CDS बिपिन रावत की पसंद रहा है मेरठ:पूर्व सैनिकों के आवास का बड़ा प्रोजेक्ट लाना चाहते थे; एयर स्ट्राइक के बाद आए थे मेरठ

मेरठ8 महीने पहले
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सीडीएस बिपिन रावत अक्सर मेरठ आते थे। वह यहां पूर्व सैनिकों की रहने की समस्या हल करना चाहते थे। - Dainik Bhaskar
सीडीएस बिपिन रावत अक्सर मेरठ आते थे। वह यहां पूर्व सैनिकों की रहने की समस्या हल करना चाहते थे।

मेरठ छावनी देश के पहले CDS बिपिन रावत की पसंद था। उन्होंने यहां से पीएचडी करने के साथ यहां सैनिकों के लिए बड़ा आवासीय प्रोजेक्ट बनाने की योजना भी बनाई थी। जिसको पूरा करने के लिए वह 2019 में अचानक मेरठ पहुंचे थे। बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद भी रावत अचानक मेरठ दौरे पर आए थे।

बिपिन रावत ने मेरठ से पीएचडी करने के साथ यहां सैनिकों के लिए बड़ा आवासीय प्रोजेक्ट बनाने की योजना भी बनाई थी।
बिपिन रावत ने मेरठ से पीएचडी करने के साथ यहां सैनिकों के लिए बड़ा आवासीय प्रोजेक्ट बनाने की योजना भी बनाई थी।

एयर स्ट्राइक के बाद मेरठ दौरा
बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद बिपिन रावत ने मेरठ छावनी में पहला दौरा किया था। 2019 को थल सेनाध्यक्ष रहते हुए जरनल रावत ने मेरठ छावनी का औचक निरीक्षण किया था। यहां 22 पाइन डिविजन और 9 डिव में काफी देर रहे अफसरों से बात कर समीक्षा की थी। उनके दौरे के कारण कई इलाके सील भी किए गए थे। फॉर्मेशन के युद्ध की तैयारियां, सुरक्षा हालात पर बात की थी। पूर्व सैनिकों से बात कर उनकी परेशानी को भी समझा था। उन्होंने कहा था कि पूर्व सैनिकों का देश के लिए बड़ा योगदान है। मैप, मैरिड एकॉमडेशन प्रोजेक्ट आर्म्ड फोर्सेस की एकॉमडेशन की कमी को पूरा किया जाए इसका मुआयना करने मेरठ आए थे।

मेरठ में सैन्य अफसरों से मुलाकात करते सीडीएस बिपिन रावत।
मेरठ में सैन्य अफसरों से मुलाकात करते सीडीएस बिपिन रावत।

MAP पर करना था काम
एक सैन्य अफसर ने बताया कि सरकार के मैरिड एकॉमडेशन प्रोजेक्ट के तहत बिपिन रावत मेरठ में पूर्व सैनिकों की रिहायश की समस्या हल करना चाहते थे। मैरिड एकॉमडेशन प्रोजेक्ट में उनकी विशेष रुचि थी, 2020 में वो मेरठ आए थे यहां सेना की जमीन पर कुछ नए आवासीय प्रोजेक्ट शुरू करना था।

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