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मेरठ में श्मशान फुल:नगर निगम ने अगले दिन चिता की राख उठाने के लिए कहा, BJP पार्षद की मांग- पार्किंग की जगह पर हो दाह संस्कार

मेरठ2 महीने पहले
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सूरजकुंड श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार करते नगर निगम कर्मी। - Dainik Bhaskar
सूरजकुंड श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार करते नगर निगम कर्मी।
  • पार्षद ने वैकल्पिक व्यवस्था के लिए नगर आयुक्त को लिखा लेटर

उत्तर प्रदेश का मेरठ जनपद प्रदेश के पांच सर्वाधिक संक्रमित जिलों की सूची में शामिल है। यहां साढ़े 11 हजार के करीब एक्टिव केस हैं। कोरोना से मौत की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। कोरोना और सामान्य मौत की संख्या इतनी बढ़ गई ​है कि अब श्मशान में जगह कम पड़ने लगी है। रविवार को शहर के सूरजकुंड श्मशान में 55 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इतनी संख्या में अंतिम संस्कार के लिए श्मशान की जगह भी कम पड़ गई।

श्मशान घाटों में दाह संस्कार के लिए जगह कम पड़ने पर भाजपा के वार्ड 58 से पार्षद अंशुल गुप्ता ने नगरायुक्त को पत्र लिखकर दाह संस्कार के लिए अलग जगह की वै​कल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है। पार्षद अशुंल गुप्ता ने नगरायुक्त को लिखे पत्र में कहा ​है कि वार्ड 58 के सूरजकुंड शमशान घाट पर दाह संस्कार के लिए अत्यधिक शवों के आने से जगह कम पड़ रही है। दाह संस्कार के लिए शव लेकर पहुंच कर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पार्षद अंशुल गुप्ता ने यह भी लिखा कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होता तब तक श्मशान घाट के बाहर खाली पड़ी पार्किंग में अंतिम संस्कार की वैकल्पिक व्यवस्था कराई जाए।

पार्षद अंशुल गुप्ता।
पार्षद अंशुल गुप्ता।

दाह संस्कार के लिए लकड़ी की भी कमी
सूरजकुंड शमशान घाट पर बड़ी संख्या में अंतिम संस्कार के लिए पहुंच रहे शवों की वजह से लकड़ी का भी संकट पैदा हो गया है। यहां लकड़ी की दो टॉल हैं, दोनों पर ही यह संकट बना हुआ है। टॉल पर लकड़ी का संकट देखकर सहायक नगर आयुक्त ब्रजपाल सिंह ने लकड़ी का स्टॉक बढ़ाने के लिए कहा है। नगर निगम ने यहां पर कोरोना संक्रमित मरीजों के अंतिम संस्कार होने की वजह से दिन में तीन से चार बार सैनिटाइज करने का भी निर्णय लिया है।

अंतिम संस्कार के अगले दिन ले जाएं अस्थियां
श्मशान घाट पर जगह की कमी को देखते हुए नगर निगम ने अंतिम संस्कार के अगले ही दिन अस्थियां ले जाने के लिए कहा है। अस्थियां हटने बाद प्लेटफार्म की सफाई करायी जाएगी ताकि संक्रमण न फैले। इसके अलावा नगर निगम का कहना है कि यदि संभव हो तो लोग ने घर के आसपास के अन्य श्मशान घाटों पर भी अंतिम संस्कार कर सकते हैं।