मेरठ में पंचायत चुनाव:BJP नेता ने प्रत्याशियों को दिखाया आइना, घर के बाहर पोस्टर पर लिखा- कोई भी प्रलोभन वाली वस्तु लेकर न आएं वरना वोट की गारंटी नहीं

मेरठ2 वर्ष पहले
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भाजपा नेता इंद्रपाल के घर के बाहर लगा पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल है। - Dainik Bhaskar
भाजपा नेता इंद्रपाल के घर के बाहर लगा पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल है।

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के तीसरे चरण का मतदान 26 अप्रैल को है। इस क्रम में उम्मीदवारों ने अपना प्रचार अभियान तेज कर दिया है। प्रत्याशी वोटरों को लुभाने के लिए साम-दाम, दंड-भेद हर हथकंडे अपना रहे हैं। ऐसे में मेरठ के BJP के क्षेत्रीय मंत्री इंद्रपाल बजरंगी ने प्रलोभन के बदले वोट मांगने वालों को आइना दिखाया है। उन्होंने अपने घर के बाहर एक पोस्टर चस्पा किया है। जिस पर लिखा है कि यहां कोई भी प्रलोभन, जैसे दारू, बीयर, कोल्ड ड्रिंक, मिठाई आदि वस्तु लेकर न आए। अन्यथा वोट की कोई गारंटी नहीं होगी।

इंद्रपाल बजरंगी का कहना है कि जैसे-जैसे चुनाव का दिन नजदीक आ रहा है, वैसे ही प्रत्याशियों का घर-घर आकर जनसंपर्क करने का सिलसिला बढ़ गया है। प्रत्याशी अपने समर्थकों के माध्यम से घरों में मिठाई, कोल्ड ड्रिंक आदि सामान भी भिजवा रहे हैं, चोरी छिपे वोटरों को शराब भी बांटी जा रही है, इसीलिए उन्होंने अपने घर के बाहर पोस्टर चस्पा किया है। ताकि कोई भी प्रत्याशी किसी तरह का प्रलोभन लेकर वोट मांगने न आए।

लोग कोरोना की भयवाहता को नहीं समझ रहे

मेरठ जिले में 26 अप्रैल को चुनाव होना है। यहां कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के बीच प्रत्याशी जनसंपर्क कर रहे हैं। इंद्रपाल बजरंगी का कहना है कि गांवों में अभी भी लोग मास्क का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, उन्हें समझाया जा रहा है, जागरूक किया जा रहा है लेकिन अभी लोग इस बीमारी की भयावहता को समझ नहीं रहे हैं। इंद्रपाल बजरंगी ने बताया कि पिछले साल जब लॉकडाउन लगा था तब भी उन्होंने अपने यहां आने वाले लोगों से अपील की थी कि वह मिलने घर न आए, फोन के माध्यम से ही एक दूसरे का हाल पूछे और काम करें। उन्होंने स्वयं की लोगों से दूरी बना ली थी।

प्रलोभन देने वाले प्रत्याशी का करें बहिष्कार

वरिष्ठ समाजसेवी शीलेंद्र चौहान का कहना है कि चुनाव में​ ​त्रिस्तरीय चुनाव में तरह तरह के प्रलोभन देकर वोट मांगने का रिवाज बढ़ गया है। इसकी वजह से ये छोटे चुनाव बड़े चुनाव के मुकाबले अधिक महंगे हो गए हैं। प्रत्याशी चुनाव जीतने के लिए पानी की तरह पैसा खर्च करता है, और चुनाव जीतने के बाद कोई काम जनता का नहीं कराता, उसे पीछे यही वजह है कि वह चुनाव में खर्च किए पैसे को पहले कमाना चाहता है, जो विकास के काम होते भी है उनमें गुणवत्ता नहीं झलकती। इसलिए मतदाताओं को स्वयं ही ऐसे प्रत्याशियों का बहिष्कार करना चाहिए जो प्रलोभन देकर वोट मांग रहे हैं। ऐसे प्रत्याशी का चयन करना चाहिए जिसकी छवि स्वच्छ हो और वह जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान करा सके।

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