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मुरादाबाद के अस्पताल में हंगामा:ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में कपड़ा-कॉटन छोड़ने का आरोप, तीमारदारों ने किया हंगामा, डॉक्टर ने कहा- परिवार को गलतफहमी थी

मुरादाबाद4 महीने पहले
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मुरादाबाद के नर्सिंग होम में सोमवार रात को महिला के परिजन ने हंगामा किया। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत किया। - Dainik Bhaskar
मुरादाबाद के नर्सिंग होम में सोमवार रात को महिला के परिजन ने हंगामा किया। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत किया।

मुरादाबाद में गलशहीद क्षेत्र में स्थित एक अस्पताल में सोमवार की रात तीमारदार ने यह कहते हुए हंगामा शुरू कर दिया कि डाक्टर ने ऑपरेशन के दौरान उसकी पत्नी के पेट में कपड़ा और कॉटन छोड़ दिया है। हंगामा बढ़ा ताे पुलिस मौके पर पहुंची। करीब घंटाभर तक चले हंगामे के बाद महिला को शहर के एक दूसरे अस्पताल में भर्ती करा दिया गया।

गलशहीद थाना क्षेत्र में ईदगाह के पास रहने वाले मोहम्मद अजीम ने बताया कि करीब एक महीना पहले प्रिंस रोड स्थित डॉ अब्दुल हई और डॉ हुदा हिलाल के USRA हास्पिटल में उन्होंने अपनी पत्नी की सिजेरियन डिलीवरी कराई थी। अजीम का आरोप है कि डिलीवरी के बाद से ही उनकी पत्नी के पेट में दर्द रहने लगा। जब इस अस्पताल से आराम नहीं मिला तो उन्होंने दूसरे अस्पताल में दिखाया। अजीम कहते हैं कि डाक्टर ने अल्ट्रासाउंड और दूसरी जांचें कराने के बाद बताया कि उनकी पत्नी के पेट में कपड़ा और कॉटन छूट गई है। इस पर अजीम अपने परिचितों को लेकर सोमवार रात करीब आठ बजे अजीम अपनी पत्नी को लेकर अस्पताल पहुंचे और हंगामा किया।

तीमारदार को गलतफहमी हुई थी: डाक्टर
डॉ अब्दुल हई का कहना है कि महिला के पेट में कपड़ा या कॉटन छूटने की बात सही नहीं है। परिजनों को कुछ गलतफहमी हो गई थी तो उन्हें समझा दिया गया। डिलीवरी भी करीब एक महीना पहले हुई थी।

हंगामे के बाद दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया
हंगामे के बाद सोमवार रात को ही महिला को दिल्ली रोड पर एक दूसरे नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया गया। जहां महिला की जांचें और इलाज शुरू कर दिया गया है।

दोनों में समझौता हुआ: इंस्पेक्टर गलशहीद इंस्पेक्टर विजेंद्र सिंह राठी का कहना है कि मरीज के तीमारदारों और उनके डाक्टर के बीच आपस में फैसला हो गया है। पुलिस को कोई तहरीर नहीं मिली है।

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