मुरादाबाद... सवालों के कठघरे में व्यापारी हत्याकांड का खुलासा:परिजनों ने प्रदर्शन किया, बोले- पुलिस के पास बेगुनाही का सुबूत, फिर भी जेल भेजा

मुरादाबाद10 महीने पहले
मुरादाबाद अंबेडकर पार्क में प्रदर्शन करने पहुंचे जेल गए प्रयांशू और हिमांशू के परिजन।

व्यापारी कुशांक गुप्ता हत्याकांड के खुलासे को लेकर मुरादाबाद पुलिस पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सिविल लाइंस के पॉश इलाके रामगंगा विहार में 5 दिन पहले हुए इस हत्याकांड में पुलिस ने खामोशी के साथ दो नामजद भाइयों प्रयांशू और हिमांशु को जेल भेज दिया था। परिजनों के साथ ही पुलिस महकमे के सूत्र भी इस बात का दावा कर रहे हैं कि घटना के वक्त दोनों नामजद भाई बिजनौर के नूरपुर कस्बे में अपने घर पर थे। पुलिस घटना की रात 1:30 बजे जब इनके घर पहुंची तो दोनों भाई सोते हुए मिले थे।

पुलिस ने 4 दिन हिरासत में रखने के बाद दोनों को जेल भेज दिया। इस मामले में पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रयांशू के परिजनों ने सोमवार को मुरादाबाद पहुंचकर अंबेडकर पार्क में प्रदर्शन किया। परिजनों का कहना है कि उन्हें इंसाफ चाहिए।

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मां ने कहा- DVR में मेरे बेटों की बेगुनाही का सुबूत

जेल भेजे गए प्रयांशू और हिमांशू की मां व अन्य परिजनों ने अंबेडकर पार्क पर प्रदर्शन कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। कहा कि उनकी बेटों की बेगुनाही का सुबूत उनके घर लगे CCTV कैमरों की DVR में है। जिसे सिविल लाइंस पुलिस घटना की रात ही अपने साथ ले आई थी। पुलिस पूरी DVR को चेक कर चुकी है।

परिजनों ने कहा कि पुलिस ने DVR देखकर यह पुष्टि भी कर ली है कि घटना के वक्त प्रयांशू और हिमांशू घर पर ही थे। इसके बावजूद दोनों को व्यापारी कुशांक गुप्ता की हत्या में जेल भेज दिया गया।

व्यापारी कुशांक गुप्ता का फाइल फोटो।
व्यापारी कुशांक गुप्ता का फाइल फोटो।

5 दिन पहले हुई थी कुशांक की सनसनीखेज हत्या

सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में अरन्या सिग्नेचर निवासी युवा व्यापारी कुशांक गुप्ता (30 साल) शहर के पॉश इलाके रामगंगा विहार में खिलौनों और स्पोर्ट्स के सामान की दुकान करते थे। स्टेडियम के पास सिद्धबली स्पोर्ट्स के नाम से उनकी दुकान थी। बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे बाइक सवार हमलावरों ने कुशांक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के समय कुशांक अपनी दुकान बंद करके घर जाने की तैयारी कर रहे थे। तभी हमलावर ने उनके सिर पर सटाकर गोली मारी और फरार हो गया था। उन्हें नजदीक के विवेकानंद अस्पताल ले जाया गया था।

जहां डॉक्टरों ने कुशांक को मृत घोषित कर दिया था। मामले में कुशांक के पिता अशोक गुप्ता ने नूरपुर में कबीर नगर निवासी प्रयांशू गोयल और उसके भाई हिमांशूु के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। पुलिस ने FIR दर्ज करनके बाद घटना की रात करीब 1:30 बजे दोनों भाइयों को उनके नूरपुर स्थित घर से हिरासत में ले लिया था।

व्यापारी कुशांक गुप्ता की हत्या के बाद अस्पतालन में बिलखती पत्नी। - फाइल फोटो।
व्यापारी कुशांक गुप्ता की हत्या के बाद अस्पतालन में बिलखती पत्नी। - फाइल फोटो।

तमंचा रिवकरी में प्रेस कांफ्रेंस, हत्या में खामोशी से चालान

पुलिस विभाग अपने हर छोटे - बड़े गुड वर्क को प्रेस कांफ्रेंस करके मीडिया के सामने रखता है। यहां तक की तमंचा और दो- पांच लीटर शराब की रिकवरी के भी डिटेल प्रेस रिलीज जारी किए जाते हैं। आरोपियों की फोटो उनसे हुई पूछताछ का विस्तृत विवरण भी प्रेस रिलीज में लिखा जाता है। लेकिन शहर में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड में पुलिस ने 2 नामजद आरोपियों को जेल भेजते समय कोई प्रेस कांफ्रेंस नहीं की। यहां तक कि इस बारे में कोई प्रेस रिलीज भी पीआर सेल पर जारी नहीं हुई। ऐसे में खुलासे पर उंगलियां और सवाल उठना लाजिमी है।

हत्याकांड में जेल भेजा गया प्रयांशू गोयल और उसका भाई हिंमांशू।
हत्याकांड में जेल भेजा गया प्रयांशू गोयल और उसका भाई हिंमांशू।

किसको थी नामजद भाइयों को जेल भिजवाने की जल्दी
इस हाईप्रोफाइल मर्डर केस के पॉलिटिकल कनेक्शन की बात भी पहले दिन से चर्चाओं में है। ऐसे में पुलिस को इस एंगल से भी जांच करनी चाहिए कि आखिर किसको इस बात की जल्दी थी कि नामजद अभियुक्तों काे पुलिस जल्द से जल्द जेल भेजे। घटना के तुरंत बाद नामजद FIR होने से लेकर नामजद आरोपियों के जेल जाने तक पीड़ित परिवार के कॉन्टेक्ट में रहे लोगों की छानबीन पुलिस को अहम सुराग दे सकती है।

घटना के चश्मदीद नौकर के बयान और कुशांक के पिता अशोक गुप्ता की ओर से दर्ज कराई गई FIR में भारी विरोधाभास है। कानून के जानकारों का कहना है कि बेशक पुलिस ने दोनों नामजद आरोपियों को जेल भेज दिया है लेकिन कोर्ट में यह केस टिक नहीं पाएगा।

पत्नी के साथ व्यापारी कुशांक गुप्ता। - फाइल फोटो।
पत्नी के साथ व्यापारी कुशांक गुप्ता। - फाइल फोटो।

दुकान को लेकर हुआ था प्रयांशू से विवाद

नूरपर के जिस प्रयांशू गोयल और उसके भाई हिमांशू को पुलिस ने हत्या में जेल भेजा है वह कुशांक गुप्ता की दुकान में रेस्टोरेंट चलाता था। कुशांक ने प्रयांशू को किराए पर दुकान दी थी। लेकिन करीब महीनाभर पहले दोनों में विवाद हो गया था। कुशांक ने हिमांशू से अपनी दुकान खाली करा ली थी। दोनों में मारपीट हुई थी और पुलिस ने शांति भंग में मामला निपटा दिया था। रेस्टोरेंट का सामान हटा लेने के बाद भी कुशांक की दुकान पर अभी भी प्रयांशू का ताला पड़ा हुआ था। बताया जाता है कि प्रयांशू ने कुशांक को जान से मारने की धमकी भी दी थी।

घटना के बाद मौके पर पहुंचे थे SSP बबलू कुमार।
घटना के बाद मौके पर पहुंचे थे SSP बबलू कुमार।