जौहर यूनिवर्सिटी की 70 हेक्टेयर जमीन पर सरकार का कब्जा:रामपुर तहसीलदार ने यूनिवर्सिटी गेट पर चस्पा किया आदेश; HC ने माना था- जबरदस्ती कब्जाई गई थी जमीन

रामपुर/ मुरादाबादएक महीने पहले
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रामपुर के तहसीलदार सदर के नेतृत्व में टीम ने सपा नेता आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी कब्जा/ दखल के कागजों पर VC सुल्तान अहमद खान से दस्तखत करने को कहा। - Dainik Bhaskar
रामपुर के तहसीलदार सदर के नेतृत्व में टीम ने सपा नेता आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी कब्जा/ दखल के कागजों पर VC सुल्तान अहमद खान से दस्तखत करने को कहा।

सीतापुर जेल में बंद सपा नेता मोहम्मद आजम खां को बड़ा झटका लगा है। दो दिन पहले हाईकोर्ट से आजम के केस हारने के बाद रामपुर जिला प्रशासन ने जौहर यूनिवर्सिटी में स्थित 70.305 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर कब्जा कर लिया है। रामपुर के तहसीलदार सदर प्रमोद कुमार ने देर रात यूनिवर्सिटी गेट पर 2 पन्नों का एक आदेश चस्पा किया था। इसमें लिखा है कि जौहर यूनिवर्सिटी की 70.305 हेक्टेयर भूमि राज्य सरकार में निहित की गई थी। उस पर सरकार ने 9 सितंबर को कब्जा ले लिया है। इस दौरान अफसरों ने यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर से साइन कराने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने इससे इंकार कर दिया।

आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी में मौजूद 70 हेक्टेयर सरकारी जमीन सरकार ने गुरुवार को वापस अपने कब्जे में ले ली है।
आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी में मौजूद 70 हेक्टेयर सरकारी जमीन सरकार ने गुरुवार को वापस अपने कब्जे में ले ली है।

यूनिवर्सिटी पहुंचकर तहसीलदार ने की कार्रवाई
रामपुर के मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी में मनमाने ढंग से जबरदस्ती शामिल की गई 70.305 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा लेने के लिए प्रशासन की टीम गुरुवार को दोपहर में यूनिवर्सिटी पहुंची थी। टीम ने कब्जा और दखल की कार्रवाई शुरू कर दी थी।

इस दौरान सदर तहसीलदार प्रमोद कुमार के नेतृत्व में टीम ने सपा नेता आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी कब्जा और दखल के कागजों पर VC सुल्तान अहमद खान से दस्तखत करने को कहा था। तहसीलदार प्रमोद कुमार ने बताया था कि वीसी ने दस्तावेजों पर साइन करने से इंकार कर दिया है। एक ग्राम प्रधान व एक अन्य गवाह के साइन कराकर कब्जे और दखल की कार्रवाई को पूरा कल लिया गया है।

DM के आदेश पर तहसीलदार सदर ने गुरुवार रात यूनिवर्सिटी गेट पर कब्जा प्राप्त करने संबंधी आदेश चस्पा किया है।
DM के आदेश पर तहसीलदार सदर ने गुरुवार रात यूनिवर्सिटी गेट पर कब्जा प्राप्त करने संबंधी आदेश चस्पा किया है।

2 दिन पहले हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी अपील
अपर जिलाधिकारी सदर जगदम्बा प्रसाद की कोर्ट ने जौहर यूनिवर्सिटी में सरकारी भूमि के अधिग्रहण को अवैध और मनमाना मानते हुए 458.50 एकड़ भूमि को सरकार में निहित करने के आदेश दिए थे। इस फैसले के खिलाफ आजम खां ने हाईकोर्ट में अपील की थी। 2 दिन पहले ही हाईकोर्ट ने आजम की अपील को खारिज कर दिया था। इसके बाद साफ हो गया था कि रामपुर में मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी द्वारा मनमाने ढंग से और जबरदस्ती कब्जाई गई 458.50 एकड़ जमीन को सरकार अधिग्रहीत करेगी।

हाईकोर्ट ने इस मामले में माना है कि ट्रस्ट द्वारा अवैध, मनमाने और जबरन तरीके से जमीन कब्जा की गई है। कोर्ट ने ग्रामसभा, शत्रु संपत्ति और सरकारी जमीन मनमाने और नियमों को ताक पर रखकर कब्जा करने की बात मानते हुए स्थानीय अदालत के आदेश को हाईकोर्ट ने बरकरार रखा था।

जमीन पर कब्जा लेने रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचे तहसीलदार सदर प्रमोद कुमार सिंह।
जमीन पर कब्जा लेने रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचे तहसीलदार सदर प्रमोद कुमार सिंह।

शैक्षणिक कार्य के बजाय मस्जिद का निर्माण किया गया
हाइकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि सरकार द्वारा दी गई जमीन पर शिक्षा कार्य न होकर मस्जिद का निर्माण किया गया है। अनुसूचित जाति की जमीन मनमाने ढंग से खरीदी गई। जबकि अनुसूचित जाति की जमीन के लिए जिलाधिकारी की अनुमति चाहिए होती है।
जौहर ट्रस्ट ने याचिका में स्थानीय अदालत के फैसले को निरस्त करने गुहार लगाई गई थी जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट ने 458.50 एकड़ जमीन सरकार को अधिग्रहीत करने के लिए कहा था।

शैक्षिक कार्य के लिए मंजूर की गई थी जमीन
दरअसल, 2005 में तत्कालीन सरकार द्वारा जौहर ट्रस्ट को 471.50 एकड़ जमीन शैक्षिक कार्य के लिए मंजूर की गई थी। इस प्रकरण में ट्रस्ट की ओर से कहा गया था कि ट्रस्ट के अध्यक्ष आजम खान और सचिव डॉ. तजीन फातिमा और सदस्य अब्दुल्ला आजम हैं। आजम खां और अब्दुल्ला आजम सीतापुर कारागार में बंद है। इसके लिए जेल में कोई नोटिस नहीं दिया गया था।

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