लॉकडाउन के डर से मजदूरों का पलायन शुरू:मुरादाबाद स्टेशन पर मजदूरों की भीड़, बिहार की ओर जाने वाली ट्रेनों में कदम रखने की जगह नहीं

मुरादाबाद7 महीने पहले
लॉकडाउन के डर से दूसरे राज्यों के श्रमिकों ने पलायन शुरू कर दिया है।

रोजी रोटी की तलाश में घर से हजारों मील दूर आए मजदूर अब घरों को लौटने लगे हैं। लॉकडाउन की आशंका में मजदूरों ने घर का रुख करना शुरू किया है। शुक्रवार को मुरादाबाद से करीब 500 मजदूर बिहार की ओर जाने वाली ट्रेनों में सवार हुए। मुरादाबाद और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में बिहार के मजदूर काम करते हैं। ईंट भट्ठों के अलावा, बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन के काम में भी बिहार के मजदूरों की बहुतायत है। पीतल फैक्ट्रियों में भी बिहार के श्रमिक काम करते हैं। लॉकडाउन की आशंका में अब ये घर लौट रहे हैं।

बिहार की ओर जाने वाली ट्रेन में सवार मायूस श्रमिक।
बिहार की ओर जाने वाली ट्रेन में सवार मायूस श्रमिक।

मजदूरों को डर, पहले जैसे न हों हालात
मुरादाबाद स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे श्रमिकों ने कहा कि पहले लॉकडाउन लगने पर बहुत बुरे हालात से गुजरना पड़ा था। कामधंधा बंद हो गया था और जेबें एकदम खाली हो गई थीं। ऐसे में रोटी के लिए संकट खड़ा हाे गया था। घरों का किराया और 2 वक्त की रोटी के लिए जगह- जगह हाथ फैलाने पड़े थे। उस तरह के हालात से इस बार ये लोग नहीं गुजरना चाहते हैं। इसलिए अभी समय रहते अपने घरों को लौट जाना चाहते हैं।

मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के इंतजार में बैठे परिवार।
मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के इंतजार में बैठे परिवार।

जिंदा रहेंगे तो फिर कर लेंगे काम
मुरादाबाद स्टेशन पर खड़े मुरारी का कहना है कि अभी तो किसी भी तरह से घर पकड़ना है। बोले- जिंदा रहे तो कामधंधा फिर से कर लेंगे। शकुंतला का भी कहना है कि परदेस में बीमारी में भटकने से बेहतर है अपने घर पहुंच जाएं। वहां अपने लोगों के बीच समय कट जाएगा। लोगों को डर है कि जिस तरह से कोरोना के केस बढ़ रहे हैं, बहुत जल्द सरकार लॉकडाउन लगा सकती है।

डिब्बे में अंदर जगह नहीं मिली तो गेट के पास बैठकर सफर करते लोग।
डिब्बे में अंदर जगह नहीं मिली तो गेट के पास बैठकर सफर करते लोग।
अब बस ट्रेन का इंतजार।
अब बस ट्रेन का इंतजार।
डिब्बों में पैर रखने की भी जगह नहीं।
डिब्बों में पैर रखने की भी जगह नहीं।