शिक्षा पाने को गंदे पानी से निकलकर गुजरता है बचपन:मेरठ की सड़कों पर जलभराव, सरकारी स्कूल में पढ़ने कीचड़ से निकलकर जा रहे बच्चे, अफसर खर्राटे भरकर सोये

मेरठएक महीने पहले
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गंदे पानी व कीचड़ से होकर स्कूल जाते बच्चे - Dainik Bhaskar
गंदे पानी व कीचड़ से होकर स्कूल जाते बच्चे

मेरठ में शिक्षा पाने के लिए बचपन को गंदे पानी से निकलकर गुजरना पड़ता है। सरकारी स्कूल में पढ़ने जाने वाले बच्चों को कीचड़ व बारिश के पानी से निकलना पड़ता है। सरकारी स्कूल के बाहर भी बीच सड़क पर जल भराव के हालात हैं। लेकिन सरकारी सिस्टम आंख बंद कर सोया हुआ है।

कीचड़ से निकलकर जाते हैं छोटे बच्चे

मेरठ में नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय नूरनगर के बाहर बीच सड़क पर ही बारिश का जल भरा हुआ है। यहां बरसात के दिनों में यही समस्या रहती है। जहां शिक्षकों व बच्चों को गंदे पानी से स्कूल आना व जाना पड़ता है। मंगलवार सुबह 7 साल के बच्चे से लेकर 12 साल की बच्ची तक भी गंदे पानी से निकलकर स्कूल गई। स्कूल आने जाने का एक यही रास्ता है। नूरनगर व लिसाड़ीगेट में कई जगह यही हाल है। 11बच्चे एक साथ गंदे पानी से स्कूल जाते हुए दिखे।

कपड़े कीचड़ में गंदे हों अफसरों को परवाह नहीं

नूरनगर प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक के बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। बच्चे सिर पर बेग रखकर पानी से निकलते हैं। ऐसे में बच्चों के कपड़े कीचड़ में सनें, या फिर ड्र्रेस गंदे पानी में खराब हो। इससे अफसरों को क्या मतलब। न तो यहां बीएसए निरीक्षण के लिए पहुंचते और न ही नगर निगम के अफसर।

गंदे पानी में बीमारी हुई तो कौन जिम्मेदार

एक तरफ वायरल व डेंगू बुखार का प्रकोप जिले में तेजी से फैल रहा है। दूसरी तरफ स्कूल के बाहर मुख्य मार्ग पर ही कीचड़ व जलभराव है। ऐसे में गंदे पानी से यदि छोटे बच्चों को बीमारी हुई तो कौन जिम्मेदार होगा। लेकिन इसका जबाव अधिकारियों के पास नहीं है।

नूरनगर प्राथमिक विद्यालय के बाहर जलभराव
नूरनगर प्राथमिक विद्यालय के बाहर जलभराव

एक तरफ सरकार दावे कर रही है की बच्चों को बीमारी से बचाने के लिए तैयारी की जा रही है। लेकिन मेरठ में हाल दूसरा है, यहां बच्चे खुद कीचड़ व गंदे पानी से स्कूल जा रहे हैं।

मुख्य अभियंता बोले बारिश बंद हो तो बात बने

समाजसेवी पर्वन गुर्जर ने नगर निगम के मुख्य अभियंता यशवंत कुमार से कहा की सरस्वती लोक, तारापुरी व नूरनगर में सड़क पर जलभराव है। बच्चों को गंदे पानी से स्कूल जाना पड़ता है। इस पर मुख्य अभियंता ने कहा की बारिश बंद हो तो कुछ बात बने। बारिश के बाद ही कुछ देखा जाएगा।

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