विरोध के बीच MDA ने रोका अभियान:अवैध निर्माणों के खिलाफ शुरू हुई थी ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई, पेट्रोल पंप एसोसिएशन की हड़ताल ने लगाए अभियान पर ब्रेक

मुरादाबाद3 महीने पहले
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मुरादाबाद में विरोध के बीच एमडीए का अवैध निर्माणों के खिलाफ शुरू किया गया अभियान बीच में ही रुक गया है। - Dainik Bhaskar
मुरादाबाद में विरोध के बीच एमडीए का अवैध निर्माणों के खिलाफ शुरू किया गया अभियान बीच में ही रुक गया है।

विरोध के बीच मुरादाबाद प्राधिकरण ने अवैध निर्माणों के खिलाफ शुरू किए अपने अभियान को फिलहाल रोक दिया है। 5 पेट्रोल पंप सील होने के बाद मुरादाबाद पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने हड़ताल कर दी थी। दो अस्पतालों के सील होने के बाद IMA (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) ने भी प्राधिकरण के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। चौतरफा विरोध होने के बाद प्राधिकरण ने अवैध निर्माणों के खिलाफ शुरू हुए अपने अभियान को ब्रेक लगा दिए हैं।

28 अगस्त के बाद कोई एक्शन नहीं

प्राधिकरण ने 28 अगस्त को सीलिंग की आखिरी कार्रवाई की थी। 28 अगस्त को प्राधिकरण ने बरेली बाईपास पर स्थित दो पेट्रोलं पपों सुहानी और आजाद फिलिंग स्टेशन को सील किया था। इसी दिन सिविल लाइंस में डॉ. मंजेश राठी के DMR अस्पताल को भी सील किया गया था। पेट्रोल पंप सील होने के बाद से ही मुरादाबद पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन एमडीए की कार्रवाई के विरोध में उतर आई थी। 31 अगस्त को एसोसिएशन ने विरोध में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक पेट्रोल पंप बंद रखे थे। सूत्रों का कहना है कि DMR हॉस्पिटल को सील किए जाने के मामले में भी प्राधिकरण के अफसरों पर सत्ताधारी दल के राजनेताओं का प्रेशर है।

अभी नहीं खुली पेट्रोलपंपों की सील

सील किए गए सभी पांचों पेट्रोल पंपों के संचालकों से कंपाउंडिंग कराने के लिए कहा गया है। फिलहाल इनमें से किसी की सील नहीं खुली है। प्राधिकरण साफ कर चुका है कि कंपाउंडिंग की पहली किश्त जमा करने के बाद ही सील खोली जाएगी। अब पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि वह कंपाउंडिंग भरने को तैयार हैं। लेकिन एमडीए अभी कंपाउंडिंग की कैलकुलेशन नहीं कर सका है।

बिना मानचित्र पास कराए बने 5 पेट्रोलपों को MDA ने सील किया था। इनकी सील खोलने के लिए कंपाउंडिंग की जा रही है।
बिना मानचित्र पास कराए बने 5 पेट्रोलपों को MDA ने सील किया था। इनकी सील खोलने के लिए कंपाउंडिंग की जा रही है।

गांगन नदी में बनी फैक्ट्रियों पर नहीं हो सका एक्शन

दिल्ली रोड पर गांगन नदी के भीतर बनाई गई अवैध फैक्ट्रियों पर भी प्राधिकरण का एक्शन ठंडे बस्ते में चला गया है। गांगन नदी के भीतर अवैध रूप से यह फैक्ट्री सिंचाई विभाग, पॉल्यूशन कंट्रोल डिपार्टमेंट और प्राधिकरण के इंजीनियरों व अधिकारियों की मिलीभगत से बनाई गई थीं। जबकि नियम साफ है कि नदी की धार से 74 मीटर तक के हिस्से में किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं हो सकता है। मंडलायुक्त ने इनका सर्वे भी कराया था। लेकिन प्राधिकरण इनके खिलाफ एक्शन लेने की हिम्मत नहीं जुटा सका।

मुरादाबाद में गांगन नदी के भीतर बना ली गईं 1500 से अधिक फैक्ट्री। नदी बस एक नाले की शक्ल में नजर आती है अब।
मुरादाबाद में गांगन नदी के भीतर बना ली गईं 1500 से अधिक फैक्ट्री। नदी बस एक नाले की शक्ल में नजर आती है अब।
मुरादाबाद में गांगन नदी के भीतर बना ली गईं 1500 से अधिक फैक्ट्री। नदी बस एक नाले की शक्ल में नजर आती है अब।
मुरादाबाद में गांगन नदी के भीतर बना ली गईं 1500 से अधिक फैक्ट्री। नदी बस एक नाले की शक्ल में नजर आती है अब।

वीसी बोले- कंपाउंडिंग हो रही है

सील पेट्रोल पंपों और अस्पतालों की बाबत VC मधुसूदन हुल्गी का कहना है कि सभी की कंपाउंडिंग हो रही है। बिना कंपाउंडिंग के किसी की सील नहीं खोली जाएगी। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का कोई भी अधिकारी या इंजीनियर पैसे की मांग करता है तो लोग सीधा उनसे बताएं। प्राधिकरण के खाते में निर्धारित अमाउंट जमा करने के अलावा किसी को भी कोई पैसा देने की जरूरत नहीं है।

एमडीए उपाध्यक्ष मधुसूदन हुल्गी।
एमडीए उपाध्यक्ष मधुसूदन हुल्गी।
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