागता उदाहरण हैं। नौकरी और खेल दोनों काम वो दिल से करते हैं।जॉब के बाद रात को 4 घंटे प्रैक्टिस करते थे, उनकी मेहनत रंग लाई है। यह मेडल गोल्ड से भी ऊपर है।

सुहास की पत्नी ऋतु कहती हैं कि छह साल से पति का कोई मैच नहीं देखा था। क्योंकि मैच का परिणाम क्या होगा, यह सोचकर मैं घबरा जाती हूं और मुझे एंग्जाइटी हो जाती है। मैच में कहीं कुछ कमतर न हो इसलिए मैं मैच नहीं देखती।

आगे ऋतु बताती हैं कि फाइनल में पति मैच में जीत हासिल करें, इसलिए मैंने मौन व्रत रखा। पूरा परिवार उनकी जीत की प्रार्थना कर रहा था, उससे बढ़कर करोड़ों देशवासियों की दुआएं उनके साथ रही। इसी का फल रहा कि वह रजत पदक हासिल कर सके। हालांकि, उन्होंने स्वर्ण पदक के लिए भरपूर प्रयास किया। इंडिया से जो भी खिलाड़ी पैरालिंपिक में खेल रहे हैं, सब जीतें यही प्रार्थना करती हूं।

ऋतु बताती हैं कि सुहास से उनकी मुलाकात चुनावी ड्यूटी के दौरान हुई थी। (फोटो - सुहास एल यथिराज पत्नी ऋतु सुहास संग )
ऋतु बताती हैं कि सुहास से उनकी मुलाकात चुनावी ड्यूटी के दौरान हुई थी। (फोटो - सुहास एल यथिराज पत्नी ऋतु सुहास संग )

सुहास ही तय करते हैं प्रॉयोरिटी
ऋतु कहती हैं कि नौकरी, जनता, खेल और घर इनके बीच की प्रॉयोरिटी हमेशा पति सुहास ही तय करते हैं। उन्होंने हमेशा स्पोर्ट्स को प्राथमिकता दी है। कुछ पाने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। सुहास ने वो मेहनत की है। आज वो जिस मुकाम पर हैं, वो उस मेहनत का ही परिणाम है। मैं भगवान का धन्यवाद देती हूं कि उन्होंने उस मेहनत को सफल किया है।

बैडमिंटन के लिए बहुत डेडिकेटेड हैं
पत्नी ऋतु कहती हैं कि डीएम सुहास खेल को लेकर बहुत डेडिकेटेड हैं। सुबह, जनता और नौकरी को समय देते हैं। रात 8 बजे से 12 बजे तक खेलते हैं। उनकी पूरी टीम और कोच पूरे डेडिकेशन के साथ खेलने को तैयार रहते हैं। इस दौरान वह कोई ऑफ भी नहीं लेते। दिनभर थककर जब सारे लोग सोते हैं, तब वो कोर्ट में मेहनत करते हैं। उनकी पूरी टीम बहुत मेहनती है। उनके एक्सरसाइज, स्ट्रेचिंग, फिजियो सभी के सेशन सेट रहते हैं, जिसे वो रोजाना कंप्लीट करते हैं।

ऋतु कहती हैं, सुहास खेल को लेकर काफी समर्पित हैं, जॉब के बाद रात को 4 घंटे करते थे प्रैक्टिस।
ऋतु कहती हैं, सुहास खेल को लेकर काफी समर्पित हैं, जॉब के बाद रात को 4 घंटे करते थे प्रैक्टिस।

चुनावी ड्यूटी के दौरान हुई थी ऋतु-सुहास की मुलाकात
सुहास और ऋतु 2008 में शादी के बंधन में बंधे। एक इंटरव्यू में ऋतु ने कहा था कि चुनावी ड्यूटी के समय वो सुहास से मिलीं। सुहास उनके सीनियर ऑफिसर के रूप में ड्यूटी पर थे। उसी दरम्यान दोनों में दोस्ती हुई, जो बाद में शादी में बदल गई। PCS अफसर ऋतु 2019 में मिसेज इंडिया का खिताब भी जीत चुकी हैं। 2003 में उन्होंने PCS की तैयारी शुरू की, ट्यूशन पढ़ाकर अपनी पढ़ाई का खर्चा चलाया। परिवार के सहयोग और मेहनत से ऋतु PCS परीक्षा क्वालीफाई कर अफसर बनीं। ऋतु और सुहास के एक बेटा, एक बेटी है।

ऋतु सुहास, गाजियाबाद में एडीएम प्रशासन के पद पर तैनात हैं। 2019 में मिसेज इंडिया का खिताब भी जीत चुकी हैं।
ऋतु सुहास, गाजियाबाद में एडीएम प्रशासन के पद पर तैनात हैं। 2019 में मिसेज इंडिया का खिताब भी जीत चुकी हैं।

ड्यूटी के बाद समय निकालकर खेला बैडमिंटन
उधर, सुहास ने UPSC की तैयारी की। साल 2007 में सुहास UP कैडर से IAS अधिकारी बने। UPSC परीक्षा पास करने के बाद उनकी पोस्टिंग आगरा में हुई। आगरा के बाद जौनपुर, सोनभद्र, आजमगढ़. हाथरस, महाराजगंज, प्रयागराज और गौतमबुद्धनगर के जिलाधिकारी बने। अपनी ड्यूटी खत्म होने के बाद सुहास टाइम निकालकर बैडमिंटन खेलने जाया करते थे। धीरे-धीरे उन्होंने प्रोफेशनल तरीके से बैडमिंटन खेलना शुरू किया। 2016 में सुहास ने इंटरनेशनल मैच खेलना शुरू किया।

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