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अपनों ने नहीं दिया साथ, पुलिस ने बढ़ाया हाथ:बुजुर्ग मां की अर्थी को कंधा देने नहीं आए 4 लोग; लाचार बेटे ने पुलिस से मांगी मदद, दरोगा-सिपाहियों ने कराया अंतिम संस्कार

बिजनौर5 महीने पहले
पुलिस का यह मानवीय चेहरा समाज के लिए उदाहरण है। जिले में हर कोई पुलिस के इस काम की सराहना कर रहा है।

कोरोना वायरस के बढ़े प्रकोप और हर दिन मौत के टूट रहे रिकॉर्ड से लोगों में खौफ है। इसके चलते लोग एक-दूसरे के करीब आने से भी डर रहे हैं। ऐसे में बिजनौर में UP पुलिस के जवानों ने ड्यूटी के साथ इंसानियत का फर्ज भी निभाया। धामपुर में मां की मौत के बाद जब लाचार बेटे को अर्थी के लिए चार कंधे नहीं मिले तो उसने मदद के लिए पुलिस के सामने हाथ फैलाया। पुलिस ने उसकी सुन ली और शव को श्मशान घाट पहुंचाकर विधि विधान से अंतिम संस्कार कराया।

हफ्ते भर पहले महिला के बेटे की संक्रमण से हुई थी मौत
यह पूरा मामला धामपुर कस्बे के स्टेट बैंक कॉलोनी का है। यहां रहने वाले एक शख्स की कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई थी। रविवार को मृतक की बुजुर्ग मां शीला शर्मा की भी मौत हो गई। वह कई दिनों से बीमार चल रही थी। हालांकि उसकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी। मां की मौत के बाद दूसरे बेटे विकास कुमार शर्मा ने पड़ोसियों और रिश्तेदारों से मदद मांगी। रिश्तेदारों ने रविवार को वीकेंड लॉकडाउन लगे होने की बात कहकर आने से इंकार कर दिया। इसके बाद उसने पड़ोसियों से मदद मांगी। लेकिन कोई भी मदद के लिए आगे नहीं आया।

चिता को लगाते पुलिस के जवान।
चिता को लगाते पुलिस के जवान।

पुलिस ने श्मशान घाट पहुंचाया शव

लोगों को लगा कि बुजुर्ग शीला की मौत भी कोरोना संक्रमण से हुई है। आखिरकार विकास ने पुलिस से मदद मांगी। जब इसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक डॉक्टर धर्मवीर सिंह को मिली तो उन्होंने पुलिस को अंतिम संस्कार कराने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार त्यागी की अगुवाई में पुलिस टीम ने विकास के घर पहुंचकर अर्थी को कंधा दिया। इसके बाद श्मशान घाट में हिंदू रीति रिवाज से अंतिम संस्कार कराने में मदद की।

बेटे विकास ने मां की चिता को दी मुखाग्नि।
बेटे विकास ने मां की चिता को दी मुखाग्नि।
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