मुरादाबाद में दादी को मार डाला:प्रॉपर्टी के लिए बुजुर्ग का गला घोंटा, फिर केरोसिन डालकर जलाया; बोला- उन्होंने सुसाइड कर लिया

मुरादाबादएक वर्ष पहले
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मृतका मंजू अग्रवाल। - फाइल फाटो। - Dainik Bhaskar
मृतका मंजू अग्रवाल। - फाइल फाटो।

मुरादाबाद में एक पोते ने प्रॉपर्टी के लिए अपनी 70 साल की दादी को गला घोंटकर मार डाला। हत्या को आत्महत्या की शक्ल देने के लिए उसने शव को केरोसिन डालकर जला दिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी कि दादी ने आग लगाकर आत्महत्या कर ली है, लेकिन पुलिस के सवालों में वह उलझ गया और पूरी सच्चाई उगल दी।

घटना बिलारी की देवधाम कॉलोनी में हुई। 70 साल की रिटायर ANM (सहायक नर्स मिडवाइफरी) मंजू अग्रवाल अपने पोते वैभव उर्फ सोना के साथ रहती थीं। सोना ने शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे पुलिस को सूचना दी। उसकी दादी मंजू ने खुद को आग लगाकर आत्महत्या कर ली है। पुलिस मौके पर पहुंची तो मंजू देवी का शव घर के भीतर बाथरूम में जली हुई अवस्था में पड़ा था। मौके पर पहुंचे CO देश दीपक सिंह ने फील्ड यूनिट को मौके पर बुला लिया।

पुलिस के सवालों में उलझा पोता
CO देशदीपक सिंह का कहना है कि पोता वैभव उर्फ सोना (22 साल) के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। घटना के समय घर में दादी और पोता ही थे। पोते से जब सवाल किए गए तो वह उलझ गया। उसने दादी के आत्महत्या कर लेने की कहानी पुलिस को सुनाई थी। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य इकट्ठा किए। तो पोते पर शक गहराता चला गया। इसके बाद पुलिस ने पोते सोना को हिरासत में ले लिया।

पोस्टमॉर्टम में गला घोंटने मारने की पुष्टि
CO बिलारी देश दीपक सिंह ने बताया कि पोस्टमॉर्टम में मौत की वजह स्ट्रेंगुलेशन आई है। यानी मंजू को पहले गला घोंटकर मारा गया। इसके बाद उनके शव को केरोसिन डालकर जलाया गया, ताकि घटना को आत्महत्या की शक्ल दी जा सके।

CO ने बताया कि घटना के पीछे प्रॉपर्टी का विवाद है। दादी मंजू अग्रवाल अपने पोते ही हरकतों से परेशान थीं। वह अपनी प्रॉपर्टी छोटे बेटे सचिन के नाम करना चाहती थीं। पोते को यह मंजूर नहीं था। इसलिए उसने वसीयत होने से पहले ही दादी को मार डाला।

बड़े बेटे ने 8 साल पहले कर ली थी आत्महत्या
CO ने बताया कि मृतका मंजू गुप्ता के 2 बेटे थे। उनके बड़े बेटे टीटू ने 8 साल पहले ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली थी। टीटू का बेटा सोना तभी से दादी के साथ ही रहता था। दादी ने उसे पाल पोसकर बड़ा किया था। जबकि मंजू गुप्ता का छोटा बेटा सचिन बिलारी में ही रुस्तमनगर में दूसरे मकान में अपने परिवार के साथ रहता है।

बेटी बोली- प्रॉपर्टी के लिए हुई हत्या
मंजू गुप्ता की बेटी अभिलाषा ने बताया कि उनकी मां ने मकान की वसीयत अपने पोते वैभव उर्फ सोना के नाम कर दी थी, लेकिन सोना का चाल चलन ठीक नहीं था। वह आए दिन अपनी दादी को भी परेशान करता था। जिसकी वजह से मंजू उसे धमकी भी देती थीं कि मकान की वसीयत से उसका नाम हटाकर छोटे बेटे सचिन के नाम कर देंगी।

अभिलाषा को शक है कि उनकी मां वसीयत को बदलना चाहती थीं, इसलिए पोते सोना ने उन्हें मार दिया। अभिलाषा ने अपने दूसरे भाई सचिन पर भी शक जाहिर किया है। उनका कहना है कि पुलिस ठीक से जांच करे ताकि उनकी मां के हत्यारों को सजा मिल सके।

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