मुरादाबाद सड़क हादसा मामला:6 पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज, हिरासत में लिया गया टीआई; 5 वसूलीबाज पुलिसवाले फरार

मुरादाबाद4 महीने पहले
  • पिकअप से टकराकर डबल डेकर बस पलट गई थी जिसमें ट्रैफिक के सिपाही समेत 4 लोगों की मौत हो गई। पुलिसवाले मदद करने की बजाय मौके से भाग गए थे।

मुरादाबाद में बाईपास पर हुए हादसे के मामले में पुलिस ने मृतक सुरेश के भाई शिवकुमार की तहरीर पर 6 अज्ञात पुलिस कर्मियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। आईपीसी की धारा 304 के साथ ही आरोपियों पर आईपीसी 384 और 34 का भी इस्तेमाल किया गया है। साथी मौके से फरार हुए ट्रैफिक इंस्पेक्टर को भी हिरासत में ले लिया गया है।

मौके से भागा ट्रैफिक इंस्पेक्टर हिरासत में
हादसे के बाद मौके से भागे ट्रैफिक पुलिस के इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह राठौर को हिरासत में ले लिया गया है। हालांकि अधिकारी औपचारिक रूप से अभी इस बात की पुष्टि नहीं कर रहे हैं। एसएसपी पवन कुमार का कहना है कि जांच चल रही है। पुलिस विभाग के भरोसेमंद सूत्रों का कहना है कि हादसे के बाद इंटरसेप्टर के साथ मौके से भागे ट्रैफिक इंस्पेक्टर को संभल की तरफ भागते समय मैनाठेर पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया है। फिलहाल इंस्पेक्टर को वहीं रखा गया है। बाकी 5 पुलिसवालों की भी तलाश की जा रही है।

पुलिस ने कहा, पैसे दो नहीं तो सीज कर देंगे पिकअप
मझोला थाने में दर्ज कराई एफआईआर में शिव कुमार ने कहा है कि वह अपने भाई सुरेश कुमार और आशीष, रंजीत, सुरजीत, बब्लू, कमलेश, राहुल समेत 23 लोगों के साथ पंजाब के संगरूर जिले में खेड़ी गांव में धान की रोपाई करके अपने गांव लौट रहे थे। शिवकुमार ने बताया कि सभी लोगों ने 23 हजार रुपये में एक पिकअप किराए पर लेकर रविवार को रात करीब 8 बजे पंजाब से चले थे। सोमवार को तड़के करीब सवा 5 बजे जब पिकअप मुरादाबाद बाईपास पर पहुंची तो हाईवे पर खड़ी सफेद नीले रंग की इनोवा कार, जिस पर नीली बत्ती लगी थी।

हादसे के बाद बस के नीचे दबे मृतकों के शव।
हादसे के बाद बस के नीचे दबे मृतकों के शव।

'पैसे नहीं दोगे तो बड़ा नुकसान कर दूंगा'
इनोवा के पास कुछ छह लोग बाहर खड़े थे, जिनमें से एक-दो सादा कपड़ों में थे बाकी ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी। पुलिस वालों ने इशारा करके पिकअप को रुकवा लिया। गाड़ी रुकते ही एक वर्दी वाला और एक सादा कपड़े पहने व्यक्ति पिकअप ड्राइवर से डीएल और गाड़ी के कागज मांगने लगा। गाड़ी के कागजातों में कमी बताकर पुलिस वाले ने गाड़ी को सीज करने की धमकी दी। पुलिस वाले गाडी छोड़ने के नाम पर पैसों की मांग करने लगे। पुलिस वालों ने कहा कि यदि पैसे नहीं दोगे तो गाड़ी सीज कर देंगे। और भी बहुत कुछ नुकसान कर सकते हैं। पैसे तो देने ही पड़ेंगे।

बस रोकने के लिए उसके आगे खड़े हो गए थे पुलिसवाले
शिवकुमार ने मझोला थाने में दर्ज कराई एफआईआर में कहा है कि पुलिस वाले पिकअप चालक से पैसे वसूली की बात कर ही रहे थे कि तभी दिल्ली की तरफ से एक प्राइवेट सवारी बस आ गई। वर्दी वाले पुलिस वाला जोर से चिल्लाया, इस बस को रुकवाओ। इतना सुनते ही अचानक से पुलिस वाले बस को रुकवाने के लिए हाईवे पर उसके सामने आ गए। जिसकी वजह से बस अनियंत्रित हो गई और पिकअप से टकराते हुए डिवाइडर पर टकराई और दूसरी तरफ जाकर पलट गई।

बस चालक को लगा आरटीओ है और दौड़ा दी बस

डबल डेकर बस में सवार वीर सिंह पुत्र शंकर लाल निवासी बंजरिया थाना बिसौली ने बताया कि बस में 80 से अधिक लोग सवार थे। वीर सिंह ने बताया कि बस हिमाचल में हरियाणा बॉर्डर से बरेली के लिए चली थी। वीर सिंह वहां दवा कम्पनी में काम करते हैं। उन्होंने बताया कि बस चालक ने सफेद वर्दी में पुलिस वालों को देखा तो उसे लगा कि आरटीओ चेकिंग कर रहे हैं। बस में क्षमता से अधिक सवारियां थीं। इसलिए पुलिस ने जैसे ही रुकने का इशारा किया तुरंत ड्राइवर ने बस दौड़ा दी। बस पिकअप में जा घुसी और फिर हाइवे से टकराकर दूसरी तरफ पलट गई। बस में ज्यादातर लोग ऐसे हैं जो हिमाचल में मजदूरी और राजमिस्त्री का काम करने गए थे।

बस ने टक्कर मारी तो पिकअप दूर तक घिसटती चली गई
बस की टक्कर से पिकअप काफी दूर तक घिसटती हुई गई। जिसमें पिकअप सवार तीन लोगों की मौत हो गई। मौके पर मौजूद सादा कपड़े पहले एक पुलिस वाले की भी हादसे में मृत्यु हो गई। शिवकुमार ने एफआईआर में कहा है कि पुलिसवाले अपने साथी को भी मौके पर छोड़कर हादसे के तुरंत बाद वहां से भाग गए। बाद में पहुंची थाने की पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया।।

जिला अस्पताल में भर्ती घायल।
जिला अस्पताल में भर्ती घायल।

प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा- यहां पुलिस करती है अवैध वसूली, इसलिए होते हैं हादसे
राहुल कुमार ने बताया कि वे जंगल घूमने आए थे कि अचानक आवाज आई। यहां पहुंचे तो पता चला कि पुलिस चेकिंग कर रही थी। पुलिस ने पिकअप को रोका तो ड्राइवर ने स्पीड कम की। तभी पीछे से आई बस पिकअप से टकराकर पलट गई। मौके पर करीब 20 लोग घायल पड़े थे। चार की मौत हो चुकी थी। पवन ने बताया कि यहां पुलिस की वजह से आए दिन हादसे होते रहते हैं। यहां पुलिस गाड़ियों की चेकिंग करती है और अवैध वसूली करती है। इस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

घटना के बाद मौके पर पूछताछ करते पुलिस अफसर।
घटना के बाद मौके पर पूछताछ करते पुलिस अफसर।

पुलिस वहां क्यों थी होगी जांच: एसएसपी

एसएसपी पवन कुमार का कहना है कि प्राथमिक पड़ताल में पता चला है कि सफेद रंग की इंटरसेप्टर इनोवा कार में सवार 6 पुलिस वाले हाइवे पर वाहनों के कागज चेक कर रहे थे। इनकी लोकेशन के बारे में जांच की जा रही है। जो तथ्य आएंगे उनके मुताबिक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

एसपी सिटी ने 4 लोगों की मौत की पुष्टि की
एसपी सिटी अमित आनंद ने बताया कि पाकबड़ा थाना क्षेत्र में एक बस और पिकअप पलट गई है। 4 लोगों की मौत की जानकारी मिली है। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। जांच जारी है।

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