साड़ी बने राष्ट्रीय परिधान:मेरठ में महिलाएं बोलीं- हमारी पहचान है साड़ी, एक्विला रेस्टोरेंट का लाइसेंस निरस्त हो

मेरठ2 महीने पहले
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साड़ी को राष्ट्रीय परिधान घोषित करने की महिलाओं ने उठाई मांग। - Dainik Bhaskar
साड़ी को राष्ट्रीय परिधान घोषित करने की महिलाओं ने उठाई मांग।

दिल्ली के एक रेस्टोरेंट में साड़ी पहनकर जाने वाली महिला को रोकने का मामला गर्माता जा रहा है। मेरठ की महिलाओं ने बुधवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र भेजकर अपील की है कि साड़ी को राष्ट्रीय परिधान घोषित किया जाए। ताकि महिलाओं को साड़ी पहनकर घूमने की आजादी मिले। रेस्टोरेंट में साड़ी पहनकर आने वाली महिलाओं को रोका न जाए।

देश भर के जिला मुख्यालयों पर डीएम के माध्यम से एनजीओ मातृशक्ति ने यह मांग राष्ट्रपति तक पहुंचाई है।

मेरठ में एक्विला रेस्टोरेंट दिल्ली का लाइसेंस निरस्त करने की मांग करती महिलाएं।
मेरठ में एक्विला रेस्टोरेंट दिल्ली का लाइसेंस निरस्त करने की मांग करती महिलाएं।

दिल्ली में साड़ी पहने महिला को नहीं मिली थी रेस्टोरेंट में एंट्री
पिछले दिनों अखिल भारतीय राष्ट्रीय स्नातक संघ की नोएडा महानगर उपाध्यक्ष अनीता चौधरी को दिल्ली खेल गांव के एक रेस्टोरेंट में जाने से रोक दिया गया था। कारण यह था कि वह साड़ी पहनकर एक्विला रेस्टोरेंट में जा रही थी। अंसल प्लाजा के इस रेस्टोरेंट स्टाफ ने महिला के साथ गलत व्यवहार भी किया। इस घटना के बाद देशभर में महिलाओं में नाराजगी है।

भारत में मुख्य पहनावा है साड़ी
महिलाओं का कहना है साड़ी हमारा सांस्कृतिक परिधान है इसे पहनने वाली महिलाओं को एंट्री से रोकना गलत है। भारत में पुरातन काल से साड़ी पहनी जाती है। साड़ी पहनना हमारी वैदिक परंपरा है। भारत में नौकरीपेशा महिलाओं से लेकर घरेलू महिलाएं, बुजुर्ग, युवा सभी साड़ी पहनती हैं। कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां ऑफिशियल ड्रेसकोड ही साड़ी है।

अनीता चौधरी के पक्ष में उतरा संगठन
अखिल भारतीय राष्ट्रीय स्नातक संघ की नोएडा महानगर की उपाध्यक्ष अनीता चौधरी के समर्थन में पूरा संघ उतर आया है। बुधवार को संघ के बैनर तले ही महिलाओं ने अपनी बात रखी। महिलाओं ने संबंधित रेस्टोरेंट का लाइसेंस निरस्त करने की मांग की। महिलाओं ने कहा कि साड़ी हमारी सनातनी पहचान है। इस प्रकार की घटनाएं भारतीय संस्कृति का अपमान हैं। जिला अध्यक्ष सपना अग्रवाल ने कहा कि संगठन ने अपनी मांगें रखी हैं। इस मौके पर बबीता सोम, गीता सिंह, संगीता सिंह, श्वेता भारद्वाज, शिल्पी गोयल, संजय अग्रवाल, अमित त्रिपाठी, मुकेश शर्मा, सागर शर्मा, अमरेश चौहान राहुल जंगिड़ मौजूद रहे।
महिला आयोग ने भी की जांच की मांग
राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले पर दिल्ली के पुलिस आयुक्त से जांच की मांग की है। आयोग ने कहा था कि साड़ी भारतीय संस्कृति का एक हिस्सा है। देश में बड़ी संख्या में महिलाएं यह पहनती हैं। ऐसे में पहनावे के आधार पर महिला को रेस्तरां में प्रवेश से मना करना गरिमा के साथ जीने के अधिकार का उल्लंघन है।

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