बिजली चोरी रोकने के लिए पटियाला मॉडल:मुरादाबाद में घरों से हटाकर चौराहे के पोल पर लगाए जा रहे बिजली मीटर

मुरादाबाद2 महीने पहले
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मुरादाबाद में बिजली चाेरी रोकने के लिए पटियाला माॅडल लागू किया गया। जिन इलाकों में बिजली चोरी ज्यादा है वहां मीटरों को घरों से हटाकर गली के बाहर एक पोल पर लगाया जा रहा है। - Dainik Bhaskar
मुरादाबाद में बिजली चाेरी रोकने के लिए पटियाला माॅडल लागू किया गया। जिन इलाकों में बिजली चोरी ज्यादा है वहां मीटरों को घरों से हटाकर गली के बाहर एक पोल पर लगाया जा रहा है।

बिजली चोरी रोकने के लिए मुरादाबाद में पटियाला मॉडल लागू किया गया है। जिन इलाकों में बिजली चोरी ज्यादा है वहां बिजली मीटरों को घरों से उखाड़कर गली के बाहर पोल पर लगाया जा रहा है। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के चीफ इंजीनियर पंकज कुमार का कहना है कि यह योजना पूरे प्रदेश में अधिक बिजली चोरी वाले इलाकों में लागू की जा रही है। मुरादाबाद डिवीजन के सभी जिलों में भी इसे लागू किया गया है। जिन-जिन भी इलाकों में लाइन लॉस अधिक आ रहा है। वहां लोगों के घरों से मीटर उखाड़कर उन्हें गली के बाहर एक चौराहे पर बिजली पोल पर लगाया जा रहा है।

मुरादाबाद के गलशहीद क्षेत्र में मीटरों को घरों से हटाकर बाहर चौराहे पर लगाया जा रहा है।
मुरादाबाद के गलशहीद क्षेत्र में मीटरों को घरों से हटाकर बाहर चौराहे पर लगाया जा रहा है।

मुरादाबाद में गलशहीद क्षेत्र में शुरू हुआ प्रोजेक्ट

मुरादाबाद के गलशहीद थाना क्षेत्र में इस प्रोजेक्ट को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। गलशहीद में असालतपुरा क्षेत्र में फिलहाल करीब 10 गलियों में लगे बिजली मीटरों को घरों से हटाकर गली के बाहर शिफ्ट किया गया है। यह काम कटघर और मुगलपुरा थाना क्षेत्रों में भी शुरू हो रहा है।

चीफ बोले-इससे बिजली चोरी रुकेगी

चीफ इंजीनियर पंकज कुमार का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से बिजली चोरी पर अंकुश लगेगा। उन्होंने कहा कि पूरी गली के मीटर घरों से हटाकर गली के बाहर एक पोल पर लगा दिए जाएंगे तो लोग बिजली चोरी नहीं कर पाएंगे। चीफ इंजीनियर का कहना है कि फिलहाल अधिक बिजली चोरी वाले इलाकों में यह योजना शुरू की गई है, बाद में इसे पूरे शहर में लागू किया जाएगा।

क्या है पटियाला मॉडल

पटियाला में अधिक बिजली चोरी के मामले पकड़े जाने के बाद वहां विभाग ने बिजली मीटरों को घरों से हटाकर चौराहों पर लगा दिया था। इससे बिजली चोरी में काफी कमी आई थी। बिजली चोरी रोकने के इस मॉडल को तभी से पटियाला मॉडल के नाम से जाना जाता है।