लालगंज के धनंजय ने पास की UGC NET परीक्षा:जूनियर फैलोशिप JRF की मिलेगी छात्रवृत्ति, बोले- माता-पिता के सपोर्ट से मिली सफलता

लालगंज (मिर्जापुर)22 दिन पहले
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लालगंज के उसरी पांडेय गांव निवासी किसान के बेटे धनंजय दुबे ने शिक्षा के क्षेत्र में परचम लहराया है। उसने पूरे देश में जनपद का नाम रोशन किया है। शनिवार को आए यूजीसी नेट परिक्षा परिणाम में जूनियर फैलोशिप जेआरएफ की परीक्षा पास की है। धनंजय दुबे की इस सफलता से उनके परिवार मोहल्ला रिश्तेदारों में खुशी की लहर है।

लालगंज के उसरी पांडेय गांव निवासी किसान मार्कण्डेय प्रसाद दुबे (तलवे गुरु) के तीन भाई और एक बहन में सबसे छोटे धनंजय शुरुआत से ही मेधावी छात्र रहे हैं। इनकी प्राथमिक शिक्षा तिलांव के प्रज्ञा पब्लिक स्कूल में हुई इसके आगे की शिक्षा ज्वाला देवी सिविल लाइन प्रयागराज से प्राप्त किए।

दिल्ली विश्वविद्यलाय से पास किया ग्रैजुएशन
ग्रैजुएशन दिल्ली विश्वविद्यालय नॉर्थ कैंपस के एक प्रतिष्ठित कॉलेज रामजस कॉलेज से बीए ऑनर्स और एमए की पढ़ाई पूरी की। फिर दिल्ली विश्वविद्यालय से हिन्दी साहित्य में शुरू से ही गहरी रुचि होने के कारण इन्होंने प्रोफेशन के तौर पर प्रोफेसर बनना चुना। जिसके लिए यूजीसी नेट (जेआरएफ) की परीक्षा उत्तीर्ण की।

बता दें कि इस परीक्षा में शामिल सभी विद्यार्थियो के 1% को ही जेआरएफ मिलता है। जिसके अंतर्गत पीएचडी करने के लिए भारत सरकार द्वारा प्रतिमाह 40 हजार की फेलोशिप मिलती है। धनंजय का मानना है कि देश निर्माण और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए अच्छा प्रोफेसर बनना बड़ा सार्थक होता है। उनका सपना है कि हिन्दी साहित्य को अपने शोध के माध्यम से उत्तरोत्तर विकास की ओर ले जाए।

अपने माता-पिता व गुरुजनों को दिया श्रेय
धनंजय ने बताया कि ईश्वर पर अटूट श्रद्धा रखने से सटीक रणनीति और प्रतिदिन एक लय में पढ़ाई करने से न सिर्फ जेआरएफ की परीक्षा पास की जा सकती है, बल्कि किसी भी परीक्षा को पास किया जा सकता है। धनंजय दुबे ने सफलता का श्रेय अपने गुरु एव माता-पिता दीदी जीजा एवं अपने बड़े भाई को दिया है। धनंजय दुबे की इस सफलता से उनके परिवार मोहल्ला रिश्तेदारों में खुशी की लहर है, लोगो द्वारा बधाइयों का तांता लगा हुआ है ।

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