यूपी: कम नहीं हो रही तब्लीगी जमातियों की जहालत:खिड़की तोड़कर चादर के सहारे क्वारैंटाइन सेंटर से भागा था कोरोना पॉजिटिव नेपाली जमाती; 12 घंटे बाद पकड़ा गया

बागपत2 वर्ष पहले
अस्पतालों में इलाज करा रहे लोग लगातार प्रशासन के लिए मुश्किलें पैदा कर रहे हैं। बागपत के एक क्वरैंटाइन सेंटर में इलाज करा रहा जमाती ने चादर की रस्सी बनाई और खिड़की तोड़कर फरार हो गया। हालांकि उसकी तलाश में पुलिस अब कई गांवों में छापेमारी कर रही है।
  • दिल्ली से आई 17 नेपालियों की जमात में शामिल व्यक्ति रटौल गांव के मदरसे में ठहरा था
  • पुलिस की टीमें सेंटर से फरार जमाती की तलाश रात से ही कर रहीं थीं, ईंट भट्‌ठे में छुपा था

कोरोनावायरस से जंग लड़ रहे उत्तर प्रदेश को तब्लीगी जमातियों से भी जूझना पड़ रहा है। अभी तक डॉक्टरों पर थूकने और अभद्रता करने की घटनाएं ही आ रही थी, लेकिन अब बागपत जिले में बने क्वारैंटाइन सेंटर में भर्ती कोरोनावायरस से संक्रमित नेपाली जमाती मरीज सोमवार देर रात भाग गया। पहले उसने खिड़की तोड़ी, फिर उसमें से चादर लटकाकर उसके सहारे उतरकर भाग गया। हालांकि उसके भागने की सूचना मिलते ही पुलिस एक्टिव हो गई और 12 घंटे बाद ही उसे जिले के एक गांव से ईट भट्‌ठे से पकड़ा गया।  मेरठ जोन के आईजी प्रवीण कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि वह रात को ही भागा था। कई टीमें लगाई गईं थी आखिरकार वह एक गांव के पास बने ईंट के भट्‌ठे से पकड़ा गया है। उसे दोबारा अस्पताल भेज दिया गया है।  दरसअल, यह कोराना पॉजिटिव मरीज दिल्ली से आयी 17 नेपालियों की जमात में शामिल था, जो रटौल गांव के एक मदरसे मे ठहरा हुआ था। जांच में इसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। पिछले चार दिनों से उसका बागपत जिले के खेकड़ा सीएचसी में इलाज चल रहा था। सोमवार की रात करीब 12 बजे आइसोलेशन वार्ड की खिड़की में अपने बेड की चादर लटकाकर भाग निकला। 

निजामुदद्दीन मरकज में शामिल हुआ था 
सोशल मीडिया के माध्यम से भी फरार कोरोना पॉजिटिव मरीज के फोटो डालकर उसको पकडे़ की अपील की जा रही थी। मरीज का नाम मुकीम बताया गया था। हालाकि अभी तक उसका सही नाम और वह कहां से आया है, इसकी जानकारी डॉक्टर नहीं दे पा रहे हैं। पुलिस ने आसपास थानों को भी अलर्ट कर दिया था।