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बिजली चोरी के फर्जी मुकदमों पर भाकियू ने थाना घेरा:मेरठ के परतापुर में थाने में धरने पर बैठे भाकियू नेता, सरकार के खिलाफ आंदोलनरत किसानों के घर विजिलेंस व बिजली विभाग की टीम ने की थी छापेमारी

मेरठ6 महीने पहले
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मेरठ के परतापुर में धरने पर बैठे किसान - Dainik Bhaskar
मेरठ के परतापुर में धरने पर बैठे किसान

एक तरफ जहां भारतीय किसान यूनियन के नेता सरकार के खिलाफ किसानों के धरने का नेतृत्व कर रहे हैं। वही विजिलेंस व बिजली विभाग द्वारा मेरठ के जैनपुर में कंचनपुर घोपला गांव में बिजली चोरी को लेकर की गई छापेमारी के विरोध में भाकियू आज धरने पर उतर आई। भाकियू नेताओं ने परतापुर थाने में धरना देते हुए हंगामा शुरू कर दिया। भारतीय किसान यूनियन के नेताओं का कहना है कि जब तक फर्जी मुकदमे वापसी नहीं होंगे, धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। किसान नेता विजयपाल घोपला ने कहा न्याय नहीं मिलेगा तब तक आंदोलन करते रहेंगे।

भाकियू का गढ़ हैं यह गांव

परतापुर थाना क्षेत्र के बिजली बंबा बाईपास स्थित जैनपुर गांव और कंचनपुर, घोपला गांव में 22 जुलाई को बिजली विभाग ने छापा मारा है। विजिलेंस व बिजली विभाग के साथ कई थानों की पुलिस फोर्स कंचनपुर, घोपला और जैनपुर गांव में पहुंची थी। घोपला व कंचनपुर दोनों ही गांव भारतीय किसान यूनियन के समर्थित लोगों के हैं। यहां के किसान और ग्रामीण लगातार भारतीय किसान यूनियन के बड़े नेताओं के साथ मिलकर प्रदेश और केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन में शामिल हैं।

46 लोगों पर की गई एफआई
भारतीय किसान यूनियन मेरठ के नेता संजय दौरालिया व जिला अध्यक्ष मनोज त्यागी का कहना है कि हम किसानों के धरने पर हैं। भाकियू 3 नए कृषि कानूनों के विरोध में और अपनी मांगों को लेकर लगातार धरना देने के साथ आंदोलन कर रही है। सरकार की मंशा के चलते किसानों को परेशान किया जा रहा है। जिन गांव के ग्रामीण व भाकियू कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ बोल रहे हैं। उन्हीं को सरकार के इशारे पर परेशान किया जा रहा है। 46 लोगों पर फर्जी तरीके से बिजली चोरी का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज किए गए हैं।

पुलिस से तीखी नोकझोंक, हंगामा

भाकियू नेता परतापुर थाने पहुंचे और थाना परिसर में ही दरी व तिरपाल बिछा कर धरना देना शुरू कर दिया। इंस्पेक्टर परतापुर नजीर अली और सीओ ब्रह्मपुरी अमित राय ने भाकियू नेताओं को समझाने का प्रयास किया। लेकिन भारतीय किसान यूनियन के नेता नहीं माने और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। भारतीय किसान यूनियन के नेताओं का कहना है कि सरकार किसानों का उत्पीड़न कर रही है। और इसे भाकियू बर्दाश्त नहीं करेगी।

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