कार्यालय खाली, नेता टिकट के लिए लखनऊ की ओर:मेरठ में पार्टी कार्यालयों पर लटके ताले, वोटिंग की शुरुआत वेस्ट UP से ही होगी

मेरठ7 महीने पहलेलेखक: मनु चौधरी
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विधानसभा चुनाव की रणभेरी बज चुकी है। पहले चरण का चुनाव वेस्ट यूपी के जिलों से 10 फरवरी को है। अभी तक किसी भी राजनीतिक दल ने उम्मीदवारों के नाम फाइनल नहीं किए हैं। प्रदेश में आचार संहिता लगने के दूसरे दिन रविवार को दैनिक भास्कर ने सभी राजनीतिक पार्टियों के कार्यालय की ग्राउंड रिपोर्ट की।

कांग्रेस को छोड़कर बसपा, समाजवादी पार्टी, भाजपा और आरएलडी के कार्यालय सुनसान नजर आए। साफ है कि पार्टी कार्यालयों को छोड़कर नेता लोग लखनऊ की ओर हैं। टिकट पाने के लिए कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाहता। चुनाव की पहली जंग तो टिकट पाने की है।

BSP का कार्यालय दिखा सुनसान

बसपा का मेरठ में सुनसान पड़ा कार्यालय। यह उसी बसपा का कार्यालय है जो यूपी में 2007 से 2012 तक पूर्ण बहुमत हासिल कर चुकी है।
बसपा का मेरठ में सुनसान पड़ा कार्यालय। यह उसी बसपा का कार्यालय है जो यूपी में 2007 से 2012 तक पूर्ण बहुमत हासिल कर चुकी है।

रविवार दोपहर 2:30 बजे फूलबाग कॉलोनी स्थित बसपा का कार्यालय सुनसान नजर आया। यहां मुख्य गेट खुला था। बसपा कार्यालय के बाहर एक अन्य व्यक्ति की कार मिली। कार्यालय में अंदर भी कोई कर्मचारी नजर नहीं आया। कुर्सियां एक स्थान पर रखी थी। यह उसी बसपा का कार्यालय है जो यूपी में 2007 से 2012 तक पूर्ण बहुमत हासिल कर चुकी है। पार्टी कार्यालय का हाल देखकर तो ऐसे लगा जैसे चुनाव से पहले ही कोई खामोशी आ गई हो। जिलाध्यक्ष, पूर्व विधायक तो दूर एक भी कार्यकर्ता नजर नहीं आया।

भाजपा कार्यालय का अंदर से गेट बंद

मेरठ में भाजपा का क्षेत्रीय कार्यालय, अंदर से गेट बंद था। गेट खटखटाने पर गार्ड ने कहा कि किससे मिलना है। यहां न तो जिलाध्यक्ष हैं और न ही क्षेत्रीय अध्यक्ष।
मेरठ में भाजपा का क्षेत्रीय कार्यालय, अंदर से गेट बंद था। गेट खटखटाने पर गार्ड ने कहा कि किससे मिलना है। यहां न तो जिलाध्यक्ष हैं और न ही क्षेत्रीय अध्यक्ष।

दोपहर 3:30 बजे का समय था। बागपत रोड पर हरमन सिटी में भाजपा के क्षेत्रीय कार्यालय पर पीएम मोदी, सीएम योगी के पोस्टर-बैनर लगे मिले। कार्यालय का मुख्य गेट अंदर से बंद था। दूसरे गेट की तरफ चार कार नजर आईं। पार्टी कार्यालय का मुख्य गेट खटखटाने पर अंदर से गार्ड ने कहा कि किससे मिलना है। यहां न तो जिलाध्यक्ष हैं और न ही क्षेत्रीय अध्यक्ष। कोई विधायक भी नहीं हैं। बिना किसी की अनुमति के अंदर नहीं आ सकते।

RLD कार्यालय में खुले में खाली कुर्सी
शाम के 4 बजे लालकुर्ती स्थित बाउंड्री रोड पर आरएलडी कार्यालय का भी जायजा लिया गया। मुख्य गेट थोड़ा-सा ओपन था। अंदर जाकर आवाज लगाने पर भी कोई नहीं बोला। पार्टी कार्यालय में ही आसमान के नीचे खाली लॉन में कुर्सियां बिछी थीं।

लालकुर्ती में आरएलडी कार्यालय का मुख्य गेट थोड़ा खुला था। बाहर कुछ दूरी पर खड़े रालोद नेता रोहित जाखड़ ने बताया कि सभी पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में संपर्क के लिए निकले हैं।
लालकुर्ती में आरएलडी कार्यालय का मुख्य गेट थोड़ा खुला था। बाहर कुछ दूरी पर खड़े रालोद नेता रोहित जाखड़ ने बताया कि सभी पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में संपर्क के लिए निकले हैं।

पार्टी कार्यालय से कुछ दूरी पर रालोद नेता रोहित जाखड़ अपनी गाड़ी के बराबर में नजर आए। उन्होंने बताया कि अब चुनाव नजदीक है। सभी अपने अपने क्षेत्र में संपर्क के लिए निकले हैं। रालोद नेता भी गठबंधन को लेकर टिकट पाने के लिए पूरी ताकत लगाए हैं।

सपा कार्यालय पर भी ताला

शाम 4:20 बजे जेल रोड स्थित समाजवादी पार्टी के कार्यालय का मुख्य गेट बंद था। बाहर से गेट में ताला लटका था। समाजवादी पार्टी 2012 से 2017 तक प्रदेश में पूर्व बहुमत की सरकार बना चुकी है।

जेल रोड पर सपा के कार्यालय पर ताला लटका रहा। दूर-दूर तक कोई कार्यकर्ता नहीं दिखा।
जेल रोड पर सपा के कार्यालय पर ताला लटका रहा। दूर-दूर तक कोई कार्यकर्ता नहीं दिखा।

ऐसी पार्टी के कार्यालय में ताला लटकने का मतलब साफ है कि नेता पूरी ताकत लगाए हैं। उनके लिए अब शहर या पार्टी कार्यालय नहीं बल्कि लखनऊ में हाजिरी लगाकर टिकट पाना ज्यादा जरूरी है। यहां एक भी कार्यकर्ता दूर तक भी नजर नहीं आया, जबकि सपा का कार्यालय जेल रोड पर सबसे VIP जगह पर बना है।

सिर्फ कांग्रेस कार्यालय में तालियों की गूंज

कांग्रेस कार्यालय में मीटिंग में बोलते जिलाध्यक्ष अवनीश काजला।
कांग्रेस कार्यालय में मीटिंग में बोलते जिलाध्यक्ष अवनीश काजला।

रविवार दोपहर 3 बजे बुढ़ानागेट स्थित कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में तालियों की गूंज सुनाई पड़ रही थी। जिलाध्यक्ष अवनीश काजला पार्टी के कार्यकर्ताओं में जोश भर रहे थे। कार्यकर्ताओं से कहा कि अब समय आ गया है, हमें पूरी ताकत दिखानी है। आज आधा घंटे के मैसेज में हम इतने लोग जुट गए हैं। शहर विधानसभा से ही जीत की शुरुआत करनी है। मेरठ की सातों सीटों पर प्रत्याशी उतारेंगे। कार्यकर्ता तालियां पीट रहे थे।

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