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मिर्जापुर में विंध्यवासिनी मंदिर पर हाई अलर्ट:वीआईपी को भी करना होगा इंतजार, 50 मीटर पहले ही रोक दिए जाएंगे वाहन, शाम 4 बजे तक गर्भ गृह में भी नहीं मिलेगा प्रवेश

मिर्जापुर12 दिन पहले
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निकास द्वार से प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही वाहनों को पचास मीटर पर रोकने का निर्णय किया गया। - Dainik Bhaskar
निकास द्वार से प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही वाहनों को पचास मीटर पर रोकने का निर्णय किया गया।

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में विंध्यवासिनी मन्दिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर है। मंगलवार को देर रात पंडा समाज के साथ बैठक कर निकास द्वार से प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही वाहनों को पचास मीटर पर रोकने का निर्णय किया गया। इसके साथ ही गर्भगृह में प्रवेश पर शाम चार बजे तक पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।

सीएम ने जारी किए थे निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आलाधिकारियों को व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश जारी किए थे। लखनऊ में पकड़े गए दो संदिग्ध आतंकियों के बाद प्रदेश के प्रमुख धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों को लेकर हाई अलर्ट घोषित है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंगलवार रात करीब नौ बजे प्रशासनिक भवन में नगर मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह व क्षेत्राधिकारी सदर प्रभात राय ने पण्डा समाज के पदाधिकारियों के साथ बैठक की।

बुधवार सुबह से मंदिर पर लागू किए गए नियमों के अंतर्गत निकास दरवाजे से किसी भी दर्शनार्थियों के लिए प्रवेश निषेध कर दिया गया। चरण स्पर्श के लिए भी समय निर्धारित किया गया है। अब प्रातः होने वाली मंगल आरती से लेकर चार बजे तक आम दर्शनार्थियों के साथ किसी वीआईपी को भी चरण स्पर्श नही करने दिया जाएगा। मंदिर में प्रवेश के लिए एक आकस्मिक मार्ग आरक्षित किया गया है। इस मार्ग से मात्र विशिष्ट दर्शनार्थियों का प्रवेश व आकस्मिक स्वास्थ्य सेवाओं का ही उपयोग किया जाएगा।

मंदिर पर सुरक्षा को देखते हुए समस्त वाहनों को पचास मीटर की दूरी पर अवरोधक लगाकर रोका जाना तय किया गया है। कोतवाली मार्ग, पुराना वीआईपी मार्ग, न्यू वीआईपी मार्ग व पक्काघाट मार्ग चारों मार्गो पर यह व्यवस्था लागू होगी। मंदिर के रहने वालो को वाहन पास नगर मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किया जाएगा। मंदिर के चारो तरफ पचास फीट तक चटाई बिछाई जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को पैर में धूप तप रही धरती से राहत मिल सके।

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